Tamil Nadu Private Bus Strike: तमिलनाडु में निजी बस ऑपरेटरों की आज 24 घंटे की हड़ताल, जानें क्या हैं उनकी मुख्य मांगें

निजी बस ऑपरेटरों ने 2 अक्टूबर से लागू होने वाले 'मुफ्त महिला यात्रा योजना' के विस्तार पर भी कड़ा एतराज जताया है. सरकारी परिवहन उपक्रमों को मुफ्त यात्रा से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सरकार से सब्सिडी मिलती है, जबकि निजी बस चालकों को ऐसी कोई वित्तीय सहायता नहीं दी जाती.

Tamil Nadu Private Bus Strike:  तमिलनाडु में चेन्नई, मदुरै, नागपट्टिनम और उदगमंडलम (ऊटी) को छोड़कर राज्यभर के निजी बस ऑपरेटरों ने 29 सितंबर की मध्यरात्रि से 24 घंटे की सांकेतिक हड़ताल का ऐलान किया है. यह हड़ताल मुख्य रूप से साल 2018 के बाद से बस किरायों में संशोधन न होने और सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा योजना के आगामी विस्तार के विरोध में बुलाई गई है. हड़ताल के कारण राज्यभर के कई जिलों में दैनिक यात्रियों को परिवहन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.

लगातार बढ़ता आर्थिक संकट और पुराना किराया

फेडरेशन ऑफ बस ऑपरेटर एसोसिएशन ऑफ तमिलनाडु के अध्यक्ष के. थंगराज और सचिव डी.आर. धर्मराज ने बताया कि राज्य में करीब 7,000 निजी बसें संचालित होती हैं. यह क्षेत्र लगभग 3 लाख लोगों को रोजगार देता है और रोजाना लाखों यात्रियों को सेवाएं प्रदान करता है. हालांकि, बढ़ते परिचालन खर्चों और स्थिर किरायों के कारण यह उद्योग भारी वित्तीय घाटे से जूझ रहा है.   यह भी पढ़े:   Mumbai BEST Bus Strike: मुंबई में बेस्ट कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू; बस सेवा और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका, जानें क्या हैं प्रमुख मांगें

एसोसिएशन ने याद दिलाया कि मद्रास उच्च न्यायालय ने मार्च 2023 में राज्य सरकार को हितधारकों के साथ परामर्श कर किराया समीक्षा पर निर्णय लेने का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.

मुफ्त यात्रा योजना के विस्तार का विरोध

निजी बस ऑपरेटरों ने 2 अक्टूबर से लागू होने वाले 'मुफ्त महिला यात्रा योजना' के विस्तार पर भी कड़ा एतराज जताया है. सरकारी परिवहन उपक्रमों को मुफ्त यात्रा से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सरकार से सब्सिडी मिलती है, जबकि निजी बस चालकों को ऐसी कोई वित्तीय सहायता नहीं दी जाती.

संघ का कहना है कि इस योजना के विस्तार से निजी बस ऑपरेटरों की आर्थिक स्थिति और बिगड़ जाएगी. उनकी मांग है कि सरकार मुफ्त यात्रा योजना को निजी बसों में भी लागू करे और इसके बदले ऑपरेटरों को उचित सब्सिडी प्रदान करे.

यह 24 घंटे की हड़ताल 29 सितंबर मध्यरात्रि से शुरू होकर 30 सितंबर मध्यरात्रि तक जारी रहेगी, जिससे प्रभावित जिलों में यात्री सेवाओं पर असर पड़ना तय माना जा रहा है

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