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सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा, मीडिया के खिलाफ शिकायत करना बंद करें

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि संवैधानिक अधिकारी शिकायत करने और मीडिया पर संदेह करने के बजाय इससे बेहतर कुछ और कर सकते हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा, मीडिया के खिलाफ शिकायत करना बंद करें
सुप्रीम कोर्ट (File Photo)

नई दिल्ली, 6 मई : सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुरुवार को कहा कि संवैधानिक अधिकारी शिकायत करने और मीडिया पर संदेह करने के बजाय इससे बेहतर कुछ और कर सकते हैं. शीर्ष अदालत ने यह टिप्पणी चुनाव आयोग की उस याचिका पर अपने फैसले में की, जिसमें मद्रास उच्च न्यायालय (Madras High Court) ने मीडिया रिपोटरें के बारे में शिकायत करते हुए कहा था कि कोविड के बीच राजनीतिक रैलियों को रोकने के लिए हत्या के लिए मामला दर्ज किया जाना चाहिए.

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा, "न्यायालयों में खुली पहुंच संवैधानिक स्वतंत्रता के लिए एक मूल्यवान सुरक्षा है. प्रेस की स्वतंत्रता अभिव्यक्ति और अभिव्यक्ति की संवैधानिक स्वतंत्रता का एक पहलू है." शीर्ष अदालत ने कहा कि मीडिया को अदालती कार्यवाही से रिपोटिर्ंग करने से रोकने के लिए चुनाव आयोग की प्रार्थना में कोई भी ठोस शिकायत नहीं पाया गया है और न्यायपालिका को जवाबदेह ठहराना आवश्यक है. शीर्ष अदालत ने यह भी देखा कि मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा की गई टिप्पणी कठोर और रूपक अनुचित थी और न्यायिक संयम आवश्यक था. यह भी पढ़ें : दिल्ली: पिछले 24 घंटों में COVID से 335 मौतें, 19,133 नए मामले

शीर्ष अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि अदालत की सुनवाई के दौरान न्यायाधीशों द्वारा की गई मौखिक टिप्पणियों की रिपोटिर्ंग से मीडिया को रोका नहीं जा सकता. शीर्ष अदालत ने कहा, ' हम मीडिया को रिपोर्ट करने से नहीं रोक सकते. संवैधानिक अधिकारी मीडिया के लिए शिकायत करने से बेहतर कुछ और कर सकते हैं. शीर्ष अदालत ने नोट किया कि ' उच्च न्यायालय लगातार जमीनी हकीकत के संपर्क में हैं और महामारी के दौरान उन्होंने महान काम किया है और मामलों की स्थिति पर पीड़ा का अनुभव किया है. '

न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि आज चुनाव आयोग के कार्यों की संवैधानिकता तय करने के लिए अदालत को नहीं बुलाया गया है. शीर्ष अदालत ने कहा, हम पाते हैं कि उच्च न्यायालय को कोविड के बढ़ते मामलों का सामना करना पड़ा और नागरिकों की सुरक्षा के लिए कर्तव्य के साथ निरस्त किया गया. 26 अप्रैल को मद्रास उच्च न्यायालय ने महामारी की दूसरी लहर के बीच कोविड मामलों में वृद्धि के लिए चुनाव आयोग को उकसाया था. उच्च न्यायालय ने इसे वायरल संक्रमण के प्रसार के लिए जिम्मेदार ठहराया और इसे सबसे गैर-जिम्मेदार संस्थान कहा. उच्च न्यायालय ने कहा था कि उसके अधिकारियों पर हत्या के आरोपों के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है.

(The above story first appeared on LatestLY on May 06, 2021 03:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).