राजनीति

इमरान खान और उनकी पत्नी को 14 साल कैद की सजा

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा को अल कादिर ट्रस्ट मामले में दोषी करार दिया गया है.

इमरान खान और उनकी पत्नी को 14 साल  कैद की सजा
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा को अल कादिर ट्रस्ट मामले में दोषी करार दिया गया है. हालांकि इमरान खान ने इसे अपने खिलाफ साजिश बताया है.पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को अल-कादिर ट्रस्ट मामले में दोषी करार कर दिया गया है. यह मामला 24 करोड़ अमेरिकी डॉलर की धोखाधड़ी से जुड़ा है.

इमरान के खिलाफ मामला क्या था

खान को लगभग 200 मामलों के आरोप में अगस्त 2023 से हिरासत में रखा गया है . उनकी पार्टी का दावा है कि अभी मिली सजा उन पर चुप रहने का दबाव बनाने के लिए दी जा रही है. इमरान खान पर आरोप है कि प्रधानमंत्री रहते हुए उन्होंने काले धन के बदले में एक रियल एस्टेट कारोबारी से उपहार के तौर पर जमीन स्वीकारी थी. इस मामले में उनकी पत्नी बुशरा बीबी को भी आरोपी बनाया गया है.

इमरान और बुशरा के खिलाफ यह मामला दिसंबर, 2023 में शुरू हुआ था, जब नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (नैब) ने उन दोनों के खिलाफ अल-कादिर यूनिवर्सिटी ट्रस्ट से जुड़े भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था. दोनों पर बहरिया टाउन, कराची की जमीन के भुगतान के लिए काले धन का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया. इमरान और बुशरा बीबी ने कथित तौर पर बहरिया टाउन लिमिटेड से अरबों रुपए और सैकड़ों कनाल की जमीन हासिल की ताकि काले धन को वैध बनाया जा सके.

इमरान खान तो पहले ही जेल में थे. फैसला आने के बाद बुशरा बीबी को भी हिरासत में ले लिया गया. इससे पहले वह भ्रष्टाचार के एक और मामले में जेल की सजा काट चुकी हैं. बाद में उन्हें अक्टूबर में एक अदालत से जमानत पर रिहा कर दिया गया था. उन्होंने हाल ही में अपने पति की रिहाई की मांग कर एक रैली भी निकाली थी.

इमरान खान को अप्रैल 2022 में संसद में अविश्वास मत के कारण बाहर का रास्ता देखना पड़ा था. उन्हें पहले तीन अलग-अलग फैसलों में भ्रष्टाचार, खुफिया जानकारी साझा करने और विवाह कानूनों का उल्लंघन करने के आरोप में दोषी ठहराया गया था और इसके चलते उन्हें 10, 14 और 7 साल की सजा सुनाई गई थी. पाकिस्तानी कानून के तहत सभी सजाएं साथ चलेंगी.

एक तरफ साजिश दूसरी तरफ पक्के सबूत

डिफेंस वकील फैसल चौधरी ने समाचार एजेंसी एपी को बताया कि इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है. फैसले के तुरंत बाद खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के वकीलों ने संसद पर धरना दिया और कहा कि खान निर्दोष हैं.

पीटीआई के वरिष्ठ नेता ओमर अयूब खान ने कहा, "उन पर यह फर्जी मामला ठोका गया है और हम इसे अदालत में चुनौती देंगे.”

गुरुवार को, सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने इस्लामाबाद में कहा कि इस "मेगा भ्रष्टाचार घोटाले" में खान और उनकी पत्नी के खिलाफ "पुख्ता सबूत" थे. तरार ने कहा कि खान ने ब्रिटेन से पाकिस्तान को लौटाए गए पैसे के बारे में अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों को भी नहीं बताया था.

तरार ने यह भी दावा किया कि खान ने बिजनेस टाइकून को फायदा पहुंचाने के बाद लाहौर में एक नया आलीशान घर बनाया और वो यह बात भी नहीं बता पाए कि इतना विशाल घर बनाने के लिए उन्हें पैसे कहां से मिले.

यह फैसला तब आया जब इमरान खान की पार्टी पहले ही मौजूदा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार से इमरान खान समेत बाकी सभी पार्टियों के राजनीतिक कैदियों को रिहा करने पर चर्चा कर रही है.

एसके/एनआर (एपी)

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 17, 2025 04:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).