Shiv Sena’s Yuva Samvad: मुंबई में शिवसेना का 'युवा संवाद', Gen Z युवाओं ने MP श्रीकांत शिंदे से शिक्षा, AI, स्टार्टअप और रोजगार पर पूछे सवाल; VIDEOS
कार्यक्रम में शामिल युवाओं ने डिजिटल युग में शिक्षा की बढ़ती लागत का मुद्दा उठाया. छात्रों ने बताया कि ऑनलाइन पढ़ाई के लिए इंटरनेट डेटा, स्मार्टफोन या लैपटॉप और ऑनलाइन कोचिंग के सब्सक्रिप्शन का खर्च आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों पर भारी पड़ता है.
Shiv Sena’s Yuva Samvad: मुंबई. शिवसेना द्वारा अंधेरी विधानसभा क्षेत्र में 'युवा संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं और जेन जी (Gen Z) ने हिस्सा लिया. इस इंटरैक्टिव कार्यक्रम के दौरान युवाओं को सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे से सीधे संवाद करने और शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), स्टार्टअप, प्रतियोगी परीक्षाओं, कलाकारों के अवसर और मराठी भाषा सीखने से जुड़े मुद्दों पर सवाल पूछने का अवसर मिला. डॉ. श्रीकांत शिंदे ने खुले माहौल में युवाओं के सवालों के जवाब दिए और कहा कि युवाओं को महज वोट बैंक के रूप में नहीं, बल्कि उनकी आकांक्षाओं और भविष्य के नजरिए से देखा जाना चाहिए.
स्थानीय नेतृत्व और नेताओं की उपस्थिति
अंधेरी से विधायक मुरजी पटेल द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में उद्योग मंत्री उदय सामंत, सांसद रवींद्र वायकर और शिवसेना के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे. यह भी पढ़े: 'मुंबई में मराठी नहीं, गुजराती से भी चल जाएगा काम', भैयाजी जोशी के इस बयान पर महाराष्ट्र में मचा बवाल
मुंबई में शिवसेना का 'युवा संवाद'
श्रीकांत शिंदे का पोस्ट
विधायक मुरजी पटेल ने कहा कि आज के युवाओं को शिवसेना से काफी उम्मीदें हैं. उन्होंने डॉ. श्रीकांत शिंदे की डॉक्टर बनने की यात्रा और संघर्ष का उल्लेख करते हुए बताया कि युवा उनके अनुभवों से सीख लेना चाहते हैं. उद्योग मंत्री उदय सामंत ने भी डॉ. शिंदे के समर्पण और राष्ट्रीय प्रतिबद्धता की सराहना की.
'युवाओं को केवल वोट बैंक न समझें'
संवाद के दौरान डॉ. श्रीकांत शिंदे ने स्पष्ट किया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य जेन जी युवाओं से सीधा और सार्थक संवाद स्थापित करना है.
उन्होंने कहा कि युवाओं को चुनावों या राजनीतिक लाभ के लिए वोट बैंक के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. उनके अनुसार, संवाद हमेशा दोतरफा होना चाहिए ताकि यह समझा जा सके कि युवा अपने बेहतर भविष्य के लिए क्या चाहते हैं.
डिजिटल शिक्षा और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं पर चर्चा
कार्यक्रम में शामिल युवाओं ने डिजिटल युग में शिक्षा की बढ़ती लागत का मुद्दा उठाया. छात्रों ने बताया कि ऑनलाइन पढ़ाई के लिए इंटरनेट डेटा, स्मार्टफोन या लैपटॉप और ऑनलाइन कोचिंग के सब्सक्रिप्शन का खर्च आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों पर भारी पड़ता है.
छात्रों ने सुझाव दिया कि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए स्थानीय स्तर पर डिजिटल लर्निंग सुविधाएं सुलभ कराई जानी चाहिए ताकि उन्हें महंगे निजी कोचिंग संस्थानों पर निर्भर न रहना पड़े. डॉ. शिंदे ने इस सुझाव को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि हर विधानसभा क्षेत्र में ऐसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा.
शिवसेना का 'युवा संवाद
स्टार्टअप, एआई और कलाकारों के अधिकार
युवाओं ने स्टार्टअप शुरू करने और एआई (AI) के बढ़ते उपयोग को लेकर भी सवाल किए. इसके जवाब में डॉ. शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम में अग्रणी है और राज्य सरकार ने एआई को लेकर नीति तैयार की है.
इसके अलावा, कलाकारों को अन्य पेशों की तरह समाज में समान सम्मान और बेहतर आय के अवसर देने की मांग पर उन्होंने आश्वासन दिया कि इस विषय पर सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे.
मराठी भाषा और 2014 के बाद का विकास
बातचीत के दौरान उत्तर प्रदेश से आए एक छात्र ने मराठी भाषा सीखने की इच्छा जाहिर की. इस पर डॉ. शिंदे ने बताया कि ऑटो-रिक्शा चालकों की तरह युवाओं के लिए भी मराठी सिखाने की पहल शुरू करने पर विचार किया जाएगा.
युवाओं को गुमराह किए जाने के सवाल पर उन्होंने जेन जी को समझदार बताते हुए सलाह दी कि वे किसी की बातों में आने के बजाय 2014 से पहले और बाद के दौर के विकास कार्यों की खुद तुलना करें और अपना निर्णय लें.