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Pakistani Goree Beauty Cream: सावधान! गोरी ब्यूटी क्रीम समेत 3 ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर महाराष्ट्र में तत्काल प्रतिबंध, जांच में पारा और सीसे की खतरनाक मात्रा मिली

महाराष्ट्र अन्न व औषध प्रशासन (FDA) ने गोरी ब्यूटी क्रीम समेत तीन स्किन-लाइटनिंग क्रीम्स पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया है. प्रयोगशाला परीक्षणों में इनमें हानिकारक मात्रा में पारा (मर्करी) और सीसा (लेड) पाया गया है.

Pakistani Goree Beauty Cream: सावधान! गोरी ब्यूटी क्रीम समेत 3 ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर महाराष्ट्र में तत्काल प्रतिबंध, जांच में पारा और सीसे की खतरनाक मात्रा मिली

Pakistani Goree Beauty Cream:  महाराष्ट्र अन्न व औषध प्रशासन (FDA) ने राज्य में 'गोरी ब्यूटी क्रीम' (Goree Beauty Cream) सहित तीन लोकप्रिय स्किन-लाइटनिंग ब्यूटी क्रीम्स की बिक्री, स्टॉक और वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. सरकारी प्रयोगशाला में की गई जांच के दौरान इन कॉस्मेटिक उत्पादों में स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माने जाने वाले भारी धातुओं—पारा (Mercury) और सीसा (Lead)—की मात्रा निर्धारित सीमा से काफी अधिक पाई गई है. नियामक ने इसे 'मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं' (NSQ) घोषित करते हुए बाजार से सभी स्टॉक तुरंत वापस मंगाने (मार्केट रिकॉल) के आदेश जारी किए हैं.

उनके नाम

  1. गोरी ब्यूटी क्रीम (Goree Beauty Cream) - जो कथित तौर पर पाकिस्तानी मूल की है.

  2. फेस फ्रेश गोल्ड - ब्यूटी क्रीम + ब्यूटी सीरम (Face Fresh Gold - Beauty Cream & Beauty Serum)

  3. गोल्डन स्टार ब्यूटी क्रीम (Golden Star Beauty Cream)

प्रतिबंध के बावजूद ई-कॉमर्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिक्री जारी

एफडीए (FDA) के कड़े निर्देशों के बावजूद, ये प्रतिबंधित उत्पाद डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आसानी से उपलब्ध हैं. सीएनबीसी-टीव्ही18 (CNBC-TV18) द्वारा की गई पड़ताल में सामने आया कि नियामक के आदेश के अगले दिन यानी रविवार, 5 जुलाई 2026 को भी 'गोरी ब्यूटी क्रीम' मीशो (Meesho) जैसे बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर लिस्टेड थी और उस पर सफलतापूर्वक ऑर्डर भी स्वीकार किए जा रहे थे. इसके अलावा कई स्वतंत्र ब्यूटी वेबसाइटों, सोशल मीडिया सेलर्स और ऑनलाइन पेजों के जरिए भी इसकी धड़ल्ले से बिक्री हो रही है, जिससे इस प्रतिबंध के जमीनी क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

नियमों का उल्लंघन: पैकेजिंग से गायब थीं जरूरी जानकारियां

जांच के दौरान एफडीए ने पाया कि इन उत्पादों पर सौंदर्य प्रसाधन नियमावली (Cosmetic Regulations) का खुला उल्लंघन किया गया था. इनके पैकेट पर न तो निर्माता कंपनी का नाम और पता दर्ज था, और न ही अनिवार्य रूप से दी जाने वाली जानकारियां जैसे बैच नंबर, निर्माण की तारीख (Manufacturing Date) और समाप्ति की तिथि (Expiry Date) छपी थीं. इस वजह से यह पता लगाना बेहद मुश्किल है कि इन्हें कहां और किन परिस्थितियों में तैयार किया गया है.

