कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा- राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को बख्शेंगे नहीं
केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि लोकतंत्र में सभी को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है, मगर देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.
केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि लोकतंत्र में सभी को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है, मगर देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. इंद्रप्रस्थ विश्व हिंदू परिषद की ओर से रविवार को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर आयोजित 'संभ्रम से सच की ओर' संवाद में उन्होंने विहिप की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि विहिप पड़ोसी तीन देशों में अत्याचार के शिकार अल्पसंख्यकों के हितों और कल्याण में बरसों से लगी हुई है. पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए शरणार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "अब आपके दुख के बादल छंट गए हैं और आप भारत में इज्जत के साथ सिर ऊंचा करके रहो, भारत तुम्हारे साथ खड़ा है."
कानून मंत्री ने कहा कि तीन पड़ोसी इस्लामिक देशों में गैर मुस्लिमों पर अमानवीय जुल्म ढाए गए. दुखी होकर वे भारत आए, इन लोगों को नागरिकता देने का विरोध और रोहिंग्या की चिंता कर रहे लोग विशुद्ध रूप से वोटबैंक की राजनीति कर रहे हैं. नागरिकता संशोधन अधिनियम किसी भारतीय नागरिक की नागरिकता नहीं छीन रहा है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन और विरोध का अधिकार सबको है, लेकिन भारत की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा. कानून मंत्री ने इस दौरान पाकिस्तान में अत्याचार का शिकार होकर आए हिंदू परिवार की बच्ची नागरिकता को मां आरती के साथ मंच पर बुलाकर चुनरी ओढ़ाकर कन्या के रूप में सम्मान किया.
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दिल्ली के सिरी फोर्ट सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में तीनों देशों से आए शरणार्थियों के परिवार के लोग जुटे. उत्साह में वे बीच-बीच में 'जय श्री राम' और 'मोदी है तो मुमकिन है' के नारे लगाते रहे. विश्व हिंदू परिषद के कार्याध्यक्ष एडवोकेट आलोक कुमार ने कहा कि तीन पड़ोसी मुस्लिम देशों से प्रताड़ित होकर भारत आए शरणागतों को भारतीय नागरिकता देना अटल निर्णय है, इसको बदलेंगे नहीं. यदि इसका विरोध करने वालों ने हिंसा करने का मन बना ही लिया है तो भारत सरकार और समाज दोनों ही इसका सामना करने में सक्षम हैं.
विहिप के विश्व समन्वय विभाग को देखने वाले केंद्रीय मंत्री प्रशांत हरतालकर ने बताया कि अफगानिस्तान में अब केवल पांच सौ सिख बचे हैं. उनको भी एक दिन भारत आना ही पड़ेगा. सभागार में उपस्थित सभी शरणार्थियों का अभिनंदन करते हुए उन्होंने कहा कि अब उन्हें नागरिकता का जो अधिकार मिला है, ये अपने साथ बहुत सारे कर्तव्य भी लेकर आया है. उन्हें भारत के प्रति अपना कर्तव्य भी निभाना है.
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इंद्रेश कुमार ने गत 1500 वर्षो के इतिहास का वर्णन करते हुए कहा, "हमने विदेशों से आए अनेक धर्मावलंबियों व मत-मतांतर के लोगों को शरण, सहायता व सहोदर के भाव के साथ अंगीकार किया, मगर आज बड़ा दुर्भाग्य है कि कुछ लोग मात्र अपने राजनैतिक स्वार्थ सिद्धि के लिए पीड़ितों को न्याय देने का भी विरोध कर रहे हैं. भगवान उनको सद्बुद्धि प्रदान करें." इस मौके पर विहिप (दिल्ली) के उपाध्यक्ष सुरेंद्र गुप्ता, महामंडलेश्वर स्वामी प्रज्ञानंद महाराज, राकेश गुप्ता, विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने भी संबोधित किया.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 05, 2020 11:44 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

