सोशल मीडिया के प्यार के लिए LoC पार कर भारत आया PoK का युवक: उरी सेक्टर में सुरक्षा बलों ने किया गिरफ्तार, युवती से भी पूछताछ जारी
जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा पार कर भारतीय सीमा में दाखिल हुए पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के एक 22 वर्षीय युवक को सुरक्षा बलों ने हिरासत में लिया है. पूछताछ के दौरान युवक ने खुलासा किया कि वह सोशल मीडिया पर बनी अपनी एक महिला मित्र से मिलने के लिए इस खतरनाक रास्ते को पार कर भारत आया था. सुरक्षा एजेंसियां युवक और उरी की रहने वाली संबंधित युवती, दोनों से गहन पूछताछ कर रही हैं। इसके अलावा, उरी में ही एक अन्य घटना में सीमा पार भागने की कोशिश कर रहे तीन संदिग्धों को भी पकड़ा गया है.
श्रीनगर, 1 जून: जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के उरी सेक्टर (Uri Sector) में नियंत्रण रेखा (LoC) पर सुरक्षा बलों ने एक अनोखे मामले में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के एक 22 वर्षीय युवक को हिरासत में लिया है. अधिकारियों द्वारा सोमवार, 1 जून 2026 को दी गई जानकारी के अनुसार, यह युवक कथित तौर पर सोशल मीडिया (Social Media) के जरिए बनी अपनी एक महिला मित्र से मिलने के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुआ था. भारतीय क्षेत्र में कदम रखते ही मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों ने उसे दबोच लिया. इस अजीबोगरीब सीमा पारगमन (Border Crossing) के पीछे के वास्तविक कारणों की जांच के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तफ्तीश शुरू कर दी है. यह भी पढ़ें: Pahalgam Terror Attack Probe: पहलगाम आतंकी हमले की जांच, NIA ने आतंकियों के मोबाइल फोन की खेप का संबंध कराची के फैसल बैंक से जोड़ा
सिलिकोट इलाके में हुआ इंटरसेप्ट; पाकिस्तानी आईडी कार्ड बरामद
यह घटना रविवार सुबह उरी सेक्टर के सिलिकोट इलाके में हुई, जो एलओसी के सबसे संवेदनशील और अत्यधिक निगरानी वाले क्षेत्रों में से एक माना जाता है. सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों ने एक अज्ञात नागरिक को पाकिस्तानी सीमा की ओर से भारतीय क्षेत्र की तरफ बढ़ते हुए देखा और जैसे ही उसने नियंत्रण रेखा को पार किया, उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया.
प्रारंभिक पूछताछ के दौरान युवक ने अपनी पहचान जीशान अहमद मीर (पुत्र लाल दीन मीर) के रूप में बताई है, जो पीओके के मुजफ्फरराबाद के पैनकडी इलाके का निवासी है. अधिकारियों ने बताया कि उसके पास से एक पाकिस्तानी पहचान पत्र भी बरामद हुआ है, जिससे उसके व्यक्तिगत विवरण की पुष्टि हुई है. जीशान ने सुरक्षाकर्मियों को बताया कि वह उरी की रहने वाली इरम बानो नाम की एक युवती से मिलने आया था, जिससे उसकी मुलाकात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए हुई थी.
डिजिटल चैट की फॉरेंसिक जांच; सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
जांचकर्ताओं के अनुसार, जीशान और इरम बानो पिछले कुछ समय से ऑनलाइन संपर्क में थे और लगातार बातचीत कर रहे थे. इसी डिजिटल जुड़ाव के चलते उसने भारी सुरक्षा वाले और खतरनाक बॉर्डर को पार करने का जोखिम उठाया.
फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियों ने जीशान के साथ-साथ उरी की उस युवती को भी पूछताछ के लिए बुलाया है जिससे वह मिलने का दावा कर रहा है. अधिकारी दोनों के बीच हुए डिजिटल संचार (चैट और कॉल रिकॉर्ड) की बारीकी से समीक्षा कर रहे हैं. दोनों के बैकग्राउंड की जांच की जा रही है ताकि यह पूरी तरह सुनिश्चित किया जा सके कि इस मामले के पीछे किसी प्रकार का कोई जासूसी नेटवर्क या सुरक्षा से जुड़ा बड़ा खतरा तो शामिल नहीं है.
दूसरी घटना: पीओके भागने की कोशिश कर रहे प्रादेशिक सेना के निलंबित जवान सहित 3 गिरफ्तार
उरी सेक्टर में ही शनिवार और रविवार की दरमियानी रात को एक अन्य घटना में सुरक्षा बलों ने नियंत्रण रेखा की ओर बढ़ रहे तीन स्थानीय युवकों को सफलतापूर्वक दबोच लिया. ये तीनों युवक सोपोर के रहने वाले हैं और हथलंगा-नांबला मार्ग के जरिए अवैध रूप से पीओके (पाकिस्तान) भागने (Exfiltration) की फिराक में थे.
पकड़े गए आरोपियों की पहचान आदिल हुसैन डार, इशफाक अहमद और जाफर अहमद के रूप में हुई है. अधिकारियों ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि इनमें से एक आरोपी, आदिल हुसैन डार, प्रादेशिक सेना (Territorial Army - 161) का एक निलंबित सदस्य है. सेना ने खुफिया और तकनीकी सर्विलांस इनपुट्स के आधार पर कार्रवाई करते हुए इन तीनों को एलओसी तक पहुंचने से पहले ही धर दबोचा. उनसे यह पता लगाने के लिए पूछताछ की जा रही है कि वे सीमा पार क्यों जा रहे थे और क्या वे किसी बड़े राष्ट्रविरोधी नेटवर्क का हिस्सा हैं.
740 किलोमीटर लंबी एलओसी पर हाई-अलर्ट
ये दोनों घटनाएं ऐसे समय में सामने आई हैं जब जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा व्यवस्था को अत्यधिक कड़ा रखा गया है. लगभग 740 किलोमीटर लंबी यह नियंत्रण रेखा बारामूला, कुपवाड़ा, बांदीपोरा, पुंछ, राजौरी और जम्मू के कई हिस्सों से होकर गुजरती है.
सीमा पार से होने वाली किसी भी प्रकार की घुसपैठ, नशीले पदार्थों की तस्करी, हथियारों की सप्लाई और ड्रोन गतिविधियों को रोकने के लिए भारतीय सेना और सुरक्षा बल चौबीसों घंटे अत्याधुनिक उपकरणों से निगरानी बनाए रखते हैं. अधिकारियों का कहना है कि दोनों ही मामलों में विस्तृत सत्यापन और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी.