Gurugram Waterlogging: गुरुग्राम में बारिश और जलभराव के बीच स्कूल बसों के लिए सख्त गाइडलाइंस जारी; रूट पर तैनात होंगी क्रेन, नियमों का उल्लंघन पड़ेगा भारी
गुरुग्राम में भारी बारिश के बाद गंभीर जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए नए और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं. उपायुक्त उत्तम सिंह की अध्यक्षता में हुई अंतर-विभागीय बैठक में तय किया गया कि जलभराव वाले मार्गों और अंडरपासों से स्कूल बसें नहीं गुजरेंगी. इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस दिन में तीन बार रियल-टाइम अलर्ट जारी करेगी और संवेदनशील प्वाइंट्स पर क्रेन व टो-वाहन तैनात रहेंगे.
गुरुग्राम: मानसून के दौरान भारी बारिश और सड़कों पर जलभराव के चलते स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए गुरुग्राम जिला प्रशासन ने स्कूल बसों के संचालन को लेकर सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की है. जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) के अध्यक्ष और उपायुक्त उत्तम सिंह की अध्यक्षता में आयोजित अंतर-विभागीय समन्वय बैठक में ये नए दिशा-निर्देश तय किए गए.
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिकूल मौसम के दौरान किसी भी स्थिति में बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा और सभी संबंधित विभागों को रियल-टाइम समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं. यह भी पढ़ें: Gurugram: गुरुग्राम के सेक्टर 9 में भारी बारिश से धंसी सड़क, गड्ढे में समाया सीमेंट से लदा ट्रक (Video)
रियल-टाइम ट्रैफिक अपडेट: दिन में तीन बार जारी होंगे अलर्ट
नए नियमों के अनुसार, गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस और स्कूल प्रबंधन के बीच सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जाएगा:
- तय समय पर अपडेट: बारिश या मौसम विभाग के अलर्ट वाले दिनों में ट्रैफिक पुलिस सुबह 5:30 बजे, सुबह 10:30 बजे और दोपहर 12:30 बजे रूट वार जलभराव की स्थिति का बुलेटिन जारी करेगी.
- फ्लैश अलर्ट: अचानक सड़क बंद होने या जलभराव की स्थिति में 30 मिनट के भीतर फ्लैश अपडेट स्कूलों और ट्रांसपोर्ट प्रभारियों तक पहुंचाया जाएगा.
- वैकल्पिक मार्ग: यदि मुख्य मार्ग पर पानी भरा हो तो बसें केवल सुरक्षित वैकल्पिक रास्तों से ही चलेंगी. सुरक्षित रास्ता न होने पर बच्चों को स्कूल परिसर में ही स्टाफ की देखरेख में रखा जाएगा और अभिभावकों को तुरंत सूचित किया जाएगा.
गुरुग्राम स्कूल दिशानिर्देश
जलभराव वाले बस स्टॉप पर बच्चे नहीं छोड़े जाएंगे
प्रशासन ने बस चालकों और परिचालकों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं:
- अभिभावकों को ही सुपुर्दगी: बच्चों को जलभराव वाले, असुरक्षित या सुनसान बस स्टॉप पर नहीं उतारा जाएगा. उन्हें केवल माता-पिता या अधिकृत अभिभावक को ही सौंपा जाएगा.
- स्टाफ एस्कॉर्ट अनिवार्य: प्रत्येक स्कूल बस में एक महिला/पुरुष स्टाफ एस्कॉर्ट और पर्याप्त पीने के पानी की व्यवस्था होनी चाहिए.
- अंडरपास से दूरी: चालकों को जलभराव वाले अंडरपास और निचले रास्तों से बसें न निकालने के सख्त निर्देश दिए गए हैं. रूट या समय में किसी भी बदलाव की पूर्व सूचना एसएमएस या स्कूल ऐप के जरिए अभिभावकों को देना अनिवार्य होगा.
संवेदनशील चौराहों पर टो-वाहन और हरियाणा रोडवेज की बैकअप बसें
स्कूल के पीक ऑवर्स (सुबह 7 से 9 बजे और दोपहर 12 से 3 बजे) के दौरान स्कूल बसों की निर्बाध आवाजाही के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं:
- मुख्य मार्गों और संवेदनशील जलभराव स्थलों पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी और टो-वेहिकल (क्रेन) तैनात रहेंगे.
- यदि कोई स्कूल बस जलभराव में फंसती या खराब होती है, तो बच्चों को तुरंत सुरक्षित निकालने के लिए चुनिंदा स्थानों पर हरियाणा रोडवेज की बसें स्टैंडबाय पर रहेंगी.
बेसमेंट में बच्चों को बैठाने पर रोक, बिजली सुरक्षा पर जोर
गाइडलाइंस में स्कूलों के आंतरिक बुनियादी ढांचे को लेकर भी कड़े निर्देश शामिल हैं:
- बेसमेंट पर पाबंदी: भारी बारिश के दौरान विद्यार्थियों को स्कूल के बेसमेंट या निचले इलाकों में स्थित कमरों में नहीं रखा जाएगा.
- विद्युत सुरक्षा: स्कूल परिसरों और बस रूटों के आसपास खुले तारों और बिजली के पैनलों का नियमित सुरक्षा निरीक्षण अनिवार्य किया गया है.
- अधिकारियों की जवाबदेही: जीएमडीए (GMDA), एमसीजी (MCG), एचएसवीपी (HSVP) और लोक निर्माण विभाग (PWD) को स्कूल मार्गों पर जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने का जिम्मा सौंपा गया है. अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) सोनू भट्ट इन नियमों के अनुपालन की साप्ताहिक समीक्षा करेंगे.