Rajasthan Shocker: श्रीगंगानगर में मानवता शर्मसार, 13 साल की मासूम को बंधक बनाकर 5 दिनों में 30 से अधिक लोगों ने किया सामूहिक दुष्कर्म
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले से एक अत्यंत स्तब्ध करने वाला और अमानवीय मामला सामने आया है। यहाँ एक 13 वर्षीय नाबालिग लड़की को अगवा कर कई दिनों तक अलग-अलग स्थानीय होटलों में बंधक बनाकर रखा गया और कथित तौर पर 30 से अधिक पुरुषों द्वारा उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया. इस जघन्य वारदात के बाद इलाके में भारी जनाक्रोश है और पुलिस ने कई होटल मालिकों व प्रबंधकों को गिरफ्तार किया है.
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श्रीगंगानगर (राजस्थान): राजस्थान (Rajasthan) के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर (Sri Ganganagar) में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली जघन्य वारदात सामने आई है, जिसने पूरे राज्य की कानून-व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यहाँ एक 13 साल की मासूम बच्ची को पांच दिनों तक लापता रखने के बाद अलग-अलग स्थानीय होटलों में बंधक बनाया गया और कथित तौर पर 30 से अधिक लोगों द्वारा उसके साथ बर्बरतापूर्वक सामूहिक दुष्कर्म (Gangrape) किया गया. पीड़ित बच्ची की शिकायत पर पुलिस ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्य आरोपियों सहित कई होटल संचालकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. यह भी पढ़ें: Assam Horror: असम के बरपेटा में खौफनाक वारदात; स्कूल से लौट रही 10 वर्षीय मासूम से गैंगरेप के बाद हत्या, 3 नाबालिग आरोपी हिरासत में
कैसे उजागर हुआ यह अमानवीय घटनाक्रम?
पुलिस में दर्ज कराई गई प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) के अनुसार, यह दर्दनाक सिलसिला तब शुरू हुआ जब नाबालिग लड़की अचानक अपने घर से लापता हो गई थी. आरोप है कि एक स्थानीय रिक्शा चालक ने बहला-फुसलाकर उसे अगवा किया और कुछ रुपयों के लालच में उसे एक स्थानीय होटल मालिक को बेच दिया.
इसके बाद, जिले के कई अन्य अवैध होटल संचालकों और प्रबंधकों ने मिलकर इस घिनौने कृत्य को अंजाम दिया और पीड़ित को लगातार पांच दिनों तक प्रताड़ित किया. पीड़िता ने अपने बयान में एक बेहद दर्दनाक खुलासा करते हुए बताया कि जब भी वह शारीरिक दर्द से तड़पती और चिल्लाती थी, तो आरोपी उसे चुप कराने के लिए जबरन शराब पीने पर मजबूर करते थे.
जिले के अवैध होटलों के खिलाफ जनता का फूटा गुस्सा
इस वीभत्स घटना की खबर फैलते ही श्रीगंगानगर में स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों का गुस्सा भड़क उठा है. निवासियों का आरोप है कि श्रीगंगानगर कोई बड़ा पर्यटन स्थल (Tourist Destination) नहीं है, इसके बावजूद प्रशासनिक लापरवाही के चलते पूरे जिले में 150 से अधिक अवैध और गैर-पंजीकृत होटल धड़ल्ले से चल रहे हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि ये होटल बिना किसी वैध दस्तावेज, सीसीटीवी (CCTV) कैमरों और आईडी वेरिफिकेशन के संचालित होते हैं, जो इस तरह की आपराधिक गतिविधियों के मुख्य केंद्र बन चुके हैं. आक्रोशित जनता ने प्रशासन से इन सभी अवैध होटलों को तुरंत सील करने और उन्हें ढहाने की मांग की है.
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस का प्रदर्शन, कड़ी सजा की मांग
वारदात को लेकर राज्य की सियासत भी गरमा गई है. मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस प्रशासनिक विफलता के खिलाफ श्रीगंगानगर में एक विशाल विरोध प्रदर्शन और मार्च निकाला. इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे करनपुर के विधायक रूपिंदर सिंह कुन्नर ने जिला प्रशासन और पुलिस को कड़े शब्दों में चेतावनी दी.
विधायक कुन्नर ने कहा, "यह घटना स्थानीय पुलिस और खुफिया तंत्र की पूरी तरह से नाकामी को दर्शाती है. हमारी मांग है कि रिक्शा चालक और इसमें शामिल सभी 30 से अधिक दरिंदों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए फांसी की सजा दी जाए." उन्होंने यह भी मांग की कि घटना के प्रति लापरवाही बरतने वाले संबंधित थाने के पुलिस अधिकारियों को तुरंत निलंबित किया जाए. कांग्रेस ने अल्टीमेटम दिया है कि यदि जल्द ही इस बड़े नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे राज्यव्यापी उग्र आंदोलन शुरू करेंगे.
फिलहाल पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की गहनता से तफ्तीश की जा रही है. कॉल डिटेल्स और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इस रैकेट में शामिल अन्य सफेदपोशों और अपराधियों को चिह्नित किया जा रहा है, और आने वाले दिनों में कई और बड़ी गिरफ्तारियां होने की संभावना है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 29, 2026 01:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

