एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत और मंत्री संजय शिरसाट को इनकम टैक्स का नोटिस, IT ने मांगा संपत्ति का हिसाब

महाराष्ट्र में शिंदे गुट के मंत्री संजय शिरसाट और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे को आयकर विभाग ने नोटिस भेजा है. यह नोटिस उनकी संपत्ति में हुई बढ़ोतरी की जांच के सिलसिले में जारी किया गया है. नेताओं ने इसे एक सामान्य प्रक्रिया बताते हुए जांच में पूरा सहयोग करने की बात कही है.

 Income Tax Notice: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) की अगुवाई वाली शिवसेना के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. शिंदे गुट के नेता और सरकार में मंत्री संजय शिरसाट को आयकर विभाग (Income Tax Department) ने नोटिस भेजा है. खबरों के मुताबिक, सिर्फ शिरसाट ही नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे और सांसद श्रीकांत शिंदे (Shrikant Shinde) को भी नोटिस जारी किया गया है.

क्यों भेजा गया नोटिस?

संजय शिरसाट को यह नोटिस उनकी संपत्ति में हुई बढ़ोतरी के कारण भेजा गया है. इस पर शिरसाट ने मीडिया के सामने आकर अपनी बात रखी है. उन्होंने कहा है कि आयकर विभाग और दूसरी एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और इसमें कुछ भी गलत नहीं है.

शिरसाट ने बताया, "आयकर विभाग ने 2019 और 2024 के बीच मेरी संपत्ति में जो बढ़ोतरी हुई है, उस पर सफाई मांगी है. वे अपना काम कर रहे हैं. मैं इस नोटिस का जवाब दूंगा."

'किसी ने शिकायत की थी'

उन्होंने आगे कहा, "कुछ लोगों ने मेरे खिलाफ शिकायत की थी, जिसका संज्ञान लेते हुए आयकर विभाग ने यह नोटिस भेजा है. विभाग ने 9 तारीख तक जवाब देने को कहा था, लेकिन हमने और समय मांगा है. हमने कुछ भी गलत नहीं किया है. वे बस यह जानना चाहते हैं कि संपत्ति कैसे बढ़ी. हम उन्हें कानूनी तरीके से इसका जवाब देंगे."

'कोई राजनीतिक दबाव नहीं है'

जब उनसे पूछा गया कि क्या यह किसी तरह का राजनीतिक दबाव है, तो उन्होंने साफ किया, "मुझ पर किसी का कोई दबाव नहीं है. मैं यह नहीं कह रहा कि शिवसेना को दबाने की कोशिश हो रही है. एजेंसियां सिर्फ अपना काम कर रही हैं."

'यह कोई गंभीर बात नहीं है'

शिरसाट ने इस मामले को ज्यादा गंभीर न बताते हुए कहा, "यह कोई बहुत सीरियस बात नहीं है. हमने 2024 के चुनावी हलफनामे में अपनी सारी जानकारी दी थी. फिर भी अगर विभाग को कुछ और स्पष्टीकरण चाहिए, तो हम पूरा सहयोग करेंगे. श्रीकांत शिंदे को भी नोटिस आया है. नोटिस सबको आते हैं और इसका कोई राजनीतिक मतलब नहीं निकालना चाहिए."

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