Ram Temple Trust CEO: रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ; जानिए कौन हैं 'ऑपरेशन सिंदूर' के नायक
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर प्रशासन और वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ़ व पारदर्शी बनाने के लिए भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया है. बुधवार, 2 सितंबर 2026 को अयोध्या में आयोजित ट्रस्ट की बैठक में उनके नाम पर अंतिम मुहर लगाई गई.
अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के दैनिक प्रशासनिक, वित्तीय और परिचालन ढांचे को औपचारिक रूप देते हुए भारतीय वायुसेना के पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा (Jeetendra Mishra) को राम मंदिर का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है.
बुधवार, 2 सितंबर 2026 को अयोध्या के मणिरामदास छावनी में आयोजित ट्रस्ट की उच्च स्तरीय बैठक में चयन समिति की सिफारिशों के आधार पर उनके नाम को अंतिम मंजूरी दी गई. ट्रस्ट ने 5,585 आवेदकों की बहुस्तरीय स्क्रीनिंग के बाद तीन अंतिम नामों में से जीतेंद्र मिश्रा का चयन किया है. यह भी पढ़ें: Ram Temple Trust: राम मंदिर ट्रस्ट को जल्द मिलेगा पहला CEO, 3 उम्मीदवारों की रैंकिंग आज
कौन हैं रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा?
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भोपतपुरा गांव के निवासी एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जीतेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के एक सम्मानित और अनुभवी सैन्य रणनीतिकार रहे हैं:
- करियर और अनुभव: दिसंबर 1986 में बतौर फाइटर पायलट वायुसेना में शामिल हुए जीतेंद्र मिश्रा ने लगभग 38 वर्षों तक देश की सेवा की और 30 अप्रैल 2026 को सेवानिवृत्त हुए. अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने 3,000 घंटे से अधिक की उड़ान भरी है.
- प्रमुख सैन्य नेतृत्व: वह फाइटर कॉम्बैट लीडर, एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट, एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टेब्लिशमेंट (ASTE) के कमांडेंट और इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के डिप्टी चीफ जैसे कई रणनीतिक पदों पर रहे.
- ऑपरेशन सिंदूर और सम्मान: मई 2025 में 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान उन्होंने वायुसेना की पश्चिमी वायु कमान (Western Air Command) का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया था. उनकी असाधारण सैन्य सेवाओं के लिए उन्हें भारत के सर्वोच्च युद्धकालीन सैन्य अलंकरणों में शामिल 'सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक' (SYSM) से सम्मानित किया गया.
रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO नियुक्त किए गए
5,585 आवेदनों में से हुआ चयन
राम मंदिर परिसर में पहले सीईओ के पद के लिए एक पारदर्शी और सख्त चयन प्रक्रिया अपनाई गई थी:
- चयन समिति की भूमिका: चयन प्रक्रिया का संचालन सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी और पूर्व परमाणु वैज्ञानिक सुरेश हवारे की तीन सदस्यीय समिति ने किया.
- अंतिम सिफारिश: देश भर से प्राप्त 5,585 आवेदनों में से 16 उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए अयोध्या बुलाया गया था. इसके बाद समिति ने तीन योग्य नामों का पैनल ट्रस्ट को सौंपा, जिसमें जीतेंद्र मिश्रा को शीर्ष प्राथमिकता मिली.
प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता की दिशा में कदम
मंदिर ट्रस्ट में एक पेशेवर सैन्य प्रशासक को सीईओ नियुक्त करने का कदम हाल ही में दान और वित्तीय प्रबंधन को लेकर उठे विवादों के बाद उठाया गया है:
- नई जिम्मेदारियां: नए सीईओ के रूप में जीतेंद्र मिश्रा प्रतिदिन आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों की दर्शन व्यवस्था, क्राउड मैनेजमेंट, सुरक्षा समन्वय, बड़े धार्मिक उत्सवों के आयोजन और डिजिटल तकनीक के उपयोग की निगरानी करेंगे.
- संस्थागत पारदर्शिता: चयन समिति के सदस्यों के अनुसार, बड़े सैन्य अभियानों और विशाल संगठनों के प्रबंधन का उनका लंबा अनुभव मंदिर के प्रशासनिक तंत्र में वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और जनविश्वास को बहाल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.