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Sonia Gandhi vs Mamata Banerjee: क्या ममता बनर्जी को चेकमेट करने खुद मैदान में उतरी सोनिया गांधी? विपक्ष के 'बॉस' की है लड़ाई

तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के बगावती तेवर देख सोनिया गांधी अब खुद विपक्ष को एकत्र रखने के लिए मैदान में उतर चुकीं हैं. मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ पर विपक्षी दल के नेताओं की अहम बैठक हुई. जिसके बाद उन्होंने विपक्षी दलों के एकजुट होने की बात कही थी. हालांकि इस बैठक में न तो ममता बनर्जी को और न ही आम आदमी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को बुलाया गया.

Sonia Gandhi vs Mamata Banerjee: क्या ममता बनर्जी को चेकमेट करने खुद मैदान में उतरी सोनिया गांधी? विपक्ष के 'बॉस' की है लड़ाई

नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के बगावती तेवर देख सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) अब खुद विपक्ष को एकत्र रखने के लिए मैदान में उतर चुकीं हैं. इसी क्रम में मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ पर विपक्षी दल के नेताओं की अहम बैठक हुई. जिसके बाद उन्होंने विपक्षी दलों के एकजुट होने की बात कही थी. हालांकि इस बैठक में न तो ममता बनर्जी को और न ही आम आदमी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को बुलाया गया. ममता बनर्जी ने तेज किया कांग्रेस मुक्त विपक्ष का अभियान, शरद पवार से मिलने के बाद राहुल गांधी और UPA को लेकर कही बड़ी बात

सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई इस बिठाक में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार, नेशनल कान्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, शिवसेना सांसद संजय राउत, डीएमके सांसद टीआर बालू, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी सहित कई अन्य नेता मौजूद रहे. बताया जा रहा है कि बैठक में भविष्य में विपक्ष की रणनीति को लेकर मंथन किया गया.

इस बैठक के बाद शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि ये विपक्ष एकता की बैठक थी. विपक्ष एकता पर बात हुई. यह पहला ऐसा ग्रुप है. भविष्य में और ऐसे कई अन्य ग्रुप बनाए जाएंगे. हमने संसद की कार्यवाही के बारे में चर्चा की. हम माफी नहीं मांगेंगे. राज्यों में मिल कर काम करेंगे.

वहीं नेशनल कांफ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने बैठक से बाहर आ कर कहा, विपक्ष की एकता पर बात हुई. देश की समस्याओं पर चर्चा हुई. यूपीए और अधिक मजबूत होगा. कैसे इकट्ठा काम कर सकते हैं? कैसे इस मुल्क को मुश्किलों से निकाल सकते हैं? इसको लेकर हम सभी नेताओं ने चर्चा की. वहीं टीआर बालू ने बैठक के बाद कहा कि विपक्ष की एकता पर बात हुई है. इसी पर जोर दिया गया.

गौरतलब है कि सोनिया गांधी की संसदीय रणनीति की ये बैठक तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी के जवाब में हुई, उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि यूपीए नहीं है. इसी महीने मुंबई दौरे पर आयीं बनर्जी ने कहा था कि अब कोई यूपीए (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) नहीं बचा है. ममता ने हालांकि सभी समान विचारधारा वाले विपक्षी दलों से एकजुट होकर 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी से लड़ने का आह्वान भी किया. इस दौरान उन्होंने एनसीपी प्रमुख शरद पवार, शिवसेना सांसद संजय राउत और उद्धव ठाकरे के बेटे और राज्य में मंत्री आदित्य ठाकरे से भी मुलाकात की. हालांकि उन्होंने राज्य के किसी कांग्रेसी नेता से मुलाकात नहीं की.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 15, 2021 05:01 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).