शरद पवार ने कहा-मोहन भागवत अयोध्या संबंधी बयानों से दे रहे हैं कुछ संकेत
उन्होंने कहा, ‘‘जिस प्रकार का बयान दिया गया है (उससे जान पड़ता है कि भागवत ने शायद) कुछ संकेत देने का प्रयास किया है. सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए. देश में रामायण या महाभारत (होने) की कोई जरूरत नहीं है.’’
मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने शायद अयोध्या मुद्दे पर अपने बयानों से कुछ संकेत देने का प्रयास किया है और सरकार को उसे गंभीरता से लेना चाहिए. पवार ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘वह (भागवत) सरकार के सलाहकार हैं। कानून व्यवस्था सुनिश्चित करना सत्ता में बैठे लोगों का कर्तव्य है.’’
उन्होंने कहा, ‘‘जिस प्रकार का बयान दिया गया है (उससे जान पड़ता है कि भागवत ने शायद) कुछ संकेत देने का प्रयास किया है. सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए. देश में रामायण या महाभारत (होने) की कोई जरूरत नहीं है.’’ यह भी पढ़े-मोहन भागवत ने राम मंदिर, मॉब लिंचिंग समेत इन प्रमुख मुद्दों पर रखी RSS की राय
बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय राजधानी में एक पुस्तक के विमोचन अवसर पर भागवत ने अयोध्या में यथाशीघ्र राममंदिर के निर्माण का आह्वान किया था और कहा था कि समाज को अतिशीघ्र न्याय मिलना चाहिए. उन्होंने कहा था कि सत्य और न्याय से वंचित करने और असत्य एवं नाइंसाफी को बढ़ावा देने से हिंसा फैलती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 21, 2018 10:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

