बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बिहार दौरे के दौरान इन मुद्दों पर होगी चर्चा
वर्ष 2015 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव के बाद शाह की यह पहली बिहार यात्रा है. हालांकि, तब और आज के समय में काफी बदलाव आ गया है.उस समय जद (यू) भाजपा से अलग महागठबंधन में था लेकिन अब भाजपा के साथ सरकार में है.
पटना. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह गुरुवार को बिहार के राजधानी पटना पहुंचने वाले हैं. शाह के बिहार दौरे के दौरान मुख्यमंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष नीतीश कुमार से सुबह के नाश्ते और रात्रि भोज में उनकी मुलाकात तय है. इन दोनों नेताओं के मुलाकात को बिहार की राजनीति के लिए अहम माना जा रहा है. संभवना व्यक्त की जा रही है कि भाजपा के सत्ता में वापसी के बाद शाह की इस बिहार यात्रा के दौरान न केवल नीतीश के जद (यू) से सीट बंटवारे पर चर्चा होगी बल्कि लोकसभा चुनाव की रणनीतियों पर भी बातचीत होने की उम्मीद है. ऐसे में शाह के इस दौरे पर न केवल बिहार के सत्ता पक्ष के नेताओं की नजर है बल्कि विपक्ष भी इन नेताओं के मुलाकात पर पैनी निगाह रखे हुए है.
वर्ष 2015 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव के बाद शाह की यह पहली बिहार यात्रा है. हालांकि, तब और आज के समय में काफी बदलाव आ गया है.उस समय जद (यू) भाजपा से अलग महागठबंधन में था लेकिन अब भाजपा के साथ सरकार में है.
वैसे, इस दौरान आगामी चुनावों को लेकर भाजपा और जद (यू) के नेता सीट बंटवारे और बड़े भाई-छोटे भाई की भूमिका को लेकर आमने-सामने आते रहे हैं. दोनों दलों की बयानबाजी के दौरान जद (यू) ने यहां तक कह दिया था कि पिछले लोकसभा चुनाव के फॉमूर्ले पर चलते हुए उन्हें 40 में से 25 सीट लड़ने के लिए मिलनी चाहिए। जद (यू) ने यह भी कह दिया है कि अगर भाजपा नहीं मानती है, तो वह 40 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है.
नीतीश कुमार ने हालांकि सोमवार को भी यह बात स्पष्ट कर दिया है कि जद (यू) और भाजपा के बीच में बड़ा भाई बनने की होड़ का कोई सवाल ही नहीं उठता है. नीतीश ने यह भी कहा था कि दोनों दलों के बीच सीटों के तालमेल को लेकर जो बयानबाजी हो रही थी वह बेमतलब है और जब चुनाव की तारीख पास आएगी, तो दोनों दलों के आला नेता बैठकर इस मुद्दे पर बातचीत करेंगे और मामले का निपटारा कर लेंगे.
उल्लेखनीय है कि पिछले लोकसभा चुनाव में जद (यू) अकेले चुनाव मैदान में उतरी थी और उसे मात्र दो सीटों पर ही संतोष करना पड़ा था जबकि भाजपा को बिहार की 40 में से 22 सीटें मिली थीं. वहीं, सहयोगी दलों लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) को क्रमश: छह और तीन सीटें मिली थीं. ऐसे में आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर रालोसपा ने भी अधिक सीट पर दावेदारी कर रखी है.
इधर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय ने कहा कि सीट बंटवारा कोई बड़ा मुद्दा नहीं है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल सभी दलों के जब दिल मिल गए हैं, तो सीट भी समय आने पर बंट जाएगा.
इधर, विपक्ष भी शाह के दौरे पर पैनी नजर बनाए हुए है. गौरतलब है कि राजद रालोसपा के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा को कई मौके पर महागठबंधन में शामिल होने का न्योता दे चुका है.
राजग के घटक दलों में सीट बंटवारे को लेकर संभावित झगड़े को लेकर राजद, कांग्रेस के नेता उत्साहित हैं. राजद के उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह ने भविष्यवाणी भी कर दी है कि लोजपा और रालोसपा दोनों महागठबंधन में शामिल होने वाले हैं. बातचीत हो चुकी है। हालांकि, रघुवंश के बयान को पासवान ने खारिज कर दिया है. ऐसे में तय है कि राजग में सीट बंटवारे के तय फॉमूर्ले से नाराज दल नए ठिकाने खोजेंगे.
बहरहाल, शाह गुरुवार को सुबह करीब 10 बजे पटना पहुंचेंगे और शुक्रवार को सुबह दिल्ली वापस लौट जाएंगे। इस दौरान वे विभिन्न बैठकों में भाग लेंगे.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 11, 2018 04:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

