Shardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि के पहले दिन बलरामपुर पहुंचे सीएम योगी, मां पाटेश्वरी देवी मंदिर में की पूजा-अर्चना; VIDEO
नवरात्रि के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा के अवसर पर मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से मां पाटेश्वरी देवी की आराधना की और प्रदेशवासियों के सुख, शांति तथा समृद्धि की कामना की.
Shardiya Navratri 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार, 11 अक्टूबर 2026 की सुबह बलरामपुर जिले के तुलसीपुर स्थित प्रसिद्ध देवीपाटन मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना की. मुख्यमंत्री दो दिवसीय दौरे पर शनिवार को ही बलरामपुर पहुंच गए थे और उन्होंने शक्तिपीठ मंदिर परिसर में रात्रि विश्राम किया था.
नवरात्रि के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा के अवसर पर मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से मां पाटेश्वरी देवी की आराधना की और प्रदेशवासियों के सुख, शांति तथा समृद्धि की कामना की. यह भी पढ़े: Shardiya Navratri 2026: पीएम मोदी ने दी देशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की
सीएम योगी ने मां पाटेश्वरी देवी मंदिर में की पूजा-अर्चना
51 शक्तिपीठों में शामिल है प्रसिद्ध देवीपाटन मंदिर
बलरामपुर जिले के तुलसीपुर में स्थित मां पाटेश्वरी देवी मंदिर यानी देवीपाटन धाम हिंदू धर्मावलंबियों के लिए एक अत्यंत पवित्र और ऐतिहासिक धार्मिक स्थल है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह स्थल देवी दुर्गा के 51 प्रसिद्ध शक्तिपीठों में से एक माना जाता है.
नवरात्रि के दौरान यहां देश और विदेश (विशेष रूप से नेपाल) से लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजन के लिए आते हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जो नाथ संप्रदाय के अध्यक्ष भी हैं, परंपरा के अनुसार हर वर्ष नवरात्रि के अवसर पर इस मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना करने आते हैं.
सुरक्षा और व्यवस्थाओं का लिया जायजा
पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर और नवरात्रि मेले की तैयारियों का जायजा लिया. उन्होंने स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता, पीने के पानी और सुचारू यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए.
प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष बस सेवाओं का संचालन और अस्थायी नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) की स्थापना की गई है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि दर्शन के लिए आने वाले किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े.