UP: अयोध्या के बाद अब श्री कृष्ण जन्मभूमि की बारी, योगी सरकार का फैसला, ब्रज के कायाकल्प के लिए खर्च होंगे 16000 करोड़
राधा-कृष्ण की लीला स्थली में 84 कोसीय परिक्रमा मार्ग के विकास की योजना स्वीकृत की गई है. इसका DPR बनाने का कार्य प्रगति पर है. योजना की अनुमानित लागत 9000 करोड़ रुपये है.
लखनऊ, 26 अगस्त: उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) कान्हा के ब्रज में 16000 करोड़ से कायाकल्प कराने जा रही है. इससे ब्रज का परिक्रमा मार्ग शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर की नजीर बनने जा रहा है. Good Decision: आटे को लेकर मोदी सरकार का ये फैसला घर की महिलाओं को खुश कर देगा, बजट पर होगा सकारात्मक असर
सरकार की मंशा के अनुरूप भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा राधा-कृष्ण की लीला स्थली में 84 कोसीय परिक्रमा मार्ग के विकास की योजना स्वीकृत की गई है. इसका डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) बनाने का कार्य प्रगति पर है. योजना की अनुमानित लागत 9000 करोड़ रुपये है. इसी तरह भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा मथुरा-वृंदावन बाईपास परियोजना को भी मंजूरी प्रदान की गई है. इसका भी डीपीआर बनाने का कार्य प्रगति पर है. योजना की अनुमानित लागत करीब 6100 करोड़ रुपये है.
सरकार से मिली जानकारी के अनुसार देश-विदेश के श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए मथुरा से वृंदावन को जोड़ने वाली 12.8 किमी रेल लाइन का पुनर्विकास किया जाना भी प्रस्तावित है. इसकी अनुमानित लागत 850 करोड़ रुपये है. रेल लैण्ड डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है.
मान्यता है कि ब्रज भूमि पर परिक्रमा लगाने से एक-एक कदम पर जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं. सनातनी शास्त्रों में यह भी कहा गया है कि इस परिक्रमा के करने वालों को एक-एक कदम पर अश्वमेध यज्ञ का फल मिलता है. साथ ही जो व्यक्ति इस परिक्रमा को लगाता है, उस व्यक्ति को निश्चित ही मोक्ष की प्राप्ति होती है. इसके महात्म्य का वर्णन वेदों एवं पुराणों में भी मिलता है. गर्ग संहिता में यह आख्यान मिलता है कि यशोदा मैया और नंदबाबा ने एक बार भगवान श्रीकृष्ण से चार धाम की यात्रा की इच्छा जाहिर की. उनकी अधिक हो चुकी आयु के ²ष्टिगत प्रभु ने सभी तीर्थों व चारों धामों का आह्वान कर उन्हें ब्रज के 84 कोस की भूमि के दायरे में प्रतिष्ठित कर दिया.
मैया यशोदा और नंदबाबा ने 84 कोसीय परिक्रमा कर आत्मीय संतुष्टि को प्राप्त किया. तभी से ब्रज में 84 कोस की परिक्रमा की शुरूआत मानी जाती है. करीब 268 किलोमीटर की यह परिक्रमा उत्तर प्रदेश के अलावा राजस्थान एवं हरियाणा से होकर गुजरती है. वाराह पुराण के अनुसार धरती के 66 अरब तीर्थ चातुर्मास में ब्रज क्षेत्र में निवास करते हैं. लिहाजा इसकी परिक्रमा करने वालों को 84 लाख योनियों से मुक्ति मिल जाती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 26, 2022 06:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

