NEET Row: नीट विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई पर बोले राहुल गांधी; सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का एक वीडियो साझा करते हुए न्याय की मांग की है. राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक उच्च स्तरीय स्वतंत्र समिति गठित कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया है.

राहुल गांधी (Photo Credits: X/@RahulGandhi)

नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने नीट-यूजी (NEET-UG) 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर गुरुवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक वीडियो क्लिप साझा करते हुए दावा किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं और छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया गया.

कांग्रेस नेता ने सरकार से मांग की कि 20 जुलाई को हुए प्रदर्शनों के दौरान हुई इस कार्रवाई की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक स्वतंत्र और उच्च स्तरीय जांच समिति (High-Powered Committee) का गठन किया जाना चाहिए. यह भी पढ़ें: 'Amit Shah Must Go': प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी का हमला, गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग (Video)

"छात्र न्याय के हकदार, लाठियों के नहीं"

सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में राहुल गांधी ने लिखा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही मांग रहे युवा देश के भविष्य हैं. उन्होंने कहा:

"हमारे छात्र न्याय के हकदार हैं। प्रदर्शनकारी युवाओं पर की गई कथित बर्बरता और बल प्रयोग की निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में एक स्वतंत्र उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया जाना अनिवार्य है."

राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि छात्रों की मांगें सुनने के बजाय उन पर लाठीचार्ज करना और बल प्रयोग करना पूरी तरह से गलत है. उन्होंने इस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और निर्णयकर्ताओं की जवाबदेही तय करने की बात कही.

राहुल गांधी ने NEET विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस की बर्बरता का आरोप लगाते हुए वीडियो शेयर किया

सुप्रीम कोर्ट का आदेश और दंडात्मक कार्रवाई

उल्लेखनीय है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी हाल ही में दिल्ली पुलिस और संबंधित राज्य सरकारों को 18 वर्ष से कम आयु के उन प्रदर्शनकारी छात्रों को तुरंत रिहा करने का निर्देश दिया था जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है. शीर्ष अदालत ने यह भी टिप्पणी की थी कि प्रदर्शनों के दौरान यदि अधिकारियों द्वारा नियमों से परे जाकर बल प्रयोग किया गया है, तो उस पर कानून के अनुसार उचित कार्रवाई होनी चाहिए.

राजनीतिक गरमाहट और संसद में हंगामा

नीट-यूजी 2026 परीक्षा का मुद्दा संसद के मानसून सत्र में भी प्रमुखता से छाया हुआ है. बीते दो दिनों से संसद के भीतर लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक 2026 पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली है.

विपक्षी दल जहां गृह मंत्री के इस्तीफे और पुलिस अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मानक प्रोटोकॉल का पालन किया है. इस बीच विभिन्न छात्र संगठन परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता, दर्ज मामलों की वापसी और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर अपना विरोध जारी रखे हुए हैं.

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