US-Iran Peace Deal: पीएम मोदी ने किया अमेरिका-ईरान शांति समझौते का स्वागत, कहा- पश्चिम एशिया में स्थिरता और व्यापार के लिए यह जरूरी कदम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक शांति समझौते का स्वागत किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर उम्मीद जताई कि इससे पश्चिम एशिया में शांति बहाल होगी, वैश्विक आर्थिक मंदी दूर होगी और समुद्री व्यापार को सुरक्षा मिलेगी. यह समझौता शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में साइन होगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Photo Credits: ANI)

नई दिल्ली, 15 जून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने सोमवार को पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका (US) और ईरान (Iran) के बीच राजनयिक बातचीत और शांति समझौते की पहल का स्वागत किया है. प्रधानमंत्री ने इस ऐतिहासिक कदम की सराहना करते हुए क्षेत्र में शांति और स्थिरता की जल्द बहाली और समुद्री आवागमन की स्वतंत्रता (Freedom of Navigation) सुनिश्चित करने पर जोर दिया. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर किए गए एक पोस्ट में पीएम मोदी ने रेखांकित किया कि इस संघर्ष के कारण दुनिया के कई देशों को गंभीर आर्थिक व्यवधानों और जान-माल का नुकसान उठाना पड़ा है. उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देश अंतिम और स्थायी समझौते तक पहुंचने के लिए शेष मुद्दों पर भी सकारात्मक रूप से आगे बढ़ेंगे. यह भी पढ़ें: PM Modi Bratislava Visit: ब्रातिस्लावा में 'वंदे मातरम' के साथ पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत; सोशल मीडिया पर VIDEO वायरल

वैश्विक अर्थव्यवस्था और शांति के लिए बड़ा कदम: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, "मैं पश्चिम एशिया में संघर्ष को समाप्त करने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच बनी इस समझ का स्वागत करता हूँ। इस संघर्ष ने दुनिया भर में गंभीर आर्थिक संकट पैदा किया और कई देशों में लोगों की जान ली."

उन्होंने आगे लिखा, "भारत उम्मीद करता है कि इस समझौते के लागू होने से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने में मदद मिलेगी. साथ ही, यह समुद्री नेविगेशन और वाणिज्य (व्यापार) की स्वतंत्रता को सुरक्षित करेगा. हम एक स्थायी अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए बचे हुए मुद्दों पर आगे की चर्चा की उम्मीद करते हैं."

पीएम मोदी ने अमेरिका-ईरान शांति समझौते का स्वागत किया

डोनाल्ड ट्रंप ने की ऐतिहासिक समझौते की घोषणा

वाशिंगटन और तेहरान के बीच इस बड़े राजनयिक बदलाव की घोषणा रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर की. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यह समझौता पश्चिम एशिया में "शांति और सुरक्षा" लाएगा और वैश्विक व्यापार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण ऊर्जा चोकपॉइंट 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) को दोबारा पूरी तरह खोलने में मदद करेगा. ट्रंप ने उत्साह जताते हुए लिखा, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ डील अब पूरी हो गई है. दुनिया के जहाजों, अपने इंजन शुरू करो। तेल को बहने दो!"

ईरान के कानूनी और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काज़ेम गरीबाबादी ने भी इस शांति समझौते की पुष्टि की है. ईरान के सरकारी मीडिया 'प्रेस टीवी' के अनुसार, गरीबाबादी ने बताया कि आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह आगामी शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद इस समझौता ज्ञापन (MoU) के पाठ को सार्वजनिक किया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान अंतिम समझौते के लिए प्रस्तावित 60 दिनों की बातचीत की अवधि में तभी शामिल होगा, जब वह यह सत्यापित कर लेगा कि अमेरिका ने दुश्मनी खत्म करने, नाकाबंदी हटाने और ईरानी संपत्तियों को जारी करने से जुड़ी अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा कर दिया है.

वैश्विक नेताओं ने जताई बड़ी उम्मीदें

इस बीच यूरोपीय संघ (EU) की नेता उर्सुला वॉन डेर लेयेन और एंटोनियो कोस्टा सहित दुनिया भर के नेताओं ने इस ऐतिहासिक शांति समझौते का स्वागत किया है. यूरोपीय नेताओं ने सभी पक्षों से इसे तेजी से और पूरी तरह से लागू करने का आग्रह किया है. उन्होंने समुद्री व्यापार की स्वतंत्रता की बहाली को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत आवश्यक बताया.

वैश्विक समुदाय इस समझौते को पश्चिम एशिया में स्थिरता बहाल करने, वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर बढ़ते दबाव को कम करने और तेहरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी चिंताओं के स्थायी समाधान की दिशा में एक दुर्लभ और बेहद महत्वपूर्ण राजनयिक शुरुआत के रूप में देख रहा है.

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