भारी धातुओं से सेहत को गंभीर खतरा

चिकित्सा विशेषज्ञों और अमेरिकी एफडीए (US FDA) की चेतावनियों के मुताबिक, लंबे समय तक त्वचा पर पारा और सीसा युक्त क्रीम लगाने से ये तत्व शरीर में अवशोषित हो जाते हैं. इससे न केवल त्वचा खराब होती है, बल्कि किडनी खराब होना, तंत्रिका तंत्र (Nervous System) से जुड़े विकार, हाथों-पैरों में कंपन, शरीर का सुन्न होना, पुराना सिरदर्द, अत्यधिक थकान, अवसाद और याददाश्त कमजोर होने जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं. डॉक्टरों का यह भी कहना है कि इस क्रीम का इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति के तौलिये, कपड़ों या बिस्तर के संपर्क में आने से घर के अन्य सदस्य और बच्चे भी अनजाने में इस जहर का शिकार बन सकते हैं.

नागपुर और मुंबई में सामने आए मामले बने बड़ी वजह

हालांकि महाराष्ट्र एफडीए ने अपने आधिकारिक नोटिस में इस अचानक की गई कार्रवाई का कोई विशिष्ट कारण नहीं बताया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक यह कदम नागपुर और मुंबई में सामने आए कुछ गंभीर मामलों के बाद उठाया गया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, नागपुर में पिछले दो वर्षों के भीतर लगभग 18 महिलाओं में किडनी से संबंधित गंभीर विकार विकसित हुए थे. डॉक्टरों ने इनमें से कई मामलों को पाकिस्तान निर्मित स्किन-लाइटनिंग क्रीम से जोड़ा था, जिसके बाद एफडीए हरकत में आया. हाल ही में मुंबई पुलिस ने भी चेंबूर इलाके में भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित पाकिस्तानी सामानों को अवैध रूप से बेचने और गोरी क्रीम का स्टॉक रखने के आरोप में एक दुकानदार के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है.

खतरनाक दावों के जाल में फंस रहे उपभोक्ता

बाजार में इन खतरों के बावजूद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर इन क्रीम्स की भारी मांग देखी जा रही है. ई-कॉमर्स साइटों पर "7 दिनों में गोरापन", "चमकती त्वचा" और "अद्भुत परिणाम" जैसे भ्रामक यूजर रिव्यू और रेटिंग्स देखकर आम उपभोक्ता आसानी से इनके जाल में फंस जाते हैं. स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बिना किसी प्रामाणिक विवरण और नियामक मंजूरी के बेचे जा रहे ऐसे चमत्कारी दावों वाले उत्पादों से पूरी तरह दूरी बनानी चाहिए.

वैश्विक स्तर पर भी लग चुका है प्रतिबंध

यह पहली बार नहीं है जब इन क्रीम्स को लेकर सुरक्षा अलर्ट जारी हुआ है. इससे पहले साल 2021 में न्यूजीलैंड की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी 'मेडसेफ' (Medsafe) ने गोरी ब्यूटी क्रीम में अत्यधिक पारा और सीसा पाए जाने पर देशव्यापी चेतावनी जारी की थी. इसके बाद साल 2025 में फिलीपींस के खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने भी 'गोरी ब्यूटी किट' के उत्पादों पर नियामक मंजूरी न होने और खतरनाक केमिकल होने के कारण प्रतिबंध लगाया था. वहां की पर्यावरण संस्था 'बैन टॉक्सिक्स' (BAN Toxics) ने भी स्वतंत्र जांच में इन क्रीम्स में पारे का स्तर निर्धारित 1 पीपीएम (PPM) की सीमा से हजारों गुना अधिक पाया था.

उपभोक्ताओं के लिए एफडीए की जरूरी सलाह

महाराष्ट्र एफडीए ने आम जनता से अपील की है कि यदि वे इनमें से किसी भी उत्पाद का उपयोग कर रहे हैं, तो उसे तुरंत बंद कर दें. प्रशासन ने खरीदारों को सलाह दी है कि कोई भी सौंदर्य प्रसाधन खरीदते समय केवल अधिकृत और विश्वसनीय विक्रेताओं का ही चयन करें. सामान लेते वक्त पैकेट पर निर्माता का नाम, पूरा पता, बैच नंबर, मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट को अच्छी तरह से जांच लें. अधूरा विवरण वाले और बिना बिल के मिलने वाले कॉस्मेटिक उत्पाद आपकी सेहत के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 05, 2026 01:56 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).