Prashant Kishor In Bihar: प्रशांत किशोर ने सरकार पर साधा निशाना, बोले- हर परिवार के एक पढ़े-लिखे युवा को दिलाएंगे रोजगार
रोजगार के मुद्दे पर भी प्रशांत किशोर ने बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य बैंकिपुर विधानसभा क्षेत्र के 10,000 परिवारों में कम से कम एक शिक्षित व्यक्ति को रोजगार से जोड़ना है. उन्होंने खास तौर पर उन शिक्षित युवाओं को रोजगार दिलाने की बात कही, जो वर्तमान में बेरोजगार हैं.
Prashant Kishor Latest News: जन सुराज पार्टी के प्रमुख और बैंकिपुर से विधायक प्रशांत किशोर ने बिहार सरकार पर निशाना साधते हुए शिक्षा, रोजगार और पुलिस मुठभेड़ों में जवाबदेही जैसे मुद्दे उठाए. पटना के बैंकिपुर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 16 में लोगों से मुलाकात के दौरान किशोर ने कहा कि सरकार की ओर से भारत भूषण तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देने का फैसला सकारात्मक है, लेकिन इसे पूरा न्याय नहीं कहा जा सकता. Prashant Kishor Net Worth: बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की शानदार जीत; चुनावी हलफनामे में घोषित की 198 करोड़ की संपत्ति
किशोर ने कहा कि वास्तविक न्याय तभी होगा जब कथित गोलीबारी के आदेश देने और उसे अंजाम देने वालों की पहचान हो और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए. उन्होंने न्यायिक जांच के जरिए व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग की.
भारत भूषण तिवारी के परिवार को मदद पर क्या बोले प्रशांत किशोर?
प्रशांत किशोर ने कहा कि किसी परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता मिलना निश्चित रूप से एक सकारात्मक कदम है, लेकिन इससे किसी अपने को खोने का दर्द खत्म नहीं हो सकता. उनके मुताबिक, मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल जवाबदेही का है. उन्होंने मांग की कि न्यायिक जांच के जरिए यह पता लगाया जाना चाहिए कि कथित पुलिस कार्रवाई के लिए कौन जिम्मेदार था और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए.
किशोर ने यह भी सवाल उठाया कि अगर दूसरे युवाओं की मौत पुलिस मुठभेड़ों में हुई है तो उनके परिवारों को भी इसी तरह की सहायता क्यों नहीं मिलनी चाहिए. उन्होंने विशेष रूप से बंटी यादव के परिवार का जिक्र किया और कहा कि राहत केवल किसी एक मामले तक सीमित नहीं होनी चाहिए.
बैंकिपुर के चुनाव नतीजे को लेकर सरकार पर निशाना
बैंकिपुर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 16 में अपने समर्थकों और स्थानीय लोगों से मुलाकात के दौरान प्रशांत किशोर ने सरकार पर भी निशाना साधा. इस मौके पर समर्थकों ने उन्हें लड्डुओं से तौलकर जीत का जश्न मनाया. किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए दावा किया कि बैंकिपुर के चुनाव नतीजे के बाद सरकार पर पुलिस मुठभेड़ों से जुड़े सवालों का जवाब देने का दबाव बढ़ा है. उन्होंने दावा किया कि बैंकिपुर के चुनाव परिणाम ने सरकार के रवैये को बदलने में भूमिका निभाई और इसी दबाव के बाद भारत भूषण तिवारी के परिवार के लिए राहत की घोषणा की गई.
निजी स्कूलों की फीस को लेकर भी उठाई आवाज
प्रशांत किशोर ने बैंकिपुर में बच्चों की शिक्षा से जुड़े मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया. उन्होंने निजी स्कूलों की बढ़ती फीस पर चिंता जताते हुए कहा कि री-एडमिशन, यूनिफॉर्म और अन्य शुल्क के कारण परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि वह स्कूल प्रबंधन से मुलाकात करेंगे और फीस कम करने की दिशा में काम करने की कोशिश करेंगे. किशोर ने शिक्षा को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करते हुए सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने का भी वादा किया.
अगले दशहरा तक सरकारी स्कूलों में सुधार का दावा
किशोर ने कहा कि बैंकिपुर क्षेत्र के सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता में अगले साल दशहरा तक सुधार किया जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेते हुए प्रभावित परिवारों के बच्चों का निजी स्कूलों में दाखिला कराने और उनकी फीस का भुगतान करने के लिए तैयार रहेंगे. इस घोषणा के जरिए किशोर ने बैंकिपुर में शिक्षा व्यवस्था को लेकर अपने राजनीतिक एजेंडे को स्पष्ट किया है.
10 हजार परिवारों के एक शिक्षित युवा को रोजगार का वादा
रोजगार के मुद्दे पर भी प्रशांत किशोर ने बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य बैंकिपुर विधानसभा क्षेत्र के 10,000 परिवारों में कम से कम एक शिक्षित व्यक्ति को रोजगार से जोड़ना है. उन्होंने खास तौर पर उन शिक्षित युवाओं को रोजगार दिलाने की बात कही, जो वर्तमान में बेरोजगार हैं. यह उनके पहले के उस वादे के अनुरूप है, जिसमें उन्होंने बैंकिपुर के 10,000 युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार से जोड़ने की बात कही थी.
प्रशांत किशोर के शुरुआती राजनीतिक एजेंडे में रोजगार, शिक्षा और सार्वजनिक जवाबदेही प्रमुख मुद्दे बनकर सामने आ रहे हैं. अब देखना होगा कि बैंकिपुर में किए गए इन वादों को जमीन पर लागू करने में वह कितने सफल होते हैं.