Haldwani Shocking: 'तनाव कम करने के लिए चुराता था महिलाओं के कपड़े', हल्द्वानी में विदेश से लौटा छात्र गिरफ्तार; CCTV से खुला राज
उत्तराखंड के हल्द्वानी में पुलिस ने रात के अंधेरे में घरों की दीवारें फांदकर महिलाओं के कपड़े चुराने वाले एक पढ़े-लिखे युवक को गिरफ्तार किया है. आरोपी ने पूछताछ में दावा किया है कि वह मानसिक तनाव से जूझ रहा है और कपड़े चुराने से उसे मानसिक शांति मिलती थी. पुलिस मामले की जांच कर रही हैं.
हल्द्वानी: उत्तराखंड (Uttarakhand) के नैनीताल (Nainital) जिला अंतर्गत हल्द्वानी (Haldwani) शहर से एक बेहद ही चौंकाने वाला और अजीबोगरीब मामला सामने आया है. स्थानीय पुलिस ने नवाबी रोड स्थित महेश नगर इलाके में देर रात घरों में घुसकर महिलाओं के अंतःवस्त्र और कपड़े चुराने के आरोप में एक पढ़े-लिखे युवक को गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान कुसूमखेड़ा के समीर विहार निवासी निकेत सिंह बिष्ट के रूप में हुई है. पुलिस पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह विदेश से पढ़ाई करके लौटा है और पिछले कुछ समय से गंभीर मानसिक तनाव से गुजर रहा है। उसने बताया कि इन अजीब हरकतों को करने से उसे मानसिक शांति और तनाव से राहत मिलती थी. यह भी पढ़ें: Delhi Horror: दिल्ली में फुटपाथ पर सो रही 11 वर्षीय बच्ची का अपहरण, दुष्कर्म के बाद हत्या; ऐप-आधारित कैब ड्राइवर गिरफ्तार
सीसीटीवी में कैद हुई आधी रात की करतूत
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब महेश नगर की एक महिला निवासी ने हल्द्वानी कोतवाली में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के अनुसार, 19 जून 2026 की रात करीब 3:23 बजे एक अज्ञात युवक उनके घर की लगभग आठ फीट ऊंची चहारदीवारी फांदकर परिसर में दाखिल हुआ और बाहर सूखने के लिए डाले गए महिलाओं के कपड़े चुराकर फरार हो गया.
यह पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में रिकॉर्ड हो गई. जब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. मंजूनाथ टीसी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए. हीरा नगर पुलिस चौकी प्रभारी संजीत राठौर और कोतवाल विजय मेहता के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच शुरू की.
विदेश से लौटा छात्र निकला चोर
पुलिस टीम ने आसपास के इलाकों के सुरक्षा कैमरों के फुटेज खंगाले और स्थानीय मुखबिरों की मदद से बुधवार को आरोपी निकेत सिंह बिष्ट को पंचायत घर रोड के पास से धर दबोचा. पूछताछ में निकेत ने बताया कि वह विदेश में पढ़ाई कर रहा था, लेकिन कोविड-19 महामारी के दौरान वह वापस हल्द्वानी लौट आया.
उसने दावा किया कि वह लगातार भावनात्मक और मानसिक तनाव से जूझ रहा था. आरोपी के अनुसार, उसके किसी परिचित ने उसे तनाव दूर करने और व्यक्तिगत संतुष्टि पाने के लिए इस तरह की अजीबोगरीब चोरी करने की अजीब सलाह दी थी, जिसके बाद उसने यह कदम उठाना शुरू कर दिया.
'क्लेप्टोमेनिया' बीमारी की आशंका, मेडिकल जांच के आदेश
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के दौरान पुलिस ने पाया कि निकेत का व्यवहार और उसकी दलीलें किसी सामान्य अपराधी जैसी नहीं थीं। हल्द्वानी के कोतवाल विजय मेहता ने बताया, "पूछताछ के दौरान आरोपी की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं लग रही थी."
प्रारंभिक जांच के आधार पर अधिकारियों का अनुमान है कि यह व्यवहार 'क्लेप्टोमेनिया' (Kleptomania) नामक एक मानसिक विकार से जुड़ा हो सकता है. इस मनोवैज्ञानिक बीमारी से पीड़ित व्यक्ति में उन चीजों को चुराने की तीव्र और बेकाबू इच्छा होती है, जिनका उसके लिए कोई व्यक्तिगत या आर्थिक मूल्य नहीं होता. हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इसकी पुष्टि केवल मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा की जाने वाली औपचारिक चिकित्सा जांच के बाद ही हो सकेगी, जिसके लिए पुलिस जल्द ही कदम उठाएगी.
निजता के उल्लंघन पर सख्त रुख
भले ही पुलिस इस मामले में मनोवैज्ञानिक और चिकित्सीय पहलुओं की जांच कर रही है, लेकिन प्रशासन ने साफ कर दिया है कि निवासियों की सुरक्षा और महिलाओं की निजता का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने स्पष्ट किया, "महिलाओं की गरिमा और निजता से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी." पुलिस अब आरोपी के शैक्षणिक इतिहास की पुष्टि कर रही है और यह भी पता लगा रही है कि क्या वह आसपास के अन्य इलाकों में भी इस तरह की घटनाओं में शामिल रहा है या नहीं.