आरबीआई बीते 6 महीनों में विदेशों में रखा अपना 64 टन सोना भारत लाया वापस
भारतीय रिजर्व बैंक देश की संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है. इस वर्ष मार्च से सितंबर तक की अवधि में केंद्रीय बैंक ने विदेशों में रखा अपना 64 टन सोना वापस मंगवा लिया है. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दुनिया भर के देश भू-राजनीतिक दबाव के हथियार के तौर पर फाइनेंशियल बैन और एसेट फ्रीज का इस्तेमाल कर रहे हैं.
मुंबई, 29 अक्टूबर : भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) देश की संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है. इस वर्ष मार्च से सितंबर तक की अवधि में केंद्रीय बैंक ने विदेशों में रखा अपना 64 टन सोना वापस मंगवा लिया है. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दुनिया भर के देश भू-राजनीतिक दबाव के हथियार के तौर पर फाइनेंशियल बैन और एसेट फ्रीज का इस्तेमाल कर रहे हैं. इस वर्ष सितंबर अंत के आंकड़ों के अनुसार, आरबीआई के पास 880.8 टन सोना है. इसमें से 575.8 टन का एक बड़ा हिस्सा भारत में सुरक्षित रखा गया है. इसके अलावा, 290.3 टन सोना बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ इंटरनेशनल सेटलमेंट्स के पास रखा गया है. वहीं, 14 टन सोना गोल्ड डिपॉजिट अरेंजमेंट का हिस्सा है.
आंकड़े बताते हैं कि मार्च 2023 से आरबीआई ने विदेशों से अपना 274 टन सोना भारत में वापस ला चुका है. आरबीआई की ओर से यह फैसला बढ़ते भू-राजनैतिक तनावों को देखते हुए विदेशी रिजर्व की सुरक्षा को लेकर उठाया गया है. इस बीच, बुधवार के कारोबारी दिन पीली धातु की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोना पिछले बंद भाव 1,19,646 रुपए प्रति 10 ग्राम के मुकाबले लगभग 1,19,647 रुपए प्रति 10 ग्राम पर सपाट खुला. यह भी पढ़ें :पीएम मोदी के नेतृत्व में ऊर्जा को लेकर आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा भारत: हरदीप पुरी
शुरुआती कारोबार के दौरान सोने की कीमत में मामूली बढ़त दर्ज की गई और यह 1,20,047 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था. वहीं, दूसरी ओर चांदी की कीमतों में भी तेजी दर्ज की गई. चांदी 1,44,761 रुपए प्रति किलोग्राम पर खुली और शुरुआती कारोबार में 1,45,331 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई. ग्लोबल मार्केट में स्पॉट गोल्ड ने बीते कारोबारी दिन मंगलवार को 7 अक्टूबर के बाद से अपना निचला स्तर छूने के बाद 0.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज करवाई और यह 3,957.42 डॉलर प्रति औंस हो गया.
अमेरिका-चीन व्यापार को लेकर चिंताएं कम होने से यह तेजी सीमित रही. दूसरी ओर, निवेशक अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दरों में कटौती का इंतजार कर रहे हैं. सोने की कीमतों में तेजी की बात करें तो इस वर्ष अब तक गोल्ड के दाम 52 प्रतिशत बढ़े हैं. इसी के साथ 20 अक्टूबर को सोने की कीमतें 4,381.21 डॉलर प्रति औंस के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गई. यह रैली वैश्विक अनिश्चितताओं, ब्याज दर में कटौती की उम्मीद और आरबीआई के अलावा दूसरे केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार खरीदारी के कारण देखी जा रही है.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 29, 2025 12:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

