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South Mumbai MHADA Buildings: साउथ मुंबई में म्हाडा की 96 इमारतें 'खतरनाक' घोषित, मानसून से पहले खाली करने का आदेश

मुंबई में जल्द ही मानसून दस्तक देने वाला है. बारिश के दौरान किसी भी दुर्घटना से लोगों को बचाने के लिए MHADA ने दक्षिण मुंबई में एकसंरचनात्मक ऑडिट (Structural Audit) किया, जिसके तहत 96 आवासीय इमारतों को 'अत्यंत खतरनाक' घोषित किया गया है.

South Mumbai MHADA Buildings: साउथ मुंबई में म्हाडा की 96 इमारतें 'खतरनाक' घोषित, मानसून से पहले खाली करने का आदेश
(Photo Credits AI)

South Mumbai MHADA Buildings:  मुंबई में जल्द ही मानसून दस्तक देने वाला है. बारिश के दौरान किसी भी दुर्घटना से लोगों को बचाने के लिए महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) ने दक्षिण मुंबई में  एकसंरचनात्मक ऑडिट (Structural Audit)  किया, जिसके तहत 96 आवासीय इमारतों को 'अत्यंत खतरनाक' घोषित किया गया है. इन इमारतों के निवासियों को मानसून शुरू होने से पहले खाली करने के निर्देश दिए गए हैं. ताकि किसी हादसे से लोगों को बचाया जा सके. मुंबई में जर्जर इमारतों का पुनर्विकास एक पुरानी और जटिल समस्या रही है.  हर वर्ष मानसून के दौरान इमारत गिरने की कई घटनाएं सामने आती हैं.

साउथ मुंबई  के इन इलाकों में सबसे खतरनाक इमारतें?

MHADA अधिकारियों के मुताबिक, इन 96 इमारतों में से सबसे ज्यादा जोखिम वाली हैं. जिसमें  20 इमारतें गिरगांव, कालबादेवी, खेतवाड़ी, चौपाटी, प्रभादेवी, मझगांव, दादर, माटुंगा, परेल और लालबाग जैसे इलाकों में स्थित हैं.  इन इमारतों में कुल 3,162 किराएदार निवास करते हैं. यह भी पढ़े: Dangerous Buildings in Mumbai: मानसून से पहले BMC ने मुंबई में 134 इमारतों को जर्जर घोषित किया, 57 खाली कराया

MHADA का आधिकारिक बयान

"मुंबई बिल्डिंग रिपेयर एंड रिकंस्ट्रक्शन बोर्ड (MBRRB) द्वारा मुंबई शहर की जर्जर और पुरानी 'सेस्ड इमारतों' का वार्षिक प्री-मॉनसून ऑडिट पूरा कर लिया गया है. इस वर्ष 96 इमारतों को 'अत्यंत खतरनाक' घोषित किया गया है, जिनमें से दो इमारतें 2024 में भी इसी सूची में थीं।."

शहर में अन्य 134 इमारतें भी खतरनाक घोषित

मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने भी शहर में 134 अतिरिक्त जर्जर इमारतों की पहचान की है और निवासियों को तत्काल खाली करने के नोटिस जारी किए हैं.  पिछले साल, 2024 में, MHADA ने 20 'अत्यंत खतरनाक' इमारतों की सूची जारी की थी जबकि BMC ने 188 जर्जर इमारतों की पहचान की थी.

 क्या है MHADA का प्री-मॉनसून ऑडिट?

दरसल हर साल मानसून से पहले MHADA द्वारा शहर की पुरानी और जर्जर इमारतों का संरचनात्मक ऑडिट (Structural Audit) कराया जाता है. इसमें यह आकलन किया जाता है कि कौन-सी इमारतें निवास के लिए असुरक्षित हैं. ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर, संबंधित इमारतों के निवासियों को खाली करने का नोटिस दिया जाता है.

जानें  MHADA की पुनर्वास और पुनर्विकास क्या  योजना

MHADA की पुनर्वास और पुनर्विकास योजना के तहत खतरनाक घोषित की गई इमारतों में रहने वाले निवासियों को MHADA की ओर से स्थानांतरण टेनमेंट्स (Transit Tenements) की सुविधा दी जाती है. हालांकि, कई निवासी स्थान, दूरी, सामाजिक जुड़ाव और अन्य कारणों से इन टेनमेंट्स में स्थानांतरित होने से परहेज करते हैं।

 

MHADA ने   13,091 इमारतों को पुनर्विकास के लिए कहा

MHADA ने इस महीने की शुरुआत में 13,091 पुरानी और असुरक्षित 'सेस्ड इमारतों' के निवासियों, सोसाइटीज़ और मकान मालिकों से पुनर्विकास की प्रक्रिया शुरू करने की अपील की है. MHADA ने यह भी कहा कि इन इमारतों की संरचना बेहद कमजोर है और वे मानसून के दौरान गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकती हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on May 22, 2025 11:25 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).