Puri Rath Yatra stampede Video: पुरी रथ यात्रा में बड़ा हादसा, भगवान के रथ को छूने की होड़ में मची भगदड़, 3 लोगों की मौत

Puri Rath Yatra Stampede: ओडिशा के पुरी में चल रही प्रसिद्ध रथ यात्रा के दौरान एक दुखद घटना घटी है. रविवार सुबह-सुबह गुंडिचा मंदिर (Gundicha Temple) के सामने भगवान जगन्नाथ के रथ को छूने और उनके दर्शन करने के लिए भक्तों की भारी भीड़ जमा थी. इसी दौरान अचानक भगदड़ मच गई, जिसमें 3 लोगों की जान चली गई और 10 लोग घायल हो गए.

क्या और कैसे हुआ हादसा?

यह दर्दनाक हादसा रविवार को सुबह 4 से 5 बजे के बीच हुआ. भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के रथ अपनी नौ दिन की यात्रा के लिए गुंडिचा मंदिर पहुँच चुके थे. रथों को मंदिर के बाहर खड़ा किया गया था. भगवान के रथ की एक झलक पाने और उसे छूने के लिए भक्तों में होड़ मच गई. इसी आपाधापी में लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे और भगदड़ मच गई.

चिंता की बात यह थी कि जब यह हादसा हुआ, तो मौके पर कोई एंबुलेंस मौजूद नहीं थी. ऐसे में, दूसरे लोगों ने ही इंसानियत दिखाते हुए घायलों को उठाया और उन्हें पास के अस्पताल पहुँचाया. प्रशासन का कहना है कि अब हालात काबू में हैं.

यात्रा में पहले भी आई थीं मुश्किलें

यह इस साल की रथ यात्रा में पहली बड़ी परेशानी नहीं है. इससे पहले शनिवार को भी यात्रा के दौरान 600 से ज़्यादा लोगों की तबीयत खराब हो गई थी. इनमें से कई लोग भीड़ में धक्का-मुक्की से घायल हुए, तो वहीं 200 से ज़्यादा लोग गर्मी और उमस की वजह से बेहोश हो गए थे.

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

हालांकि, पुलिस और प्रशासन ने यात्रा के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं. ओडिशा पुलिस, CAPF और NSG के करीब 10,000 जवान तैनात किए गए हैं. भीड़ पर नजर रखने के लिए 275 से ज़्यादा AI वाले CCTV कैमरे भी लगाए गए हैं. इसके बावजूद यह दुखद हादसा हो गया.

क्या है गुंडिचा मंदिर की परंपरा?

गुंडिचा मंदिर को भगवान जगन्नाथ की ‘मौसी’ का घर माना जाता है. हर साल भगवान अपने भाई-बहन के साथ रथ पर सवार होकर जगन्नाथ मंदिर से 2.6 किलोमीटर दूर स्थित इस मंदिर में नौ दिनों के लिए आते हैं. शनिवार को तीनों रथ अपनी मंजिल पर पहुँचे थे. एक खास पूजा के बाद रविवार को भगवान को मंदिर के अंदर ले जाया जाना था.

अब 9 दिन गुंडिचा मंदिर में रहने के बाद भगवान वापस मुख्य मंदिर लौटेंगे. इस वापसी की यात्रा को ‘बहुदा यात्रा’ कहते हैं, जो इस साल 5 जुलाई को होगी.