नरेंद्र मोदी एप पर बनेगा 'बुक कॉर्नर', प्रधानमंत्री ने नाम सुझाने को कहा
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘क्यों ना हम नरेन्द्र मोदी एप पर एक स्थायी पुस्तक कार्नर ही बना दें और जब भी हम नई किताब पढ़ें, उसके बारे में वहाँ लिखें, चर्चा करें और आप हमारे इस पुस्तक कार्नर के लिए, कोई अच्छा सा नाम भी सुझा कर सकते हैं.’’
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने पुस्तक पढ़ने के महत्व को रेखांकित करते हुए नरेन्द्र मोदी एप (Narendra Modi App) पर एक स्थायी ‘पुस्तक कॉर्नर’ (Book Corner) बनाने का विचार व्यक्त किया और लोगों से इस पुस्तक कार्नर के लिये नाम सुझाने को कहा. आकाशवाणी पर प्रसारित ‘मन की बात’ (Mann Ki Baat) कार्यक्रम में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली बार प्रेमचंद जी की कहानियों की एक पुस्तक पर चर्चा के दौरान हमने तय किया था कि जो भी किताब पढ़ें, उसके बारे में कुछ बातें ‘नरेन्द्र मोदी एप’ के माध्यम से सबके साथ साझा करें. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘क्यों ना हम नरेन्द्र मोदी एप पर एक स्थायी पुस्तक कार्नर ही बना दें और जब भी हम नई किताब पढ़ें, उसके बारे में वहाँ लिखें, चर्चा करें और आप हमारे इस पुस्तक कार्नर के लिए, कोई अच्छा सा नाम भी सुझा कर सकते हैं.’’
उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि यह पुस्तक कार्नर पाठकों और लेखकों के लिए, एक सक्रिय मंच बन जाये. आप पढ़ते-लिखते रहें और ‘मन की बात’के सारे साथियों के साथ साझा भी करते रहें. मोदी ने कहा, ‘‘ मैं देख रहा था कि बड़ी संख्या में लोगों ने अनेक प्रकार की पुस्तकों की जानकारी साझा की हैं. मुझे अच्छा लगा कि लोग विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवोन्मेष, इतिहास, संस्कृति, कारोबार, जीवन चरित्र, ऐसे कई विषयों पर लिखी गयी किताबों पर चर्चा कर रहे हैं. कुछ लोगों ने तो मुझे यह भी सलाह दी है कि मैं कई और पुस्तकों के बारे में बात करूँ. ठीक है, मैं जरुर कुछ और पुस्तकों के बारे में आपसे बात करूँगा.’’ यह भी पढ़ें- मन की बात: पीएम मोदी बोले-चंद्रयान-2 की तस्वीरों ने गौरव से भर दिया, जल नीति के लिए काम कर रही है सरकार
उन्होंने कहा कि लेकिन एक बात मुझे स्वीकारनी होगी कि अब मैं बहुत ज्यादा किताब पढ़ने में समय नहीं दे पा रहा हूँ. लेकिन एक फायदा जरुर हुआ है, कि आप लोग जो लिख करके भेजते हैं तो कई किताबों के विषय में मुझे जानने का जरूर अवसर मिल रहा है. लेकिन ये जो, पिछले एक महीने का अनुभव है, उससे मुझे लगता है कि इसको हमें आगे बढ़ाना है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 28, 2019 05:23 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

