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लोकसभा चुनाव 2019: बिहार के पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र में कसौटी पर हैं 'सहानुभूति' और 'विकास मॉडल'

बिहार की राजधानी पटना की पाटलिपुत्र संसदीय क्षेत्र में वैसे तो कई चुनावी मुद्दे हैं, लेकिन इस चुनाव में यहां मतदाताओं की कसौटी पर 'सहानुभूति' और 'विकास मॉडल' ही नजर आ रहे हैं...

लोकसभा चुनाव 2019: बिहार के पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र में कसौटी पर हैं 'सहानुभूति' और 'विकास मॉडल'
रामकृपाल यादव और मीसा भारती (Photo Credits: Facebook)

पटना:  बिहार की राजधानी पटना की पाटलिपुत्र संसदीय क्षेत्र में वैसे तो कई चुनावी मुद्दे हैं, लेकिन इस चुनाव में यहां मतदाताओं की कसौटी पर 'सहानुभूति' और 'विकास मॉडल' ही नजर आ रहे हैं. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अध्यक्ष लालू प्रसाद (Lalu Prasad) की पुत्री व राज्यसभा सांसद डा़ॅ मीसा भारती दूसरी बार केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव के खिलाफ लड़ रही हैं. यही कारण है कि भाजपा और राजद के लिए यह सीट प्रतिष्ठा की सीट बन गई है.

पाटलिपुत्र संसदीय क्षेत्र में दानापुर, मनेर, फुलवारी, मसौढ़ी, पालीगंज और विक्रम विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं. यह संसदीय क्षेत्र मुख्यरूप से ग्रामीण क्षेत्र है, लेकिन शहरी मुद्दे भी यहां हावी रहते हैं. वर्तमान समय में पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र के तहत चार विधानसभा पर राजद और कांग्रेस का कब्जा है, जबकि दो पर राजग के विधायक हैं. पिछले लोकसभा चुनाव में राजद को छोड़कर भाजपा का दामन थामे रामकृपाल ने मीसा भारती को हराया था.

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उस चुनाव में रामपाल यादव को 3,83,262 वोट मिले थे जो कुल वोट का 39.16 प्रतिशत था, जबकि राजद प्रत्याशी मीसा भारती को 3,42,940 (35. 04 प्रतिशत) वोटों से संतोष करना पड़ा था. तीसरे स्थान पर जद (यू) के रंजन प्रसाद यादव को 2014 के चुनाव में 97,228 वोट मिले थे, जबकि भाकपा (माले) के प्रत्याशी रामेश्वर प्रसाद को 51,623 वोट मिले थे.

इस चुनाव में पाटलिपुत्र का सियासी परिदृश्य बदला है. जद (यू) और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) जहां भाजपा के साथ है, वहीं भाकपा (माले), कांग्रेस सहित कई अन्य छोटी पार्टियां इस सीट पर राजद के समर्थन में हैं. पटना कॉलेज के पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर एऩ क़े चौधरी कहते हैं, "रामकृपाल का व्यक्तित्व और कृत्य अव्वल है तो मीसा भारती के पास मात्र उनके पिता लालू प्रसाद का व्यक्तित्व है.

ये दीगर बात है कि लालू प्रसाद के जेल में रहने के कारण उनके साथ जुड़ी सहानुभूति की लहर को उभारने की राजद द्वारा लगातार कोशिश की जा रही है. हालांकि समाज के सामने निर्णय करना अभी बड़ी चुनौती है." चौधरी कहते हैं कि पाटलिपुत्र में मोदी के विकास मॉडल और लालू के सहानुभूति का मुकाबला होना तय है. पटना के वरिष्ठ पत्रकार नलिन वर्मा कहते हैं कि पाटलिपुत्र में मुकाबला कांटे का है. विश्व के प्रचाीनतम नगरों में शुमार रखने वाले इस क्षेत्र में प्राचीन काल से सर्वप्रमुख सता और व्यापारिक केंद्र रहा है.

चुनाव प्रचार में हरेक प्रत्याशी पूरी ताकत लगा चुका है, मगर मतदाता अभी खुलकर कुछ भी नहीं बोल रहे हैं. आंकड़ों के अनुसार 19 लाख से ज्यादा मतदाताओं वाले इस संसदीय क्षत्र में एक अनुमान के मुताबिक यादव मतदाताओं की संख्या 25 से 30 प्रतिशत है, जबकि इतनी ही संख्या सवर्ण मतदाताओं की भी है. ऐसे में मुकाबला कांटे का माना जा रहा है.

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वरिष्ठ पत्रकार संतोष सिंह यहां की राजनीति को समझाते हुए बताते हैं कि पिछले चुनाव में जद (यू) को मिला वोट अगर भाजपा के उम्मीदवार को और भाकपा (माले) को मिला मत राजद के पक्ष में जाएगा, तब मुकाबला कांटे का और दिलचस्प बना हुआ है. लालू के सहानुभूति के संबंध में पूछे जाने पर कहते हैं, "ऐसा मुझे नहीं लगता. यहां मुख्यरूप से जाति के आधार पर वोट बंटेंगे. यादव प्रारंभ से ही राजद का वोटबैंक रहा है, जबकि इस क्षेत्र में यादव के वोटों का बंटवारा होगा. सवर्ण मतदाताओं का वोट राजग के पक्ष में आने की पूरी उम्मीद है. वैसे, दोनों गठबंधनों को अपने वोट बैंक को दूसरे दलों में शिफ्ट करना चुनौती है."

इधर, राजग के प्रत्याशी रामकृपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रथ पर सवार सफलता से दिल्ली तक पहुंचने की बात कर रहे हैं. वे कहते हैं कि देश को मजबूत बनाने और बिहार से लेकर देश तक में गरीबों तक विकास पहुंचाने वाले मोदी को सभी वर्ग के लोग फिर से प्रधानमंत्री बनाना चाह रहे हैं, ऐसे में सभी लोग भाजपा के साथ खड़े हैं. प्रचार पर निकली राजद उम्मीदवार मीसा कहती हैं कि इस क्षेत्र की जनता अपने नेता लालू प्रसाद के अपामन का बदला लेने के लिए वोट करेंगे. उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में महागठबंधन की हवा है.

इस क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी चुनावी जनसभा कर चुके हैं. मीसा के साथ उनकी मां और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी क्षेत्र का सघन दौरा कर रही हैं और लालू के साथ हुए कथित अन्याय के विरुद्ध लोगों से वोट मांग रही हैं. इस क्षेत्र में लोकसभा चुनाव के सातवें और अंतिम चरण में 19 मई को मतदान होना है, जबकि मतगणना 23 मई को होगा.

(The above story first appeared on LatestLY on May 17, 2019 09:01 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).