Ramesh Bidhuri Vide: दिल्ली जंतर-मंतर NEET प्रदर्शन पर BJP नेता रमेश बिधूड़ी का ‘पंक्चर बनाने वाला’ बयान, वीडियो वायरल होने के बाद घिरे
बिधूड़ी ने अपने संबोधन के दौरान आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल असामाजिक तत्वों ने युवाओं को गुमराह किया था. उन्होंने प्रदर्शन स्थल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा पर भी सवाल उठाया और कहा कि भारत के छात्र ऐसी शब्दावली का प्रयोग नहीं कर सकते.
Ramesh Bidhuri Vide: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) परीक्षा के मुद्दे को लेकर हुए हालिया प्रदर्शन पर विवादित बयान दिया है. दक्षिण दिल्ली में आयोजित 'जेन जी समिट' (Gen Z Summit) को संबोधित करते हुए बिधूड़ी ने दावा किया कि प्रदर्शन में वास्तविक छात्रों की तुलना में "पंक्चर बनाने वाले और ताला बनाने वाले" अधिक संख्या में मौजूद थे. इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और विपक्षी दलों ने इसे जनसमूहों को लक्षित करने वाला बयान करार दिया है.
बिधूड़ी ने अपने संबोधन के दौरान आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल असामाजिक तत्वों ने युवाओं को गुमराह किया था. उन्होंने प्रदर्शन स्थल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा पर भी सवाल उठाया और कहा कि भारत के छात्र ऐसी शब्दावली का प्रयोग नहीं कर सकते. यह भ पढ़े: West Bengal STF Terror Investigation: पाकिस्तान से कथित कनेक्शन का दावा: जंतर-मंतर में अशांति फैलाने की साजिश की जांच, STF ने हमीम मंडल की कथित साथी अर्पिता सरकार को किया गिरफ्तार
छात्रों को लेकर रमेश बिधूड़ी का बयान
बिधूड़ी की टिप्पणी पर विपक्ष और सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया
रमेश बिधूड़ी के इस बयान के सामने आने के बाद विपक्षी नेताओं और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने उनकी कड़ी आलोचना की है. आलोचकों का कहना है कि "पंक्चर बनाने वाले" और "ताला बनाने वाले" जैसे शब्दों का प्रयोग एक विशेष वर्ग के प्रति रूढ़िवादी दृष्टिकोण (stereotyping) को दर्शाता है.
विपक्षी नेताओं का तर्क है कि छात्रों द्वारा उठाए गए वास्तविक मुद्दों और परीक्षा प्रणाली की खामियों से ध्यान हटाने के लिए इस प्रकार की बयानबाजी की जा रही है. उन्होंने बीजेपी नेतृत्व से अपने नेताओं की भाषा पर संयम बनाने की मांग की है.
जंतर-मंतर प्रदर्शन का घटनाक्रम और पृष्ठभूमि
जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और धांधली की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर किया गया था. प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे थे.
प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र टिप्पणियों के वीडियो सामने आने के बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए युवाओं से संयम की अपील की थी और प्रदर्शनकारियों को गुमराह हुए बच्चे बताते हुए उन्हें दंडित करने के बजाय मार्गदर्शन देने की बात कही थी.