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Challenge! 'पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़कर दिखाए ममता बनर्जी', कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने दी चुनौती

अधीर रंजन चौधरी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को आगामी लोकसभा चुनाव में उनके खिलाफ चुनाव लड़ने की चुनौती दी है. चौधरी मुर्शिदाबाद जिले के बहरामपुर से 5वीं बार सांसद हैं.

Challenge! 'पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़कर दिखाए ममता बनर्जी', कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने दी चुनौती
(Photo : X)

कोलकाता: पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को आगामी लोकसभा चुनाव में उनके खिलाफ चुनाव लड़ने की चुनौती दी है. चौधरी मुर्शिदाबाद जिले के बहरामपुर से 5वीं बार सांसद हैं.

चौधरी ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में मीडियाकर्मियों से कहा कि ममता ने प्रियंका गांधी वाड्रा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनाव लड़ने का सुझाव दिया था. उनके सुझाव का हवाला देते हुए चौधरी ने कहा, ''आपने प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री के खिलाफ चुनाव लड़ने का सुझाव दिया. अब मैं आपको इस बार मेरे खिलाफ चुनाव लड़ने की चुनौती दे रहा हूं.''

उन्होंने आगे कहा, ''मैं भी देखना चाहता हूं कि आप कितनी शक्तिशाली हैं. यह मत भूलिए कि 2019 में हमने आपकी कृपा से सीटें नहीं जीती थीं.'' प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ टिप्पणी, खेड़ा के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द करने से न्यायालय का इनकार

चौधरी ने कहा कि ममता ने पश्चिम बंगाल की दो लोकसभा सीटों बहरामपुर और मालदा दक्षिण से कोई भी उम्मीदवार नहीं उतारने पर सहमति जताई है, जहां 2019 में कांग्रेस के उम्मीदवार निर्वाचित हुए थे.

उन्‍होंने कहा, "हमने उन दो निर्वाचन क्षेत्रों से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों को हराकर जीत हासिल की. हमारी जीत तृणमूल कांग्रेस या मुख्यमंत्री की कृपा से नहीं हुई थी. याद रखें कि कांग्रेस अन्य निर्वाचन क्षेत्रों से भी अपने दम पर चुनाव लड़ने में सक्षम है."

उन्होंने असम, मेघालय और गोवा में सीटों की तृणमूल की मांग का भी मजाक उड़ाया और कहा, ''याद रखें कि कांग्रेस के पास पश्चिम बंगाल में खोने के लिए कुछ नहीं है. हमारी पार्टी की राज्य इकाई सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे के साथ सीट-बंटवारे का समझौता करने की इच्छुक है.''

पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ''हालांकि, गठबंधन या सीट बंटवारे पर समझौते का अंतिम फैसला पार्टी आलाकमान का होगा. आलाकमान यह भी तय करेगा कि ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट वहां सहयोगी के तौर पर स्वीकार्य होगा या नहीं.''

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 04, 2024 11:43 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).