Prayagraj News: जिसे 15 साल तक भाई मानकर बांधी राखी, उसी से की शादी! बेटी के फैसले से नाराज पिता ने पुतले का किया 'अंतिम संस्कार'

प्रयागराज के औद्योगिक थाना क्षेत्र में 20 वर्षीय युवती ने परिवार की असहमति के बावजूद अंतर्जातीय विवाह कर लिया. शादी से नाराज परिजनों ने युवती का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर दिया, वहीं युवती ने वीडियो जारी कर स्वेच्छा से शादी करने और प्रताड़ना के आरोपों का खंडन किया है.

Prayagraj News:  उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के औद्योगिक थाना क्षेत्र स्थित तेंदुवावन गांव से एक हैरान कर देने वाला पारिवारिक विवाद सामने आया है. 20 वर्षीय युवती नंदनी पांडेय ने अपने परिचित 22 वर्षीय शाश्वत गुप्ता के साथ अंतर्जातीय विवाह कर लिया. शादी की सूचना मिलते ही नाराज परिजनों ने युवती से नाता तोड़ते हुए उसका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर दिया और तस्वीर पर 'स्वर्गीय' लिख दिया.

मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर घटना से जुड़े वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसके बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है.  यह भी पढ़े:   Pune: शादी के चार महीने बाद 23 वर्षीय महिला IT कर्मी ने की आत्महत्या; कार के लिए ₹5 लाख मांगने का आरोप, पति और सास-ससुर गिरफ्तार

परिजनों का दावा: 15 वर्षों से था घर आना-जाना

युवती के परिजनों के अनुसार, शाश्वत गुप्ता एलएलबी का छात्र है और उसके पिता बिजली विभाग में कार्यरत हैं. परिजनों का कहना है कि शाश्वत का उनके घर पिछले 15 वर्षों से लगातार आना-जाना था और परिवार उसे बेटे जैसा मानता था.

मां का आरोप है कि दोनों के बीच भाई-बहन जैसा रिश्ता था और युवती उसे लंबे समय से राखी भी बांधती आ रही थी. परिजनों ने आरोप लगाया कि युवक उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया और शादी रचा ली.

युवती ने वीडियो जारी कर आरोपों को नकारा

शादी के बाद युवती नंदनी पांडेय ने एक वीडियो बयान जारी कर परिजनों के सभी दावों का खंडन किया है. युवती ने स्पष्ट किया कि उसने बिना किसी दबाव के अपनी मर्जी से अंतर्जातीय विवाह किया है और वह अपने पति के साथ सुरक्षित और खुश है.

युवती ने अपने पिता पर मानसिक उत्पीड़न और बीमारी के दौरान समुचित इलाज न कराने के गंभीर आरोप भी लगाए. इसके साथ ही उसने घर से दो लाख रुपये नगद ले जाने के परिजनों के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि उसके परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी बड़ी रकम रखने की नहीं थी.

प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार और कानूनी पहलू

घटना के बाद 21-22 सितंबर को परिजनों ने गांव में अर्थी सजाकर युवती का प्रतीकात्मक दाह संस्कार और संबंधित रस्में पूरी कीं. परिजनों ने सार्वजनिक रूप से बयान दिया कि अब उनका अपनी बेटी से कोई कानूनी या सामाजिक संबंध नहीं है.

दूसरी ओर, युवती का कहना है कि जिस दिन परिजनों ने उसे मृत मानकर अंतिम संस्कार किया, उसी दिन उसने भी अपने मायके से हमेशा के लिए रिश्ता खत्म कर लिया. फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.

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