दिल्ली: विजय माल्या की समीक्षा याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में फैसला सुरक्षित

सर्वोच्च न्यायालय ने भगोड़े कारोबारी विजय माल्या की दायर की गई याचिका पर गुरुवार को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है. माल्या ने कोर्ट के 2017 के फैसले के खिलाफ याचिका लगाई थी जिसमें उनको अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया गया था. सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में चल रही सुनवाई से जुड़ा एक दस्तावेज फाइलों से गायब हो गया था.

विजय माल्या (Photo Credits: Getty Images)

नई दिल्ली, 27 अगस्त: सर्वोच्च न्यायालय ने भगोड़े कारोबारी विजय माल्या (Vijay Mallya) की दायर की गई याचिका पर गुरुवार को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है. माल्या ने कोर्ट के 2017 के फैसले के खिलाफ याचिका लगाई थी जिसमें उनको अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया गया था. माल्या ने अदालत के आदेश पर अपनी संपत्ति का पूरा लेखा-जोखा सच्चाई से नहीं बताया था, लिहाजा शीर्ष अदालत ने उसे अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया था.

इसके अलावा माल्या को अदालत के आदेश का उल्लंघन कर अपने खाते से 40 मिलियन डॉलर की रकम निकालने का भी दोषी पाया गया. जबकि माल्या पर खातों से पैसे निकालने पर रोक लगाई गई थी. सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में चल रही सुनवाई से जुड़ा एक दस्तावेज फाइलों से गायब हो गया था.

यह भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट में विजय माल्या मामले से संबंधित दस्तावेज गायब, अगली सुनवाई 20 अगस्त को

जिसके बाद जस्टिस यू.यू. ललित और अशोक भूषण की पीठ ने 20 अगस्त तक के लिए सुनवाई स्थगित कर दी थी. क्योंकि इस मामले में शामिल सभी पार्टियों ने नई प्रतियां दाखिल करने के लिए और समय मांगा था. पीठ ने कहा है कि स्पष्टीकरण को दो सप्ताह के भीतर प्रस्तुत किया जाए. साथ ही कहा गया कि "उसके बाद समीक्षा की याचिका पर मेरिट के आधार पर विचार किया जाएगा".

Share Now

संबंधित खबरें

Supreme Court on Abetment to Suicide: लिव-इन पार्टनर से शादी से इनकार आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं; सुप्रीम कोर्ट ने छह आरोपियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही की रद्द

‘अपराधियों में ऐसा खौफ पैदा करें कि दोबारा सोचने की हिम्मत न हो’: दिल्ली में दुष्कर्म की घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट की पुलिस को सख्त हिदायत

'यह संविधान के मूल पर सीधा प्रहार है': मताधिकार छीनने पर बोले सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुइयां; 'बिना नोटिस और सुनवाई के वोटर लिस्ट से नाम नहीं कट सकता'

Social Media Ban for Minors: क्या भारत में 18 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लगेगा बैन? सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने दिए कड़े नियमों के संकेत