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Surya Grahan 2020: सूर्य ग्रहण के बावजूद आज खुला रहेगा आंध्र प्रदेश का श्रीकालहस्ती मंदिर

श्रीकालहस्ती मंदिर के कार्यकारी अधिकारी ने सूचना जारी करते हुए कहा कि श्रीकालहस्ती मंदिर कल खुला रहेगा. विशेष 'अभिषेकम' सुबह 10:18 बजे से सुबह 11:45 बजे तक किया जाएगा. भक्तों से मंदिर आने का अनुरोध किया जा रहा है. हर घंटे 300-400 भक्तों को जाने की अनुमति दी जाए

Surya Grahan 2020: सूर्य ग्रहण के बावजूद आज खुला रहेगा आंध्र प्रदेश का श्रीकालहस्ती मंदिर
श्रीकालहस्ती मंदिर (Photo Credits: ANI)

Surya Grahan 2020: सूर्य ग्रहण के चलते आज देश के सभी मंदिर ग्रहणकाल समाप्त होने तक बंद रहेंगे. लेकिन आंध्र प्रदेश का श्रीकालहस्ती मंदिर (Srikalahasti Temple) खुला रहेगा. मंदिर के कार्यकारी अधिकारी चंद्रशेखर रेड्डी (Chandrasekhar Reddy) ने एक सूचना जारी करते हुए भक्तों से अनुरोध करते हुए कहा कि रविवार को श्रीकालहस्ती मंदिर लोगों के लिए खुला रहेगा. भक्त रविवार को मंदिर आकर पूजा कर सकते हैं. रेड्डी ने बताया कि इस खास दिन मंदिर में विशेष पूजा 'अभिषेकम' (Special Abhishekam) का आयोजन किया गया है. मंदिर में यह विशेष पूजा सुबह 10:18 बजे से सुबह के 11:45 बजे तक किया जाएगा. पूजा पाठ के लिए हर एक घंटे में 300-400 भक्त को मंदिर में जाने की अनुमति होगी.

रेड्डी ने भक्तों से अनुरोध करते हुए कहा है कि लोग मंदिर आकर पूजा पाठ करें. लेकिन कोरोना वायरस से जुड़े सभी सावधानियों को पालन किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि मंदिर आने पर लोगों को मास्क के साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग आदि मानदंडों का पालन करना चाहिए. इससे साथ ही मंदिर आते समय बुजुर्ग और बच्चों को लेकर मंदिर ना आये. उन्होंने कहा कि पहले ही तरह राहु, केतु पूजा भी आयोजित की जाएगी. वहीं मंदिर की तरफ से बताया गया है कि मंदिर में हर दिन चार बार विशेष पूजा अभिषेकम का आयोजन होता है. लेकिन सूर्य ग्रहण के चलते रविवार को सिर्फ एक बार विशेष पूजा 'अभिषेकम' का आयोजन होगा. यह भी पढ़े: Surya Grahan 2020: चेन्नई में रविवार को आंशिक सूर्य ग्रहण दिखेगा, जानिए समय

सूर्य ग्रहण के दिन भी  श्रीकालहस्ती मंदिर खुला रहेगा:

श्रीकालहस्ती मंदिर हिन्दू धर्म में प्रमुख मंदिरों में आंध्र प्रदेश के श्रीकालहस्ती शहर में स्थित है. इस मंदिर को के बारे में हिन्दू धर्म में मान्यता है कि यह भगवान शिव के सबसे महत्वपूर्ण मंदिरों में से एक है. यह मंदिर तिरुपति से करीब 36 किलोमीटर की दूरी पर है और यह प्रसिद्ध वायु लिंग का स्थल है, जो 5 तत्वों में से एक का प्रतीक है, यह मंदिर पंचमहाभूत में से एक तत्व पवन या वायु से जुड़ा है. जिस मंदिर में दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालू हर दिन आते-जातें हैं. भक्तों की मान्यता है कि भगवान श्रीकालहस्ती के दर्शन से उनकी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 21, 2020 12:26 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).