पुणे में रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला: पारिवारिक विवाद में महिला ने 9 महीने के बच्चे के मुंह में डाला फेविक्विक, तबीयत बिगड़ी
पुणे शहर से एक हैरान और संतापजनक कर देने वाली घटना सामने आई है. एक संयुक्त परिवार में हुए विवाद के बाद महिला ने अपने ही 9 महीने के भतीजे के मुंह में फेविक्विक (सुपर ग्लू) डाल दिया
Pune Shocking News: पुणे शहर से एक हैरान और संतापजनक कर देने वाली घटना सामने आई है. एक संयुक्त परिवार में हुए विवाद के बाद महिला ने अपने ही 9 महीने के भतीजे के मुंह में फेविक्विक (सुपर ग्लू) डाल दिया. केमिकल के कारण बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर उसे गंभीर स्थिति में पुणे के ससून जनरल अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया.
लोहगांव पुलिस ने बच्चे के पिता की शिकायत के आधार पर आरोपी महिला और दो अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. यह भी पढ़े: Karnataka: चिप्स के पैकेट से निकली प्लास्टिक की गेंद निगलने से 5 साल के मासूम की मौत; मैसूरु की दुखद घटना
उल्टी और होंठ चिपकने पर हुआ खुलासा
घटना का खुलासा तब हुआ जब बच्चे की मां ज़ैनब ने देखा कि मासूम को अचानक उल्टियां होने लगीं और उसके होंठ आपस में चिपक गए थे. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मां ने तुरंत अपने पति अल्ताफ नदीम शेख (39) को सूचित किया.
परिजनों ने बच्चे को बिना देर किए ससून जनरल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे तुरंत आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया. वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मनीषा पाटिल के अनुसार, समय पर इलाज मिलने से बच्चे की हालत में अब सुधार हो रहा है.
पारिवारिक विवाद बनी घटना की वजह
पुलिस जांच में सामने आया है कि पीड़ित बच्चे के पिता अल्ताफ शेख और उनके भाई का परिवार एक ही मकान में साथ रहता है. दोनों परिवारों के बीच पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा था.
मंगलवार को भी किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी. शिकायत के मुताबिक, इसी बहस के बाद अल्ताफ की बहन सानिया शेख ने गुस्से में आकर 9 महीने के मासूम के मुंह में फेविक्विक डाल दिया.
शिकायत वापस लेने के लिए मिलीं धमकियां
बच्चे के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि जब बच्चे की मां ने सानिया से इस बारे में पूछताछ की, तो उसे अंजाम भुगतने की धमकी दी गई.
इसके अलावा, अस्पताल परिसर में दो अन्य आरोपी पहुंचे और पीड़ित परिवार को कानूनी कार्रवाई न करने और पुलिस में शिकायत न दर्ज कराने की धमकी दी. पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.