Cross-Border Terrorism: 'खोखले दावों से पहले सीमा पार आतंकवाद पर ठोस एक्शन ले पाकिस्तान'; आसिम मुनीर के बयान पर भारत की दो टूक
भारत ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के आतंकवाद विरोधी बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया है कि जब तक इस्लामाबाद सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ जमीनी स्तर पर ठोस और विश्वसनीय कार्रवाई नहीं दिखाता, तब तक दुनिया उसके दावों पर कतई भरोसा नहीं करेगी. विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को साप्ताहिक ब्रीफिंग में यह दो टूक संदेश दिया.
नई दिल्ली: आतंकवाद को पनाह देने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद विरोधी होने का दिखावा करने वाले पाकिस्तान को भारत ने एक बार फिर कड़ा कूटनीतिक आईना दिखाया है. रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर द्वारा आतंकवाद को हराने के संकल्प वाले बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान केवल बयानबाजी के बजाय जमीन पर ठोस और विश्वसनीय कार्रवाई करके दिखाए.
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि इस्लामाबाद जब तक सीमा पार आतंकी ढांचे और प्रायोजित आतंकवाद पर नकेल नहीं कसता, तब तक वैश्विक समुदाय उसके किसी भी वादे को गंभीरता से नहीं लेने वाला.
"कार्रवाई और दृढ़ प्रतिबद्धता दिखाए पाकिस्तान": विदेश मंत्रालय
ETV Bharat की रिपोर्ट के अनुसार, आसिम मुनीर की पेशावर कोर मुख्यालय यात्रा के दौरान दिए गए बयानों पर पूछे गए सवाल के जवाब में रणधीर जायसवाल ने कहा:
- कथनी और करनी का अंतर: प्रवक्ता ने कहा, "पाकिस्तान को कार्रवाई और एक दृढ़ प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने की आवश्यकता है.. दुनिया उसके इरादों पर तभी विश्वास करेगी जब वह सीमा पार आतंकवाद के विरुद्ध वास्तविक और सत्यापन योग्य कार्रवाई करेगा."
- गौरतलब है कि आसिम मुनीर ने खैबर पख्तूनख्वा में बढ़ती आतंकी वारदातों के बीच पेशावर का दौरा कर दावा किया था कि पाकिस्तानी सेना देश से आतंकवाद को खत्म करने के लिए पूरी तरह दृढ़संकल्पित है,
द्वि-साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल
अफगानिस्तान पर पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक की भारत ने की कड़ी निंदा
The Tribune की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने हाल ही में अफगानिस्तान के सीमावर्ती क्षेत्रों में पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमलों की कड़े शब्दों में भर्त्सना की:
- नागरिकों की मौत पर चिंता: पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने अफगानिस्तान के कुनार और पक्तिका प्रांतों में कथित ठिकानों पर बमबारी की थी, जिसमें महिलाओं और बच्चों सहित निर्दोष नागरिकों के मारे जाने की पुष्टि हुई है.
- संप्रभुता का उल्लंघन: रणधीर जायसवाल ने कहा कि एक संप्रभु पड़ोसी देश के भूभाग पर इस तरह की आक्रामकता क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाती है.
- भारत ने दोहराया कि वह अफगानिस्तान की स्वतंत्रता, संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और वहां की जनता के कल्याण का मजबूती से समर्थन करता है.
पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर बढ़ता तनाव
पाकिस्तान और अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के बीच डूरंड रेखा पर पिछले कुछ समय से तनाव चरम पर पहुंच गया है:
- पाकिस्तान का दावा: पाकिस्तान सरकार का कहना है कि उसने विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों को निशाना बनाया और 28 आतंकियों को मार गिराया.
- अफगानिस्तान का पलटवार: वहीं, काबुल स्थित अफगान प्रशासन ने इन हमलों को अपनी क्षेत्रीय अखंडता का खुला उल्लंघन बताया है और इस बात से इनकार किया है कि अफगान धरती का उपयोग पाकिस्तान के खिलाफ आतंकी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है. संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNAMA) ने भी हमलों में नागरिकों के हताहत होने पर चिंता जताई है.
क्षेत्रीय सुरक्षा पर भारत का अडिग रुख
विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता की पहली पूर्वशर्त आतंकवाद के सुरक्षित पनाहगाहों का खात्मा है. भारत का यह कड़ा संदेश ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान अपनी आंतरिक सुरक्षा विफलताओं का ठीकरा पड़ोसी देशों पर फोड़ने और सीमा पार सैन्य आक्रामकता दिखाने का प्रयास कर रहा है. नई दिल्ली ने साफ कर दिया है कि आतंकवाद के विरुद्ध दोहरे मापदंड अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्य नहीं हैं.