Main Bhi Nahi Sudhar Raha Hoon: राहुल गांधी बोले- 'मैं भी नहीं सुधर रहा हूं', पुणे में सरकार से सवाल पूछने पर मिली गालियों पर दी प्रतिक्रिया; VIDEO
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पुणे में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान लोक गायिका नेहा सिंह राठौर के साथ संवाद किया. उन्होंने सत्ता पक्ष से सवाल पूछने पर मिलने वाली आलोचनाओं और लोकतांत्रिक अधिकारों पर अपनी बात रखी.
Main Bhi Nahi Sudhar Raha Hoon: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने शनिवार को महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित कांग्रेस के यूथ और स्टूडेंट आउटरीच कार्यक्रम 'छात्रों की गूंज' में हिस्सा लिया. इस संवाद सत्र के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार से असहज करने वाले सवाल पूछने के कारण उन्हें सालों से गालियों और हमलों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन वे चुप बैठने या झुकने वाले नहीं हैं.
इस कार्यक्रम में मशहूर लोक गायिका Neha Singh Rathore भी शामिल हुईं. दोनों के बीच राजनीतिक और सामाजिक आलोचनाओं के कारण मिलने वाली प्रतिक्रियाओं पर सीधी बातचीत हुई.
राहुल गांधी बोले- 'मैं भी नहीं सुधर रहा हूं
राहुल गांधी बोले- 'मैं भी नहीं सुधर रहा हूं
आलोचना और ऑनलाइन ट्रोलिंग का साझा अनुभव
कार्यक्रम के दौरान अपने गीतों के माध्यम से राजनीतिक सवाल उठाने के लिए मशहूर नेहा सिंह राठौर ने अपनी आपबीती साझा की. उन्होंने बताया कि सरकार और प्रशासन से सवाल पूछने पर उन्हें सालों से ऑनलाइन ट्रोलिंग, गालियों और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा है.
नेहा राठौर के वक्तव्य पर प्रतिक्रिया देते हुए Rahul Gandhi ने मुस्कुराते हुए कहा, "मैं भी नहीं सुधर रहा हूं." उन्होंने कहा कि सत्ता से तीखे सवाल पूछने वालों को निशाना बनाना एक आम बात बन गई है, लेकिन जनहित और लोकतंत्र के लिए सवाल पूछते रहना बेहद जरूरी है.
लोकतंत्र में महिलाओं के सम्मान और अभिव्यक्ति की आजादी पर सवाल
संवाद के दौरान नेहा राठौर ने सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की सुरक्षा और उनके प्रति सम्मान पर चिंता जताई. उन्होंने सवाल उठाया कि जब सत्ता में बैठे नेताओं से सवाल पूछने पर महिलाओं को ट्रोलिंग और कानूनी मुकदमों का सामना करना पड़ता है, तो ऐसे में उनके प्रति वास्तविक सम्मान की उम्मीद कैसे की जा सकती है?
Rahul Gandhi ने इस बिंदु को आगे बढ़ाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाए रखने के लिए लगातार सवाल पूछना अनिवार्य है. उन्होंने पितृसत्तात्मक सोच, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और बिना किसी डर के अपनी राय व्यक्त करने की स्वतंत्रता जैसे सामाजिक मुद्दों पर भी विचार रखे.
'छात्रों की गूंज' अभियान का संदर्भ
'छात्रों की गूंज' पहल कांग्रेस पार्टी के देशव्यापी युवा जुड़ाव अभियान का एक हिस्सा है, जिसके तहत कॉलेजों के छात्रों, युवाओं और स्वतंत्र विचारकों के साथ संवाद किया जा रहा है. Navbharat Times और ABP News की रिपोर्ट्स के अनुसार पुणे में आयोजित इस सत्र में शिक्षा सुधार, रोजगार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया गया