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Maharashtra Politics: शिंदे-फडणवीस ने अपने निर्दलीय समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद सुलह कराई

एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस ने अपने निर्दलीय समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद हस्तक्षेप किया और आखिरकार सोमवार को यहां सुलह करवा दी.

Maharashtra Politics: शिंदे-फडणवीस ने अपने निर्दलीय समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद सुलह कराई
सीएम एकनाथ शिंदे, डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस, (Photo Credit : Twitter)

मुंबई, 31 अक्टूबर: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने अपने निर्दलीय समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद हस्तक्षेप किया और आखिरकार सोमवार को यहां सुलह करवा दी. निर्दलीय विधायक बच्चू कडू, जो प्रहार जनशक्ति पार्टी के संस्थापक हैं और युवा स्वाभिमान पार्टी के रवि राणा - दोनों अमरावती के रहने वाले हैं, के बीच विवाद एक ऐसे बिंदु पर आ गया, जब बच्चू कडू ने शिंदे सरकार से समर्थन वापस लेने की धमकी तक दे दी. शिंदे-फडणवीस ने मध्यस्थता कर रवि राणा से कुछ आरोप वापस लेने के लिए कहा. Himachal Pradesh Election: हिमाचल में बागियों पर BJP का एक्शन, 5 नेताओं को 6 साल के लिए पार्टी से निकाला

राणा ने सार्वजनिक रूप से कडू पर जून में बागी शिंदे गुट का साथ देने के लिए कथित रूप से '50 खोखा' (50 करोड़ रुपये) लेने का आरोप लगाया था. बागियों ने तत्कालीन शिवसेना में विभाजन पैदा कर महा विकास अघाड़ी सरकार गिरा दी थी.

कडू ने राणा को 1 नवंबर तक अपने आरोपों को साबित करने की चुनौती दी और शिंदे-फडणवीस को यह स्पष्ट करने के लिए अल्टीमेटम भी दिया कि क्या राणा के तर्क सही थे और चेतावनी भी दी कि स्पष्ट नहीं करने पर सरकार के लिए गंभीर परिणाम हो सकते हैं.

शिंदे ने कहा कि चूंकि दोनों एक ही जिले से हैं, इसलिए स्थानीय मुद्दे थे, जिन्हें सुलझा लिया जाएगा, यहां तक कि कडू और राणा ने मुंबई में स्वतंत्र रूप से सीएम और डिप्टी सीएम से मुलाकात की.

बैठक के बाद राणा सामने आए और कहा, "मैं अपना बयान वापस लेता हूं. कडू को भी ऐसा ही करना चाहिए."

हालांकि यह कहते हुए कि वह वार्ता के परिणाम से संतुष्ट हैं, कडू ने कहा कि वह मंगलवार को अपने समर्थकों से परामर्श करने के बाद ही इस मामले में निर्णय लेंगे.

शिंदे ने कहा कि सभी बागी और अन्य निर्दलीय विधायक दोषसिद्धि के कारण उनके साथ आए थे, जबकि फडणवीस ने इसका समर्थन करते हुए कहा कि कडू गुवाहाटी गए थे, जब उन्होंने उन्हें सिर्फ एक बार फोन किया था.

फिलहाल मामला शांत हो गया है और राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि कडू मंगलवार तक राणा के साथ समझौते को स्वीकार करने के लिए भी आ सकते हैं.

संयोग से, कडू उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली एमवीए सरकार में मंत्री थे और बागी गुट में शामिल होने वाले शुरुआती लोगों में से हैं, जबकि राणा और उनकी पत्नी, सांसद नवनीर कौर-राणा अप्रैल 2022 में ठाकरे के निजी आवास के बाहर हनुमान चालीसा पाठ करने की बात कहकर सुर्खियों में आ गई थीं.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 31, 2022 10:49 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).