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पीएम मोदी का राहुल को जबाब- 'मैं चौकीदार नहीं भागीदार हूं इस इल्जाम को इनाम मानता हूं'

लखनऊ में केंद्र सरकार की तीन प्रमुख योजनाओं- अमृत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) और स्मार्ट सिटी परियोजना की तीसरी वर्षगांठ के मौके पर 3897 करोड़ रुपये की 99 परियोजनाओं का शिलान्यास किया

पीएम मोदी का राहुल को जबाब- 'मैं चौकीदार नहीं भागीदार हूं इस इल्जाम को इनाम मानता हूं'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (photo credit-PTI)

लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लखनऊ में केंद्र सरकार की तीन प्रमुख योजनाओं- अमृत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) और स्मार्ट सिटी परियोजना की तीसरी वर्षगांठ के मौके पर 3897 करोड़ रुपये की 99 परियोजनाओं का शिलान्यास किया और कहा कि वह देश के चौकीदार नहीं हैं, भागीदार हैं, इस इल्जाम को इनाम मानते हैं. उत्तर प्रदेश के वाराणसी से सांसद मोदी ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में इन तीनों प्रतिष्ठित योजनाओं को लेकर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विपक्ष पर वार करते हुए कहा, "आजकल मुझ पर इल्जाम लगाया जा रहा है कि मैं देश का चौकीदार नहीं हूं, भागीदार हूं. मैं इस इल्जाम को इनाम मानता हूं और मुझे गर्व है कि मैं देश के हर उस गरीब की गरीबी का भागीदार हूं, हर उस गरीब परिवार की पीड़ा का जो घर में बीमार पड़ जाने के बाद जमीन तक बेचने के लिए परेशान हो जाते हैं."

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पीएनबी घोटाले का जिक्र करते हुए नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के विदेश भाग जाने के संदर्भ में कहा था कि "मोदी कहते हैं कि वह देश के चौकीदार हैं, लेकिन उन्होंने आरोपियों को देश से भागने दिया, इसका मतलब है कि वह भी इसमें भागीदार हैं.

मोदी ने कहा, "सैनिकों के बलिदान का मैं भागीदार हूं जो सियाचिन और कारगिल जैसी हाड़ कंपाने वाली ठंड में भी हमारी सुरक्षा के लिए मर रहे हैं। मैं भागीदार हूं हर उस कोशिश का, जिससे हमारे युवाओं को हुनर और नौकरियां मिले."

प्रधानमंत्री ने कहा ,"उत्तर प्रदेश से मैं सांसद हूं। इसलिए सबसे पहले उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधि के रूप में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए लोगों का स्वागत करता हूं। देश के गरीब, बेघर भाई-बहनों के जीवन को बदलते हुए देखना, जीवन को संतोष देने वाला एक अनुभव है."

मोदी ने कहा कि यहां लगाई गई प्रदर्शनी में देशभर में चल रहे प्रोजेक्ट्स के बारे में जानकारी दी गई. कुछ शहरों को पुरकृस्त भी किया गया. कुछ लाभार्थियों को मकान की चाबियां भेंट की गईं. उनकी आंखों से जो विश्वास झलक रहा था, वह हम सबके लिए प्रेरणा है.

कार्यक्रम में विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों को भी प्रधानमंत्री ने सम्मानित किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत देश के तीन बेहतरीन शहरों कौन के अच्छे कार्यो के लिए सम्मानित किया.

उन्होंने गुड गवर्नेस के लिए पुणे को तथा इनोवेटिव आइडिया के लिए संयुक्त रूप से अहमदाबाद एवं भोपाल को और बेस्ट परफॉर्मेस सिटी के लिए सूरत को पुरस्कृत किया. इन तीनों शहरों से आए अधिकारियों ने प्रधानमंत्री के हाथों यह सम्मान ग्रहण किया.

इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के एक करोड़ ग्यारह लाख लाभार्थियों के खाते में ऑनलाइन बटन दबाकर एचडीएफसी बैंक के माध्यम से 555 करोड़ रुपये ट्रांसफर भी किए.

संबोधन से पहले प्रधानमंत्री ने आवास योजना के तहत झांसी, आगरा, बिजनौर, लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी के लाभार्थियों से वीडियो कन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधे बात की.

प्रधानमंत्री ने पूरे देश के विभिन्न राज्यों से आई 37 प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभार्थी महिलाओं से बात करते हुए उन्हें आवास योजना में आई कठिनाइयों के बारे में भी पूछा. महिलाओं ने प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। भारत के लगभग सभी राज्यों से लाभार्थी महिलाएं इस कार्यक्रम में शामिल हुईं.

मोदी ने कहा कि पिछले दो वर्षो में क्राइम रेट में काफी कमी आई है. सीसीटीवी कैमरों की निगरानी की वजह से घर एवं सार्वजनिक स्थल दोनों जगहों पर अपराध में कमी आई है। ऐसी अनेक व्यवस्थाएं काम करना शुरू कर चुकी हैं और बहुत जल्द ही स्मार्ट सिटी योजना के तहत उत्तर प्रदेश में आगरा, कानपुर, इलाहाबाद, झांसी, बरेल, मुरादाबाद एवं लखनऊ जैसे तमाम शहरों में उसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा.

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए मोदी ने कहा, "लखनऊ शहर देश के शहरी जीवन को नई दिशा देने वाले महापुरुष अटल बिहारी वाजपेयी की कर्मभूमि है. अटल जी ने जो बीड़ा उठाया था उसे प्रगति देने की ओर हमारी सरकार प्रयास कर रही है। अटल जी ने लखनऊ को देश की सफल जीवन शैली के लिए उदाहरण बनाया था। लखनऊ के इर्द-गिर्द लगभग 1000 गांवों को जोड़ने वाली सड़कें उन्हीं की देन है."

वाजपेयी ने प्रधानमंत्री रहते गुजरात में वर्ष 2002 में हुए दंगों में सैकड़ों लोगों के मारे जाने से आहत होकर वहां के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा था, "आपने राजधर्म नहीं निभाया."

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "सरकार 2022 तक हर सिर पर छत देने का काम करेगी. जब आजादी के 75 साल पूरे हों तो हिंदुस्तान में कोई ऐसा परिवार न हो, जिसके सर पर छत न हो, ऐसा हमारा संकल्प है."

उन्होंने कहा कि सिर्फ शहरों में ही नहीं गांवों में भी एक करोड़ मकान जनता को सौंपे जा चुके हैं. आज जो भी मकान दिए जा रहे हैं, वे माताओं और बहनों के नाम पर हैं, जिनमें शौचालय भी बना है, लाइट भी लगी है और सभी सुविधाएं भी मौजूद हैं.

प्रधानमंत्री के साथ गृहमंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, केशव प्रसाद मौर्य, केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव समेत तमाम अधिकारी भी मौजूद रहे.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 29, 2018 08:22 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).