Ghaziabad School Holiday: कांवड़ यात्रा के चलते गाजियाबाद और मेरठ में 12 अगस्त तक स्कूल-कॉलेज बंद, प्रशासन ने जारी किया आदेश
श्रावण शिवरात्रि और कांवड़ यात्रा के दौरान भारी भीड़ व यातायात प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए गाजियाबाद और मेरठ के सभी स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों को 12 अगस्त 2026 तक बंद रखने का आदेश दिया गया है.
Ghaziabad School Holiday: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गाजियाबाद और मेरठ जिले में जारी कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) के दौरान श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही को देखते हुए जिला प्रशासन ने 4 से 12 अगस्त 2026 तक सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का निर्देश दिया है. 11 अगस्त को श्रावण शिवरात्रि पर्व के मद्देनजर छात्रों की सुरक्षा और सुगम यातायात व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है. यह भी पढ़ें: Kanwar Yatra 2026: दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी की, रूट और जाम वाली जगहों की जानकारी देखें
आदेश का दायरा और प्रभावित संस्थान
गाजियाबाद जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, यह आदेश जिले के सभी प्रकार के शिक्षण संस्थानों पर लागू होगा. इसमें बेसिक शिक्षा परिषद, माध्यमिक शिक्षा परिषद, सीबीएसई, आईसीएसई, मदरसा बोर्ड और अन्य मान्यता प्राप्त बोर्डों से संबद्ध स्कूल शामिल हैं.
यह अवकाश नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक के सभी विद्यार्थियों के लिए प्रभावी रहेगा. इसके अलावा, सरकारी और निजी डिग्री कॉलेज, विश्वविद्यालय और तकनीकी शिक्षण संस्थान भी इस दौरान बंद रहेंगे.
पूर्व निर्धारित परीक्षाओं पर नहीं पड़ेगा असर
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन शिक्षण संस्थानों, कॉलेजों या विश्वविद्यालयों में परीक्षाएं पहले से शेड्यूल हैं, वे अपने निर्धारित समय पर ही आयोजित की जाएंगी. परीक्षा देने वाले छात्रों और संबंधित कर्मचारियों पर बंद का यह नियम लागू नहीं होगा.
परीक्षाओं के अलावा अन्य सभी नियमित कक्षाएं और प्रशासनिक कार्य 12 अगस्त तक स्थगित रहेंगे.
मेरठ और पड़ोसी जिलों में भी यही व्यवस्था
गाजियाबाद के साथ-साथ पड़ोसी जिले मेरठ और मुजफ्फरनगर में भी कांवड़ यात्रियों के आवागमन को देखते हुए शिक्षण संस्थानों में छुट्टियां घोषित की गई हैं. मेरठ में जिला प्रशासन ने सुरक्षा और रूट डायवर्जन को ध्यान में रखते हुए 12 अगस्त तक सभी स्कूल और कॉलेज बंद रखने के निर्देश जारी किए हैं.
सुरक्षा और ट्रैफिक डायवर्जन मुख्य कारण
कांवड़ यात्रा के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और जिला मार्गों से लाखों की संख्या में शिवभक्त गुजरते हैं. सड़क पर बढ़ती भीड़ और कई मुख्य रास्तों पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक को देखते हुए स्कूली वाहनों का संचालन चुनौतीपूर्ण हो जाता है. छात्रों की सुरक्षा और ट्रैफिक में किसी भी असुविधा से बचाने के लिए प्रशासन ने समय रहते छुट्टियों का ऐलान किया है.