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सुप्रीम कोर्ट ने की त्रिपुरा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर न्यायमूर्ति अकील कुरैशी की अनुशंसा

उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम ने अपने पूर्व के निर्णय में संशोधन करते हुए त्रिपुरा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर न्यायमूर्ति अकील कुरैशी को पदोन्नत किए जाने की अनुशंसा की है. इससे पहले कॉलेजियम ने उन्हें मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश बनाने की अनुशंसा की थी.

सुप्रीम कोर्ट ने की त्रिपुरा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर न्यायमूर्ति अकील कुरैशी की अनुशंसा
न्यायमूर्ति अकील कुरैशी (Photo Credits: IANS)

उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम (Supreme Court Collegium) ने अपने पूर्व के निर्णय में संशोधन करते हुए त्रिपुरा उच्च न्यायालय (Tripura High Court) के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर न्यायमूर्ति अकील कुरैशी (Akil Kureshi) को पदोन्नत किए जाने की अनुशंसा की है. इससे पहले कॉलेजियम ने उन्हें मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश बनाने की अनुशंसा की थी.

शीर्ष अदालत की आधिकारिक वेबसाइट पर शुक्रवार देर शाम अपलोड किए गए कॉलेजियम के प्रस्ताव में कहा गया कि त्रिपुरा उच्च न्यायालय के लिए न्यायमूर्ति कुरैशी के नाम की अनुशंसा में संशोधन करने का फैसला पांच सितंबर को हुई कॉलेजियम की बैठक में लिया गया.

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इससे पहले शीर्ष अदालत ने न्यायमूर्ति कुरैशी को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए जाने की अनुशंसा की थी लेकिन केंद्र ने उस पर कुछ आपत्तियां जताई थी. बाद में गुजरात उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ (जीएचसीएए) ने एक याचिका दाखिल कर दावा किया था कि न्यायमूर्ति कुरैशी का नाम केंद्र द्वारा अधिसूचित नहीं किया गया जबकि कॉलेजियम ने 10 मई को ही उनके नाम की अनुशंसा की थी.

शीर्ष अदालत ने 16 सितंबर को सुनवाई के दौरान कहा कि कॉलेजियम ने न्यायमूर्ति कुरैशी की पदोन्नति पर फैसला ले लिया है और इसे जल्द ही अपलोड कर दिया जाएगा. हालिया प्रस्ताव में कहा गया है, "ये कॉलेजियम 10 मई, 2019 की बैठक के कार्य विवरणों के जरिए श्रीमान न्यायमूर्ति ए ए कुरैशी, गुजरात उच्च न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायाधीश को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त करने की अनुशंसा करती है."

इसमें कहा गया, "सरकार को भेजी गई उक्त अनुशंसा को सहायक सामग्री के साथ ही दो पत्रों दिनांक 23 अगस्त, 2019 और 27 अगस्त, 2019 के जरिए प्रधान न्यायाधीश को वापस भेजा गया. न्याय विभाग की ओर से प्राप्त इन पत्रों और सामग्री को इस कॉलेजियम के समक्ष रखा गया."

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 21, 2019 01:55 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).