Thane News: मुंबई से सटे ठाणे में 3 साल के मासूम ने केक की सजावट में छिपी मेटल पिन निगली, डॉक्टरों ने बिना सर्जरी कर ऐसे बचाई जान
महाराष्ट्र के ठाणे में एक 3 वर्षीय मासूम बच्चे ने अपने जन्मदिन के केक पर लगी सजावट की सामग्री में छिपी दो मेटल पिन निगल लीं. एक्सरे में पिन छोटी आंत में दिखने के बाद डॉक्टरों ने बच्चे को निगरानी में रखा.
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Thane News: महाराष्ट्र के ठाणे जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक तीन वर्षीय मासूम बच्चे ने अपने जन्मदिन के केक पर लगी सजावट सामग्री (Decorative Items) में छिपी दो धातु की पिन (Metal Pins) गलती से निगल लीं. इस घटना ने बच्चों के खिलौनों और खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाली गैर-खाद्य सामग्री (Non-edible items) की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि, करीब 48 घंटे के इलाज और डॉक्टरों की निगरानी के बाद बच्चे की जान सुरक्षित बचा ली गई है.
जन्मदिन का जश्न मेडिकल इमरजेंसी में बदला
यह घटना 31 मई की है, जब रेयांश नाम के बच्चे के लिए उसके परिवार ने एक 'स्पाइडरमैन थीम' आधारित बर्थडे पार्टी का आयोजन किया था. परिवार ने स्थानीय बेकरी से एक कस्टमाइज्ड बॉलिंग एली-थीम वाला केक ऑर्डर किया था. केक के ऊपर चॉकलेट से बने कुछ डेकोरेटिव बॉलिंग पिन्स लगाए गए थे. आरोप है कि इन चॉकलेट पिन्स को सीधा खड़ा रखने के लिए उनके अंदर मेटल वायर (धातु के तार) का सपोर्ट दिया गया था, जिसके बारे में बेकरी ने परिवार को कोई जानकारी नहीं दी थी. यह भी पढ़े: Thane News: ठाणे कोर्ट का बड़ा फैसला, नाबालिग छात्राओं के यौन शोषण मामले में ट्यूशन टीचर को 3 वर्ष की कठोर सजा
एक्स-रे में छोटी आंत के अंदर दिखीं पिन
रेयांश की मां स्नेहा शेलार के अनुसार, उन्होंने बेकरी को पहले ही बता दिया था कि केक छोटे बच्चों के लिए है. अगले दिन पार्टी में शामिल हुए बड़े बच्चों ने जब बची हुई सजावट सामग्री में मेटल की रॉड देखी, तो उन्होंने बड़ों को इसके बारे में बताया. रेयांश के माता-पिता ने डर के मारे तुरंत उसे जुपिटर अस्पताल पहुंचाया. डॉक्टरों ने जब बच्चे का एक्स-रे किया, तो माता-पिता की आशंका सच साबित हुई. एक्स-रे स्कैन में रेयांश की छोटी आंत के अंदर दो मेटल पिन फंसी हुई दिखाई दीं.
बिना सर्जरी के सुरक्षित बाहर निकलीं पिन
मामले की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सा विशेषज्ञों ने तुरंत सर्जरी न करने का फैसला लिया, क्योंकि पिन पहले ही आंतों के अंदर तक जा चुकी थीं. डॉक्टरों ने बच्चे को कड़ी निगरानी में रखा और प्राकृतिक रूप से मल के जरिए पिन के बाहर निकलने का इंतजार करने की सलाह दी.
रेयांश की मां ने सोशल मीडिया पर आपबीती साझा करते हुए बताया कि लगभग 48 घंटों की कड़ी निगरानी के बाद दोनों तार प्राकृतिक रूप से बाहर आ गए. उन्होंने लिखा, "रेयांश अब सुरक्षित है, लेकिन वे 48 घंटे मेरी जिंदगी के सबसे भयानक और डरावने पल थे."
बेकरी की लापरवाही पर उठे कानूनी सवाल
घटना के बाद पीड़ित परिवार ने इस मामले को लेकर कासरवडावली पुलिस स्टेशन से संपर्क किया. हालांकि, पुलिस ने उन्हें सूचित किया कि यह मामला खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण (Food Safety Authority) के अधिकार क्षेत्र में आता है. वहीं, खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के अधिकारियों का कहना है कि केक या चॉकलेट डेकोरेशन का सैंपल उपलब्ध न होने के कारण जांच आगे नहीं बढ़ सकी.
इस विषय पर उपभोक्ता अधिकार कार्यकर्ता शिरीष देशपांडे ने कहा कि उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत निर्माताओं और विक्रेताओं की यह जिम्मेदारी है कि वे त्रुटिपूर्ण उत्पादों या अपर्याप्त चेतावनियों के कारण होने वाले नुकसान की जवाबदेही लें. उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवार मानसिक उत्पीड़न और शारीरिक खतरे के लिए उपभोक्ता अदालत से मुआवजे की मांग कर सकते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 10, 2026 02:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

