नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session) के दौरान देश भर में जारी छात्र आंदोलनों और नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक विवाद के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) पर तीखा राजनीतिक हमला किया है. सोमवार को एक बयान जारी कर राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार देश के युवाओं के भविष्य की रक्षा करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है.
उन्होंने दावा किया कि देश भर में हुई लगातार परीक्षा धांधली और पेपर लीक की घटनाओं से करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है, लेकिन सरकार दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय आवाज उठाने वाले छात्रों को दबाने का प्रयास कर रही है. यह भी पढ़ें: CJP Demands To Centre: कॉकरोच जनता पार्टी ने केंद्र के सामने रखीं 3 बड़ी मांगें; जानें जेपी नड्डा के साथ बैठक में क्या हुआ
'7.5 करोड़ छात्र प्रभावित, 152 पेपर लीक हुए'
परीक्षा प्रणालियों में आई खामियों पर केंद्र सरकार को घेरते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में देश भर में 152 से अधिक सरकारी और प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं, जिससे लगभग 7.5 करोड़ छात्रों और युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है.
राहुल गांधी ने कहा:
"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के इतिहास में सबसे युवा विरोधी प्रधानमंत्री हैं. वे इतने युवा विरोधी हैं कि एक असफल शिक्षा मंत्री (धर्मेंद्र प्रधान) का इस्तीफा तक नहीं मांग सकते. लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद करने वाले मुख्य दोषी आज भी खुले घूम रहे हैं, जबकि जवाबदेही किसी की तय नहीं की गई है."
राहुल गांधी का दावा है कि परीक्षा के 152 पेपर लीक हुए
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'मांग उठाने पर छात्रों को मिली लाठियां और हिरासत'
दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि जब छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता को लेकर जायज सवाल उठाए, तो सरकार ने उनसे संवाद करने के बजाय उन पर लाठियां बरसाईं और उन्हें हिरासत में ले लिया.
उन्होंने कहा कि पेपर लीक के मास्टरमाइंड आजाद घूम रहे हैं, जबकि अपने हक और निष्पक्षता की मांग करने वाले निर्दोष छात्रों को सड़कों पर घसीटा और पीटा जा रहा है. राहुल गांधी ने मांग की कि सरकार को तुरंत शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाना चाहिए और पेपर लीक रोधी कड़े कदम उठाने चाहिए. यह भी पढ़ें: Jantar Mantar Protest: संसद घेराव के दौरान हिंसक हुआ CJP का 'संसद चलो' मार्च; लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े गए
राजनीतिक घमासान और सरकार का रुख
नीट परीक्षा में धांधली और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है. कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे पर विशेष चर्चा की मांग कर रहे हैं.
दूसरी ओर, केंद्र सरकार और सत्तारूढ़ पक्ष का कहना है कि सरकार पारदर्शी परीक्षाएं आयोजित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. सरकार का तर्क है कि जहां भी अनियमितताओं की शिकायतें मिली हैं, वहां सीबीआई (CBI) जांच के साथ-साथ आरोपियों के खिलाफ कड़े कानूनी कदम उठाए गए हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नया लोक परीक्षा कानून लागू किया गया है.













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