Railway Bonus 2026: केंद्रीय कैबिनेट में रेलवे कर्मचारियों के प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस प्रस्ताव पर विचार; 17,951 रुपये से बढ़ाकर
आगामी दुर्गा पूजा, दशहरा और दिवाली के त्योहारों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल रेलवे कर्मचारियों के प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस प्रस्ताव पर विचार कर रहा है. वर्तमान गणना नियमों के अनुसार, गैर-राजपत्रित रेलकर्मियों को 7,000 रुपये की वैधानिक वेतन सीमा के आधार पर 78 दिनों का अधिकतम 17,951 रुपये बोनस मिलता है.
नई दिल्ली: त्योहारी सीजन के आगमन के साथ ही देश भर के 11 लाख से अधिक गैर-राजपत्रित रेल कर्मचारियों के लिए प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) पर फैसले की घड़ी आ गई है. द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए रेलकर्मियों के वार्षिक त्योहारी बोनस प्रस्ताव पर विमर्श किया जा रहा है.
हर वर्ष दुर्गा पूजा और दशहरे से ठीक पहले घोषित होने वाले इस बोनस को लेकर कर्मचारियों में उत्सुकता है. हालांकि, सरकार की ओर से अंतिम औपचारिक घोषणा और राशि के संबंध में आधिकारिक आदेश जारी होना अभी बाकी है.
मौजूदा 17,951 रुपये की गणना और कर्मचारी संघों की मांग
रेलवे में पीएलबी की गणना का मौजूदा ढांचा एक दशक पुराना है, जिसे बदलने के लिए कर्मचारी संगठन लगातार दबाव बना रहे हैं:
- मौजूदा फॉर्मूला: लाइवमिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, पात्र गैर-राजपत्रित कर्मचारियों को 78 दिनों के वेतन के बराबर बोनस दिया जाता है. लेकिन इसके लिए मासिक वेतन की सांकेतिक सीमा (Wage Ceiling) केवल 7,000 रुपये तय है, जिससे अधिकतम बोनस 17,951 रुपये ही बन पाता है। यह सीमा वर्ष 2014-15 से संशोधित नहीं हुई है.
- यूनियनों की मांग: इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) का तर्क है कि सातवें वेतन आयोग के लागू होने और न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये होने के बाद 7,000 रुपये की सीमा अप्रासंगिक हो चुकी है.
- 46,184 रुपये बोनस का प्रस्ताव: एसोसिएशन ने मांग की है कि पे-लेवल 2 और उससे ऊपर के कर्मचारियों के लिए गणना सीमा 18,000 रुपये प्लस महंगाई भत्ता (DA) की जाए. इस आधार पर वार्षिक बोनस कम से कम 46,184 रुपये तय करने की सिफारिश की गई है.
रेलवे पीएलबी 2026: मौजूदा ढांचा बनाम कर्मचारी मांग
| विवरण | मौजूदा नियम | कर्मचारी संघ (IRTSA) की मांग |
| बोनस का आधार (दिन) | 78 दिनों का वेतन | 78 दिनों का वेतन |
| मासिक वेतन सीमा (Ceiling) | 7,000 रुपये प्रति माह | 18,000 रुपये + महंगाई भत्ता (DA) |
| बोनस की अधिकतम राशि | 17,951 रुपये | कम से कम 46,184 रुपये |
| वर्तमान स्थिति | लागू व्यवस्था | सरकार के समक्ष लंबित मांग |
41,149 रुपये वाले फर्जी पत्र पर रेलवे बोर्ड की चेतावनी
कैबिनेट की चर्चाओं के बीच सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर एक फर्जी आदेश पत्र वायरल हो गया, जिस पर रेलवे प्रशासन को सख्त कदम उठाना पड़ा:
- फर्जी आदेश का दावा: फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, 6 अक्टूबर 2026 की तारीख वाले एक कथित पत्र (RBE No. 101/2026) में दावा किया गया था कि सरकार ने 78 दिनों का बोनस मंजूर कर दिया है और प्रत्येक कर्मचारी को 41,149 रुपये मिलेंगे.
- रेलवे बोर्ड का स्पष्टीकरण: रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे, उत्पादन इकाइयों और महाप्रबंधकों को पत्र भेजकर स्पष्ट किया कि यह दस्तावेज पूरी तरह फर्जी है और इस पर जाली हस्ताक्षर किए गए हैं.
- अधिकारियों को निर्देश: बोर्ड ने निर्देश दिया है कि इस फर्जी परिपत्र के आधार पर कोई भुगतान या प्रशासनिक कार्रवाई न की जाए. साथ ही सभी रेलकर्मियों को आगाह किया गया है कि वे किसी भी भ्रम से बचें और केवल रेल मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने वाले फैसलों पर ही भरोसा करें.