यूपी की चीनी मिलें अब गन्ने से बनाएंगी एथेनाल, किसानों को समय पर मिलेगा मूल्य
देश में सर्वाधिक गन्ना उत्पादन करने वाले उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों द्वारा गन्ने से एथेनाल बनाने से ना सिर्फ पर्यावरण अनुकूल ईंधन मिलेगा बल्कि गन्ना किसानों को समय से उचित मूल्य का भुगतान भी किया जा सकेगा.
लखनऊ: देश में सर्वाधिक गन्ना उत्पादन करने वाले उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों द्वारा गन्ने से एथेनाल बनाने से ना सिर्फ पर्यावरण अनुकूल ईंधन मिलेगा बल्कि गन्ना किसानों को समय से उचित मूल्य का भुगतान भी किया जा सकेगा. सरकार के एक प्रवक्ता ने भाषा को बताया, ''गन्ने के उत्पादन में रिकार्ड बढ़ोतरी हुई है. गन्ना उत्पादन में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है. चीनी मिलों को गन्ने से एथेनॉल बनाने की अनुमति देने से किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव आएगा.'' उन्होंने कहा कि इससे किसानों को गन्ने के उचित मूल्य का समय से भुगतान हो सकेगा.
उल्लेखनीय है कि सरकार ने सीधा गन्ने से एथेनॉल बनाने की मंजूरी दे दी है. प्रवक्ता ने कहा कि इस बार गन्ना साढे़ 33 हजार करोड रूपये का गन्ना किसानों से खरीदा गया गया है. उन्होंने कहा, ''2015-16 में 64 करोड कुंतल गन्ने की पेराई पूरे प्रदेश में की गयी थी. इस बार 111 करोड कुंतल गन्ने की पेराई की गयी है.''
प्रवक्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश पूरे देश के चीनी उत्पादन में 38 प्रतिशत का योगदान करता है.उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकार के समय के बकाये 4500 करोड रूपये का भुगतान गन्ना किसानों को कर दिया गया है. इस बार भी गन्ना किसानों को 25 हजार 460 करोड रूपये का भुगतान किया जा चुका है.
प्रवक्ता ने कहा कि केन्द्र सरकार की नई नीतियों के कारण देश से 50 लाख मीट्रिक टन चीनी का निर्यात होगा. उत्तर प्रदेश में पांच लाख हेक्टेअर कृषि क्षेत्र में गन्ने का उत्पादन बढ गया है.
उन्होंने बताया कि प्रदेश में पिछले एक महीने में 50 खण्डसारी लाइसेन्स दिये गये. इसके अलावा 165 वर्तमान खण्डसारी इकाइयों के साथ पूरे प्रदेश की खण्डसारी इकाइयों ने चार नयी बनने वाली चीनी मिलों के बराबर चीनी का उत्पादन शुरु कर दिया है.
प्रवक्ता ने बताया कि 1996 में 1082 खण्डसारी इकाइयां उत्तर प्रदेश में काम कर रही थीं जो धीरे-धीरे खत्म हो गयीं. सरकार ने किसानों की जागरुकता देखते हुए हर चीनी मिल से 15 किलोमीटर की दूरी पर किसी खण्डसारी के स्थापित होने की व्यवस्था में परिवर्तन कर अब किसी भी चीनी मिल से साढे सात किलोमीटर की दूरी पर इसे स्थापित करने की नई व्यवस्था लागू की है.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 28, 2018 12:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

