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Sukhdev Singh Gogamedi Murder: करणी सेना अध्यक्ष की हत्या के खिलाफ राजस्थान बंद, पत्‍नी ने कहा- विरोध जारी रहेगा

जयपुर में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के बाद प्रदर्शनकारियों की मांगों को लेकर गतिरोध बुधवार को भी सुलझ नहीं सका. पहले दावा किया जा रहा था कि मांगों पर सहमति बन गई है और जल्द ही हड़ताल खत्म करने की घोषणा कर दी जाएगी.

Sukhdev Singh Gogamedi Murder: करणी सेना अध्यक्ष की हत्या के खिलाफ राजस्थान बंद, पत्‍नी ने कहा- विरोध जारी रहेगा

जयपुर, 7 दिसंबर : जयपुर में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी (Sukhdev Singh Gogamedi) की हत्या के बाद प्रदर्शनकारियों की मांगों को लेकर गतिरोध बुधवार को भी सुलझ नहीं सका. पहले दावा किया जा रहा था कि मांगों पर सहमति बन गई है और जल्द ही हड़ताल खत्म करने की घोषणा कर दी जाएगी. लेकिन, गोगामेड़ी की पत्‍नी ने मांगें पूरी होने तक धरना जारी रखने का ऐलान किया है. मंगलवार को जयपुर के श्याम नगर इलाके में दो हमलावरों ने गोगामेड़ी के घर में घुसकर उन पर गोलियां चला दीं. उन्हें मानसरोवर के मेट्रो मास अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर उनके समर्थक मंगलवार से धरने पर बैठे हैं. बुधवार शाम को गोगामेड़ी की पत्‍नी शिला शेखावत ने विरोध स्थल पर एक संबोधन में कहा, "मेरी मांग है कि जब तक आरोपियों को हमारे सामने नहीं लाया जाता, तब तक विरोध जारी रहेगा."

भावुक होते हुए उन्होंने कहा, "सुखदेव सिंह ने हर काम पूरी लगन से किया है और अब मेरी इस मांग को भी उसी लगन से पूरा करना है." इसके बाद प्रदर्शनकारी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए. राज्य के हालात को देखते हुए राज्यपाल कलराज मिश्र ने मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी और जयपुर पुलिस कमिश्नर को राजभवन बुलाया और राज्य में कानून व्यवस्था की विशेष समीक्षा की. प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल और प्रशासन के बीच हुई चर्चा में जिन मांगों पर सहमति बनी है, उनमें मामले की एनआईए से जांच कराने की सिफारिश करना, लगातार धमकियों के बावजूद गोगामेड़ी को पुलिस सुरक्षा मुहैया नहीं कराने में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका को उजागर करना, न्यायिक जांच शामिल है. इसकी जांच उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. यह भी पढ़ें : Mahadev App Cases: महादेव ऐप मामले के आरोपी के पिता छत्तीसगढ़ में मृत पाए गए, पुलिस को आत्महत्या का अंदेशा

जांच के बाद मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाएगी, जबकि घटना से पहले और बाद में लापरवाही को लेकर विभागीय जांच कराई जाएगी. इस विभागीय जांच के दौरान थाना अधिकारी और बीट में तैनात कार्मिकों का तबादला पुलिस लाइन जयपुर कर दिया जाएगा. गोगामेड़ी के परिवार को आर्थिक सहायता देने और सरकारी नौकरी देने के लिए राज्य सरकार से सिफारिश की जाएगी. घटना में घायल अजीत सिंह के परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार से अनुशंसा की जाएगी.

गोगामेड़ी के परिवार के सदस्यों को जयपुर में पुलिस आयुक्तालय और हनुमानगढ़ जिले में जिला पुलिस द्वारा उच्च सुरक्षा प्रदान की जाएगी, जयपुर और हनुमानगढ़ में रहने वाले उनके परिवार के सदस्यों को हथियार लाइसेंस आवेदन के 10 दिनों के भीतर स्वीकृत किया जाएगा, और मामले के सभी गवाह जयपुर कमिश्‍नरेट या संबंधित जिले से सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी. यह भी निर्णय लिया गया कि चूंकि गोगामेड़ी की हत्या करने वाले गिरोह के निशाने पर राजपूत समाज के कई लोग हैं, इसलिए 7 दिन के भीतर उनकी खतरे की स्थिति का आकलन किया जाएगा और उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाएगी.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 07, 2023 08:44 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).