राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: SIT की रिपोर्ट में अविनाश शुक्ला मुख्य आरोपी, दोस्तों और भाई की शादी पर उड़ाए लाखों रुपये
अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में हेराफेरी की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में अविनाश शुक्ला को मुख्य आरोपी बनाया है. जांच में सामने आया है कि आरोपी ने चोरी के पैसों से भाई की शादी, लग्जरी कार और दोस्तों पर लाखों रुपये लुटाए.
अयोध्या: अयोध्या (Ayodhya) के भव्य राम मंदिर (Ram Mandir) में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान और चढ़ावे में हुई करोड़ों रुपये की कथित हेराफेरी के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. इस घोटाले की जांच कर रही विशेष जांच दल (Special Investigation Team) (SIT) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में दान-गिनती केंद्र के कर्मचारी अविनाश शुक्ला को मुख्य आरोपी (आरोपी नंबर 1) नामित किया है. एसआईटी के अनुसार, अविनाश शुक्ला उस गिरोह का मुख्य सूत्रधार था जो पिछले कई हफ्तों से मंदिर के कैश चढ़ावे को सुनियोजित तरीके से गायब कर रहा था. पुलिस पूछताछ और जांच में सामने आया है कि आरोपी ने आस्था के इस पैसे को अपने भाई की शादी, दोस्तों को महंगे गिफ्ट देने और लग्जरी गाड़ियां खरीदने में पानी की तरह बहाया. यह भी पढ़ें: राम मंदिर ट्रस्ट ने दिखाई 5 करोड़ की सोने की रामचरितमानस; कहा- श्रद्धालुओं का सारा चढ़ावा सुरक्षित, SIT रिपोर्ट पर 22 जुलाई को होगी बैठक (Watch Video)
दान के पैसों से भाई की शादी और गर्लफ्रेंड को आईफोन
पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अविनाश ने स्वीकार किया है कि उसने चोरी की रकम में से करीब 19 लाख रुपये अपने परिवार और दोस्तों पर खर्च किए. इसमें से 6 लाख रुपये उसने अपने एक भाई की शादी के जश्न में उड़ाए, जबकि 5 लाख रुपये दूसरे भाई के खाते में ट्रांसफर किए.
इतना ही नहीं, अविनाश ने अपने एक करीबी मित्र को लगभग 2.5 लाख रुपये ऑनलाइन भेजे और उसे एक बेहद महंगा मोबाइल फोन (आईफोन) भी गिफ्ट किया. जांच टीम ने अविनाश के पास से एक मारुति ब्रेज़ा एसयूवी (SUV) कार भी बरामद की है, जिसे मंदिर के पैसों से खरीदकर पहचान छिपाने के लिए उसके भाई अभिषेक के नाम पर रजिस्टर कराया गया था.
अविनाश शुक्ला से सबसे ज्यादा 20.39 लाख रुपये बरामद
एसआईटी और अयोध्या पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अब तक गिरफ्तार किए गए 8 आरोपियों के पास से कुल 79.80 लाख रुपये से अधिक की नकदी बरामद की जा चुकी है. इसमें सबसे बड़ी रिकवरी मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला के पास से हुई है. पुलिस ने अविनाश के ठिकाने से 20.39 लाख रुपये नकद, 1,121 अमेरिकी डॉलर (विदेशी मुद्रा) और सोने-चांदी के कीमती आभूषण बरामद किए हैं.
इसके अलावा, अयोध्या के एक योग केंद्र से (जहां अविनाश पिछले 10 वर्षों से रह रहा था) 'रामराज्य कोष' लिखा हुआ एक फर्जी दान पत्र और पेटीएम (Paytm) क्यूआर कोड भी मिला है, जिसका इस्तेमाल अवैध वसूली के लिए किए जाने की आशंका है. अन्य आरोपियों में करुणेश पांडे से 18.07 लाख और अनुकल्प मिश्रा से 16.82 लाख रुपये बरामद हुए हैं.
सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी में गंभीर लापरवाही
एसआईटी की रिपोर्ट ने राम मंदिर के डोनेशन-काउंटिंग फैसिलिटी (चढ़ावा गिनती केंद्र) की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, यह चोरी लगभग 40 दिनों तक लगातार चलती रही, जिसे सुरक्षाकर्मियों की ढिलाई, कर्मचारियों की ठीक से तलाशी (फ्रिस्किंग) न होने और कमजोर सीसीटीवी (CCTV) मॉनिटरिंग के कारण अंजाम दिया गया.
जांच में यह भी सामने आया कि पकड़े गए आरोपी महज 14,000 से 15,000 रुपये प्रति माह की सैलरी पर काम करने वाले आउटसोर्सिंग कर्मचारी थे, लेकिन पिछले कुछ महीनों में अचानक उनकी वित्तीय स्थिति बदल गई और उन्होंने बड़े प्लॉट और आलीशान मकान खरीद लिए थे.
अंतिम रिपोर्ट के बाद जवाब देगा ट्रस्ट
इस पूरे विवाद के सामने आने के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पहले ही अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था. प्रारंभिक रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए चंपत राय ने कहा कि वे इन आरोपों पर बिंदुवार जवाब तभी देंगे जब एसआईटी अपनी अंतिम (फाइनल) रिपोर्ट सौंप देगी.
भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ट्रस्ट ने प्रशासनिक सुधार शुरू कर दिए हैं, जिसके तहत मंदिर के प्रबंधन और वित्तीय सुरक्षा को संभालने के लिए एक पेशेवर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति के लिए कमेटी बनाई गई है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 08, 2026 01:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

