Ram Mandir Donation Dispute: 'शिवसेना द्वारा दान की गई 4 किलो की चांदी की ईंट गायब'- संजय राउत का राम मंदिर ट्रस्ट पर बड़ा आरोप
शिवसेना के सांसद संजय राउत ने अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उनकी पार्टी द्वारा मंदिर निर्माण के लिए दान की गई 4 किलोग्राम वजन की चांदी की ईंट गायब हो गई है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर इस मामले की उच्च स्तरीय जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की है.
मुंबई/अयोध्या: अयोध्या के श्री राम मंदिर (Ayodhya Shri Ram Mandir) में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान में कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. अब इस राजनीतिक विवाद में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) (Shiv Sena (Uddhav Balasaheb Thackeray) भी खुलकर सामने आ गई है. पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) ने शुक्रवार, 26 जून 2026 को एक चौंकाने वाला दावा करते हुए आरोप लगाया कि उनकी पार्टी द्वारा राम मंदिर निर्माण के लिए समर्पित की गई 4 किलोग्राम वजन की चांदी की ईंट (Silver Brick) लापता है. संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट शेयर कर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से इस दान के स्टेटस को लेकर पूर्ण जवाबदेही और गहन जांच की मांग की है. यह भी पढ़ें: Ram Mandir Donation Row: 'बड़े नामों को बचाने के लिए बनी SIT, यह सिर्फ दिखावा'- अयोध्या रवाना होने से पहले अरविंद केजरीवाल का बड़ा हमला
'हजारों शिवसैनिकों और संतों के सामने दिया था दान, पर रसीद नहीं मिली'
संजय राउत ने अपनी पोस्ट में इस दान की पृष्ठभूमि साझा करते हुए लिखा कि मंदिर निर्माण के शुरुआती चरण के दौरान शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने स्वेच्छा से ₹1 करोड़ की नकद राशि के साथ-साथ यह पवित्र चांदी की ईंट दान की थी। यह समर्पण कार्यक्रम हजारों शिवसैनिकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और प्रमुख साधु-संतों की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ था.
सांसद राउत ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक योगदान के कई वर्ष बीत जाने के बाद भी पार्टी को राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक रसीद (Official Receipt) या ट्रैकिंग अपडेट प्राप्त नहीं हुआ है. उन्होंने तीखे लहजे में सवाल पूछा, "आखिर वह चांदी की ईंट कहाँ चली गई? अब इस पूरे मामले की गहन जांच करने और जवाबदेही तय करने का समय आ गया है."
यूपी सरकार के निर्देश पर 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
संजय राउत का यह तीखा हमला ऐसे समय में आया है जब अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान पेटियों से करोड़ों रुपये के गबन के आरोपों को लेकर कानूनी शिकंजा कसना शुरू हो चुका है. उत्तर प्रदेश सरकार के कड़े रुख के बाद गुरुवार देर रात अयोध्या के राम जन्मभूमि थाने में कुल 8 नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है.
इस एफआईआर में मुख्य रूप से अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, टिन्नू यादव और मनीष यादव समेत अन्य लोगों को नामजद किया गया है. इन सभी आरोपियों पर आपराधिक साजिश रचने (BNS धारा 61), अमानत में खयानत (धारा 316) और चोरी का माल रखने (धारा 317) जैसी धाराएं लगाई गई हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ये सभी आरोपी मंदिर परिसर में आने वाले दान और नकदी की गिनती की प्रक्रिया से जुड़े हुए थे.
‘ट्रस्ट से कोई रसीद या अपडेट नहीं’
पूर्व विधायक पवन पांडे के खुलासे के बाद गठित हुई थी एसआईटी
राम मंदिर में दान की हेराफेरी का यह पूरा विवाद तब उजागर हुआ था जब समाजवादी पार्टी (SP) के पूर्व विधायक पवन पांडे ने आरोप लगाया था कि मंदिर के खजाने से लगभग ₹7 करोड़ से ₹7.5 करोड़ रुपये के दान का गबन किया गया है. इन गंभीर आरोपों के बाद, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार 14 जून 2026 को तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था. लखनऊ के कमिश्नर विजय विश्वास पंत के नेतृत्व वाली इस एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी, जिसमें गंभीर वित्तीय खामियों की बात सामने आई, जिसके तुरंत बाद राज्य सरकार ने पुलिस को मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने के आदेश जारी किए.