आंखों में पानी और जुबां पर राधे-राधे: प्रेमानंद महाराज के सामने नतमस्तक हुए विरुष्का, मिला सुखी रहने का ‘मंत्र’
टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा के बाद मंगलवार को विराट कोहली अपनी पत्नी, अभिनेत्री अनुष्का शर्मा के साथ कृष्णनगरी मथुरा पहुंचे, जहां उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया. सात मिनट की मुलाकात के दौरान प्रेमानंद जी ने उन्हें सुखी रहने का मंत्र भी दिया. इस दौरान 'विरुष्का' की आंखों में पानी और जुबां पर राधे-राधे था.
मथुरा, 13 मई : टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा के बाद मंगलवार को विराट कोहली अपनी पत्नी, अभिनेत्री अनुष्का शर्मा के साथ कृष्णनगरी मथुरा पहुंचे, जहां उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया. सात मिनट की मुलाकात के दौरान प्रेमानंद जी ने उन्हें सुखी रहने का मंत्र भी दिया. इस दौरान 'विरुष्का' की आंखों में पानी और जुबां पर राधे-राधे था.
टेस्ट मैच से संन्यास लेने के बाद विराट-अनुष्का ने संत प्रेमानंद महाराज का आशीर्वाद लिया और अध्यात्म पर चर्चा की. वृंदावन स्थित राधाकेलीकुंज आश्रम पहुंचे 'विरुष्का' उनके सामने नतमस्तक नजर आए. महाराज जी ने उन्हें अध्यात्म का महत्व समझाते हुए सुखी रहने का मंत्र भी दिया. यह भी पढ़ें : जम्मू कश्मीर के अस्पताल ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान अनुपस्थित रहे कर्मचारियों का वेतन रोका
सेलिब्रिटी जोड़ी आश्रम में सात मिनट से ज्यादा रही, हालांकि, वे मीडिया से दूरी बनाते नजर आए. वे अपनी इनोवा से संत प्रेमानंद जी के आश्रम पहुंचे थे. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में प्रेमानंद महाराज सबसे पहले विराट-अनुष्का को बैठने के लिए कहते हैं और फिर पूछते हैं कि प्रसन्न तो हो? इस पर दोनों सिर हिलाकर कहते हैं, हां. इसके बाद महाराज कहते हैं कि हां, ठीक ही रहना चाहिए.
इसके बाद प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं, "हम आपको अपने प्रभु का विधान बताते हैं कि जब प्रभु किसी पर कृपा करते हैं तो क्या होता है. वैभव मिलना कृपा नहीं है, यह पुण्य है. पुण्य से एक घोर पापी को भी बल मिल जाता है, पाप करके भी उनका कोई पुण्य है जिसे वह भोग रहा है. ये वैभव या यश का बढ़ना भगवान की कृपा नहीं मानी जाती है. अंदर के चिंतन से ही सबकुछ बदलता है. इससे आपके कई जन्मों के कर्म भस्म हो जाते हैं और अगला जो आता है, वह उत्तम होता है."
उन्होंने बताया, "आज के समय में लोग केवल बाहरी चिंतन देखते हैं, अंदर के चिंतन पर कोई ध्यान नहीं देता है. कोई विरला ही इस पर ध्यान देता है. भगवान जब कृपा करते हैं तो संत समागम होता है. उनकी कृपा होने से अंदर से रास्ता मिलता है, जिसे शांति का रास्ता कहते हैं. बिना किसी लोभ के इंसान सरल बन जाता है और उसमें वैराग्य की भावना आ जाती है."
उन्होंने कहा, "बिल्कुल ऐसे रहो जैसे रह रहे हो, सांसारिक बनकर रहो, लेकिन अंदर का चिंतन आपका बदल रहा है. अंदर के चिंतन में आपके यश की भावना न रह जाए. अंदर के चिंतन में आपको धन बढ़ाने की भावना न रह जाए. अंदर का चिंतन हो कि हे प्रभु, इस जन्म में बहुत समय व्यतीत हो गया. अब एक बार आपसे मिलना चाहते हैं. प्रभु, मुझे आप चाहिए, अब संसार नहीं... तो बात बन जाएगी. तो इसलिए आनंदपूर्वक भगवान का नाम जप करो."
कोहली इससे पहले भी प्रेमानंद जी से मुलाकात के लिए मथुरा जा चुके हैं. यह तीसरी बार है जब वह संत प्रेमानंद से मुलाकात के लिए पहुंचे हैं. इससे पहले वह इसी साल 10 जनवरी को वृंदावन गए थे. संत प्रेमानंद से पहली मुलाकात कोहली ने 4 जनवरी 2023 को की थी.
भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली ने सोमवार को सोशल मीडिया पर टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी. कोहली ने खेल के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए अपने जुनून, इस प्रारूप से मिली सीख और अपने 14 साल के शानदार सफर को भी प्रशंसकों के साथ साझा किया. विराट ने पोस्ट में यह भी बताया कि सफेद जर्सी में खेलना उनके लिए हमेशा से खास रहा है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 13, 2025 05:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

