समाजवादी पार्टी के बड़े नेता आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम खान की मुश्किलें फिर से बढ़ गई हैं. सरकार ने उन्हें 4 करोड़ 64 लाख रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया है. ये पैसे वसूलने के लिए रामपुर के कलेक्टर ऑफिस से एक सख्त नोटिस भी जारी हो गया है, जिसे 'आरसी' कहते हैं.
आखिर ये पूरा मामला क्या है?
चलिए इसे एकदम आसान भाषा में समझते हैं.
जब भी कोई व्यक्ति कोई जमीन या प्रॉपर्टी खरीदता है, तो उसे सरकार को एक फीस चुकानी पड़ती है, जिसे 'स्टाम्प ड्यूटी' कहते हैं. ये प्रॉपर्टी की सरकारी कीमत (सर्किल रेट) के हिसाब से तय होती है.
अब्दुल्ला आजम ने रामपुर के बेजिल घाटमपुर इलाके में कुछ जमीन खरीदी थी. उन पर आरोप है कि उन्होंने उस जमीन के लिए जितनी स्टाम्प ड्यूटी सरकार को देनी चाहिए थी, उससे काफी कम दी. इसी को 'स्टाम्प चोरी' का मामला कहा जा रहा है.
कैसे लगा इतना बड़ा जुर्माना?
जब इस मामले की जांच हुई, तो प्रशासन ने पाया कि स्टाम्प ड्यूटी सच में कम दी गई थी. इसके बाद ये मामला जिलाधिकारी की अदालत में चला. 3 अप्रैल 2025 को अदालत ने फैसला सुनाया और अब्दुल्ला आजम पर स्टाम्प ड्यूटी की कमी और जुर्माने को मिलाकर कुल 4 करोड़ 64 लाख रुपये देने का आदेश दिया.
अब 'आरसी' जारी होने का क्या मतलब है?
अदालत के आदेश के बाद अब्दुल्ला आजम को यह रकम जमा करने के लिए समय दिया गया था. लेकिन उन्होंने यह पैसा जमा नहीं किया.
जब कोई व्यक्ति सरकार का बकाया पैसा समय पर नहीं चुकाता, तो सरकार 'आरसी' (रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी करती है. यह एक तरह का फाइनल वसूली नोटिस होता है. इसका मतलब है कि अब प्रशासन इस पैसे को वसूलने के लिए कानूनी कार्रवाई करेगा. तहसील विभाग को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वो अब्दुल्ला आजम से यह 4 करोड़ 64 लाख रुपये की रकम वसूले.
संक्षेप में कहें तो, जमीन खरीद में स्टाम्प ड्यूटी कम देने के कारण अब्दुल्ला आजम पर भारी जुर्माना लगा है. समय पर पैसा न चुकाने की वजह से अब सरकार उनसे यह रकम सख्ती से वसूलेगी.













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