राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी की ‘Hug Diplomacy’ पर कसा तंज, संदीप दीक्षित को लगाया गले; BJP ने बताया ‘आपत्तिजनक’

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में भारत को समझने के लिए वर्तमान समय की सामाजिक और राजनीतिक अभिव्यक्ति को समझने की जरूरत बताई. उन्होंने कहा कि भारत को केवल हजारों साल पुराने इतिहास के जरिए नहीं समझा जा सकता, बल्कि आज के भारत और उसकी अभिव्यक्ति को भी समझना होगा.

Rahul Gandhi vs Narendra Modi: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार, 13 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेशी नेताओं के साथ मुलाकातों और गले मिलने की शैली पर तंज कसा. नई दिल्ली में आयोजित Rachnatmak Congress National Convention में राहुल गांधी ने कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को मंच पर गले लगाया और इसे प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति से जोड़ते हुए टिप्पणी की. इस दौरान संदीप दीक्षित ने भी इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का संदर्भ देते हुए मजाक किया, जिसके बाद दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई. Rahul Gandhi Favourite BJP Leader: राहुल गांधी के पसंदीदा बीजेपी नेता कौन हैं? पूछने पर बताया इनका नाम

राहुल गांधी ने मंच पर संदीप दीक्षित को लगाया गले

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें नहीं पता कि पीएम मोदी के दिमाग में यह विचार कहां से आया. उन्होंने कहा कि कुछ अजीब विचार लोगों के दिमाग में आते हैं और प्रधानमंत्री इसे विदेश नीति समझते हैं.

इसके बाद राहुल गांधी ने मंच पर मौजूद कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को गले लगा लिया. इस दौरान दीक्षित ने मजाकिया अंदाज में पूछा कि कहीं राहुल उन्हें जॉर्जिया मेलोनी समझकर तो गले नहीं लगा रहे थे. राहुल गांधी ने जवाब दिया कि वह अभी उस स्तर तक नहीं पहुंचे हैं. इस बातचीत के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच हंसी का माहौल बन गया.

 

 

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'हग डिप्लोमेसी' पर तंज कसा:

BJP ने राहुल गांधी के बयान पर जताई आपत्ति

राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर निशाना साधा. BJP प्रवक्ता संजू वर्मा ने इसे आपत्तिजनक और नेता प्रतिपक्ष के पद के अनुरूप नहीं बताया. उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणी राहुल गांधी की राजनीतिक जिम्मेदारी और प्रधानमंत्री पद की दावेदारी करने वाले नेता की गरिमा के अनुरूप नहीं है. BJP की ओर से यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेशी नेताओं के साथ मुलाकातों और उनकी कूटनीतिक शैली को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल उठाती रही है.

कांग्रेस ने किया राहुल गांधी का बचाव

कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने BJP की आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने जॉर्जिया मेलोनी का नाम नहीं लिया था. उनके मुताबिक राहुल गांधी ने केवल संदीप दीक्षित को गले लगाया और इस पर आपत्ति करने की कोई वजह नहीं है. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की विदेशी नेताओं से मुलाकातों में गले मिलने की शैली पर भी सवाल उठाए और कहा कि अलग-अलग देशों में अभिवादन के अलग तरीके होते हैं.

BJP-RSS पर भी राहुल गांधी ने बोला हमला

राहुल गांधी ने कार्यक्रम के दौरान BJP और RSS पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने दोनों संगठनों को लेकर बेहद कड़ी टिप्पणी करते हुए आरोप लगाया कि BJP-RSS भारत के इतिहास, संस्कृति और वर्तमान वास्तविकता को सही तरीके से नहीं समझते. राहुल गांधी ने कहा कि देश में एक राजनीतिक विचारधारा ऐसी व्यवस्था लागू करना चाहती है जो कुछ लोगों के हित में हो, जबकि कांग्रेस का दावा है कि वह लोगों को अपनी बात और विचार व्यक्त करने की स्वतंत्रता देने के पक्ष में है.

RSS को लेकर राहुल गांधी ने लगाए गंभीर आरोप

राहुल गांधी ने RSS के बदलते स्वरूप को लेकर भी दावा किया. उन्होंने आरोप लगाया कि RSS अब बड़े पूंजीपतियों के प्रभाव में काम कर रहा है और इस दौरान उन्होंने उद्योगपति गौतम अडानी और मुकेश अंबानी का नाम लिया.

राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि RSS का मूल स्वरूप बदल चुका है और संगठन का इस्तेमाल बड़े पूंजी हितों के लिए किया जा रहा है. हालांकि, ये राहुल गांधी द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं और BJP की ओर से इन दावों को स्वीकार नहीं किया गया है.

‘मोदी और अमित शाह को सोने नहीं देंगे’

कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपने राजनीतिक अभियान को जारी रखने की बात भी कही. राहुल गांधी ने कहा कि जब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस्तीफा नहीं देते, तब तक कांग्रेस अपना दबाव बनाए रखेगी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का संघर्ष नफरत या हिंसा के जरिए नहीं, बल्कि देश की राजनीतिक और सांस्कृतिक विचारधारा को लेकर है. राहुल गांधी ने भारत को प्रेम, भाईचारे और अहिंसा से जोड़ते हुए अपनी बात रखी.

‘भारत को समझने के लिए आज की अभिव्यक्ति समझनी होगी’

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में भारत को समझने के लिए वर्तमान समय की सामाजिक और राजनीतिक अभिव्यक्ति को समझने की जरूरत बताई. उन्होंने कहा कि भारत को केवल हजारों साल पुराने इतिहास के जरिए नहीं समझा जा सकता, बल्कि आज के भारत और उसकी अभिव्यक्ति को भी समझना होगा.

इस पूरे कार्यक्रम में राहुल गांधी के प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति पर किए गए तंज और BJP-RSS पर दिए गए बयानों को लेकर राजनीतिक विवाद देखने को मिला. कांग्रेस ने जहां इसे सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने का तरीका बताया, वहीं BJP ने राहुल गांधी की टिप्पणी को अनुचित करार दिया.

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