राजनीति

एएफडी ने जर्मन खुफिया एजेंसी को चेतावनी दी

जर्मनी की धुर-दक्षिणपंथी पार्टी एएफडी ने जर्मन घरेलू खुफिया एजेंसी को चेतावनी दी है.

एएफडी ने जर्मन खुफिया एजेंसी को चेतावनी दी
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

जर्मनी की धुर-दक्षिणपंथी पार्टी एएफडी ने जर्मन घरेलू खुफिया एजेंसी को चेतावनी दी है. पार्टी ने कहा है कि जर्मन घरेलू खुफिया एजेंसी के प्रमुख के बयानों से उसे राजनीतिक नुकसान हो रहा है.समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक, एएफडी पार्टी ने अपने वकील के जरिए घरेलू खुफिया एजेंसी के प्रमुख थॉमस हाल्डेनवांग के खिलाफ गृह मंत्रालय में शिकायत दर्ज की है. एएफडी ने हाल्डेनवांग को एक चेतावनी वाला पत्र भेजने के साथ ही संघीय संविधान संरक्षण कार्यालय को एक वकील के माध्यम से नोटिस भेजा है.

ये दोनों पत्र जून में 2022 घरेलू खुफिया रिपोर्ट के प्रकाशन के संबंध में हाल्डेनवांग द्वारा दिए गए बयानों के बारे में हैं. एएफडी के अध्यक्ष एलिस वाइडेल और टीनो क्रुपाला ने कहा कि उनके विचार में हाल्डेनवांग ने "एएफडी के खिलाफ चुनावी सिफारिश" की थी.

खुफिया एजेंसी के प्रमुख ने कहा था कि एएफडी के कुछ धड़े, "सभी प्रकार के अल्पसंख्यकों के खिलाफ नफरत और आंदोलन फैलाते हैं. हम देखते हैं कि एएफडी के कुछ हिस्सों में यहूदी-विरोधी दृष्टिकोण का भी प्रतिनिधित्व किया जाता है और एएफडी के कुछ हिस्से भी मॉस्को से बहुत प्रभावित हैं और वर्तमान में जर्मनी में रूसी नैरेटिव फैला रहे हैं... परिस्थितियां हैं जिन्हें जर्मन मतदाताओं को भी अपना निर्णय लेते समय ध्यान में रखना चाहिए."

सोमवार को पूछे जाने पर जर्मन गृह मंत्रालय ने शिकायत पर कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया. संघीय संविधान संरक्षण कार्यालय के एक प्रवक्ता ने एएफडी की ओर से पत्र मिलने की पुष्टि की है. घरेलू खुफिया एजेंसी परजर्मनी में दक्षिणपंथीऔर वामपंथी चरमपंथियों द्वारा संविधान विरोधी गतिविधियों की निगरानी और विश्लेषण करने और अन्य देशों द्वारा जासूसी गतिविधियों को रोकने की जिम्मेदारी है.

कानून के अनुसार, घरेलू खुफिया सेवा का काम जनता को "उन प्रयासों के बारे में सूचित करना है जो स्वतंत्र लोकतांत्रिक बुनियादी व्यवस्था, संघ या संघीय राज्य के अस्तित्व या सुरक्षा के खिलाफ हैं, या उनका उद्देश्य गैरकानूनी है जो संघ या राज्य या उनके सदस्यों के संवैधानिक अंगों के आधिकारिक आचरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं. इसके लिए जरूरी यह है कि "पर्याप्त रूप से महत्वपूर्ण तथ्यात्मक संकेत हों."

उग्र दक्षिणपंथ के एक संदिग्ध मामले के रूप में संविधान संरक्षण कार्यालय द्वारा एएफडीकी निगरानी की जा रही है. मार्च 2022 में कोलोन प्रशासनिक न्यायालय द्वारा एक संदिग्ध मामले के रूप में क्लासिफिकेशन की पुष्टि की गई थी. एएफडी ने फैसले के खिलाफ अपील की है. यह मामला अभी भी अदालत में विचाराधीन है.

पीवाई/एनआर (डीपीए)

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 05, 2023 08:20 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).