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केरल सीएम पिनाराई विजयन को झटका, ईडी ने शिवशंकर को किया गिरफ्तार

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को झटका देते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उनके पूर्व प्रिसिंपल सेक्रेटरी एम. शिवशंकर को केरल बाढ़ राहत में कथित अनियमितताओं से संबंधित धन शोधन निवारण मामले में गिरफ्तार कर लिया है.

केरल सीएम पिनाराई विजयन को झटका, ईडी ने शिवशंकर को किया गिरफ्तार
Pinarayi Vijayan (Photo Credit : PTI)

कोच्चि, 15 फरवरी : केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन (Pinarayi Vijayan) को झटका देते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उनके पूर्व प्रिसिंपल सेक्रेटरी एम. शिवशंकर को केरल बाढ़ राहत में कथित अनियमितताओं से संबंधित धन शोधन निवारण मामले में गिरफ्तार कर लिया है. शिवशंकर को मंगलवार रात को गिरफ्तार किया गया और ईडी अब अदालत में पेश किए जाने पर उनकी हिरासत की मांग कर सकती है. वह 31 जनवरी को सेवानिवृत हो गए थे.

सोमवार से शुरू हुई दो दिन की पूछताछ के बाद एम. शिवशंकर को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तारी विजयन के पसंदीदा प्रोजेक्ट 'लाइफ मिशन' में चल रही जांच से संबंधित है, जिसमें कथित रूप से कॉन्ट्रैक्ट प्राप्त करने के लिए कमीशन के रूप में चार करोड़ रुपये से अधिक की बड़ी राशि का भुगतान किया गया, जिसे बिल्डर संतोष एपेन ने बाद में सीबीआई के सामने स्वीकार कर लिया. यह भी पढ़ें : शिवसेना (यूबीटी) ने फडणवीस से पूछा, किस मामले में आपको गिरफ्तारी का डर सता रहा था?

इस मामले में केरल सरकार के प्रमुख प्रोजेक्ट में विदेशी योगदान नियमों का कथित उल्लंघन भी शामिल है. प्रोजेक्ट का उद्देश्य 2018 की विनाशकारी बाढ़ में अपना घर खो चुके गरीबों को घर उपलब्ध कराना था. त्रिशूर जिले के वाडक्कनचेरी में प्रोजेक्ट तब विवादों में घिर गया, जब कांग्रेस के तत्कालीन विधायक अनिल अक्कारा ने बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सीबीआई से संपर्क किया. अक्कारा ने बुधवार को शिवशंकर की गिरफ्तारी पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि गिरफ्तारियां यहीं नहीं रुकनी चाहिए.

यह मामला जून 2020 में सोने की तस्करी का मामला सामने आने के बाद आया, जिसमें शिवशंकर जेल में बंद थे. ईडी ने हाल ही में सोने की तस्करी के मामले में मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश से पूछताछ की, साथ ही दो अन्य आरोपियों से भी पूछताछ की गई, जिसके बाद शिवशंकर को तलब किया गया. स्वप्ना सुरेश और सरिथ दोनों, जो संयुक्त अरब अमीरात के वाणिज्य दूतावास में कार्यरत थे, बाद में लाइफ मिशन फंड की हेराफेरी में भी भूमिका निभाते पाए गए.

शिवशंकर के लिए परेशानी तब शुरू हुई जब जांच में एक लॉकर का पता चला, एक करोड़ रुपये थे. यह लॉकर स्वप्ना और शिवशंकर के करीबी एक चार्टर्ड अकाउंटेंट का था. स्वप्ना ने शुरू में कहा था कि उसे कमीशन मिला है, लेकिन बाद में उसने अपने बयान बदल लिए और कहा कि यह पैसा शिवशंकर का है. शिवशंकर से पूछताछ में इस बयान पर कोई ईडी को कुछ खास नहीं मिला लेकिन ईडी ने सबूतों के आधार पर उनकी गिरफ्तारी की.

इससे पहले, राज्य सरकार ने जांच रोकने के लिए केरल हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन याचिकाओं को खारिज कर दिया गया और कहा कि वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और ठेकेदारों से जुड़े मामले में चल रही सीबीआई जांच जारी रहनी चाहिए. सीबीआई ने जांच में पाया कि केरल सरकार की एक संस्था की ओर से निर्माण कर रही निजी कंपनी यूनिटेक को टेंडर के माध्यम से कॉन्ट्रैक्ट नहीं मिला था. प्रोजेक्ट में 97 अपार्टमेंट और एक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण शामिल था, और यह आरोप लगाया गया कि सोने की तस्करी के दोनों आरोपियों ने यूनिटैक के साथ बातचीत की और प्रोजेक्ट की लागत का 30 प्रतिशत को कमीशन लिया -- 20 फीसदी यूएई अधिकारी को और 10 प्रतिशत स्वपना सुरेश और दूसरे लोगों को. सीबीआई ने दावा किया कि शिवशंकर ने स्वप्ना सुरेश के साथ यूनिटैक के मालिक संतोष एपेन से उनके कक्ष में मुलाकात की और पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया. इस बैठक में कथित तौर पर लाइफ मिशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी यू.वी. जोस भी मौजूद थे.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 15, 2023 12:25 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).