Congress: 'बीजेपी में गए नेताओं की कांग्रेस में वापसी शर्मनाक होगी', वरिष्ठ नेता जयराम रमेश का बड़ा बयान
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने वाले पूर्व कांग्रेस नेताओं, विशेषकर युवा चेहरों की पार्टी में दोबारा वापसी का कड़ा विरोध किया है. पीटीआई वीडियो को दिए इंटरव्यू में उन्होंने इसे निजी राय बताते हुए कहा कि ऐसे नेताओं को वापस लेना पार्टी के लिए शर्मनाक होगा.
नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने दल-बदल करने वाले नेताओं को लेकर एक बेहद सख्त और बड़ा बयान दिया है. रमेश ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जो नेता कांग्रेस (Congress) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो चुके हैं—विशेषकर युवा नेता—उन्हें भविष्य में कभी भी कांग्रेस के दरवाजे पर वापस लौटने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए. 'पीटीआई वीडियो' (PTI Videos) को दिए एक विशेष साक्षात्कार में उन्होंने पार्टी छोड़ चुके पूर्व सदस्यों को दोबारा अपनाने के विचार पर गहरी असहमति जताई. हालांकि, कांग्रेस के संचार प्रभारी (General Secretary in charge of communications) ने यह भी साफ किया कि यह उनका व्यक्तिगत नजरिया है, न कि पार्टी की कोई आधिकारिक नीति. यह भी पढ़ें: Suraj Hegde Passes Away: बेंगलुरु पहुंचे राहुल गांधी, दिवंगत कांग्रेस नेता सूरज हेगड़े को दी भावभीनी श्रद्धांजलि (See Pics and Video)
'दलबदलों की वापसी के बारे में सोचना भी शर्मनाक'
हाल के वर्षों में कांग्रेस को छोड़कर सत्तारूढ़ भाजपा का दामन थामने वाले कई हाई-प्रोफाइल युवा और अनुभवी चेहरों पर निशाना साधते हुए जयराम रमेश ने सांगठनिक नैतिकता का मुद्दा उठाया. उन्होंने इंटरव्यू के दौरान कहा, "पार्टी छोड़कर जाने वालों के लिए हमारे मन में वापसी का विचार आना भी हमारे लिए शर्मनाक होगा."
रमेश के अनुसार, जो लोग कांग्रेस की विचारधारा और संघर्ष को बीच में छोड़कर उसके सबसे बड़े राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी (भाजपा) के साथ जा मिले, उन्हें वापस लेने से पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं के मनोबल और वैचारिक सिद्धांतों पर बहुत बुरा असर पड़ेगा.
निजी राय बताकर नेतृत्व के लिए छोड़ा विकल्प
भले ही जयराम रमेश कांग्रेस के केंद्रीय संगठन और निर्णय लेने की प्रक्रिया में एक बेहद महत्वपूर्ण व प्रभावी भूमिका निभाते हैं, लेकिन उन्होंने अपने इस कड़े रुख को पार्टी के औपचारिक नीतिगत फैसलों से अलग रखा.
बयान को अपनी व्यक्तिगत राय बताकर उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व (High Command) के लिए व्यावहारिक विकल्प खुले रखे हैं, ताकि भविष्य में रणनीति के अनुसार फैसले लिए जा सकें. ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो कांग्रेस आलाकमान पार्टी में वापस लौटने के इच्छुक नेताओं के मामलों पर 'केस-बाय-केस' (परिस्थितियों के आधार पर अलग-अलग) दृष्टिकोण अपनाता रहा है. ऐसे में जयराम रमेश का यह पूर्ण प्रतिबंध (Absolute Stance) लगाने वाला बयान राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस को जन्म दे रहा है.